क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा लेखे पर टिप्पणियों में अतिरिक्त प्रकटीकरण
भारिबैं/2014-15/150 28 जुलाई 2014 अध्यक्ष महोदय/महोदया, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा लेखे पर टिप्पणियों में अतिरिक्त प्रकटीकरण कृपया 1 अप्रैल 2014 को घोषित प्रथम द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य 2014-15 के पैरा 18 का संदर्भ लें जिसमें बैंकों को प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रति अपने एक्सपोजरों का सक्रिय रूप से प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु छोटे व्यवसायों और न्यून आयवाले परिवारों के लिए व्यापक वित्तीय सेवाओं पर गठित समिति (अध्यक्ष: डॉ नचिकेत मोर) की सिफारिशों के अनुसार कतिपय अतिरिक्त प्रकटीकरण आवश्यकताएं निर्धारित करने का प्रस्ताव किया गया था। 2. इस संबंध में बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे वित्तीय वर्ष 2014-15 से आगे अनुबंध में दिए गए फार्मेट के अनुसार वित्तीय विवरणों के ‘”लेखे पर टिप्पणियों” में क्षेत्रवार अग्रिमो को प्रकट करें।
उक्त निर्धारित फार्मेट अनुबंध में दिए गए हैं । भवदीय (ए.जी.रे) I. जमाराशि, अग्रिम, एक्सपोज़र तथा अनर्जक आस्तियों का संकेंद्रण
II। क्षेत्रवार अनर्जक आस्तियां
III. अनर्जक आस्तियों की घट-बढ़
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: