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विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाते) (सातवां संशोधन) विनियमावली, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केंद्रीय कार्यालय
मुंबई - 400 001

अधिसूचना सं.फेमा.10 (आर)(7)/2025-आरबी                                                                                     

06 अक्तूबर 2025

विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाते) (सातवां संशोधन)
विनियमावली, 2025

विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 9 और धारा 47 की उप-धारा (2) के खंड (ई) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाते) विनियमावली, 2015 (अधिसूचना सं.फेमा. 10 (आर)/2015-आरबी, दिनांक 21 जनवरी 2016) (जिसे इसके बाद ‘मूल विनियमावली’ कहा गया है) में निम्नलिखित संशोधन करता है, यथा: -

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(i) यह विनियमावली विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाते) (सातवां संशोधन) विनियमावली, 2025 कहलाएगी।
(ii) यह सरकारी राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से लागू होगी।

2. मूल विनियमावली में, विनियम 2 में, खंड (iii) के पश्चात् निम्नलिखित को अंतर्विष्ट किया जाएगा, यथा: -
“(iii-ए) “अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र” या “आईएफएससी” का वही अर्थ होगा जो अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 (2019 का 50) की धारा 3 के खंड (छ) में दिया गया है।"

3. मूल विनियमावली में, विनियम 5 में, उप विनियम (सीए) को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा, यथा:-

“(सीए). भारत में निवासी व्यक्ति, जो कि एक निर्यातक है, माल और सेवाओं के निर्यात के बदले निर्यातक द्वारा प्राप्त किए गए पूर्ण निर्यात मूल्य तथा अग्रिम विप्रेषण की वसूली के लिए भारत के बाहर किसी बैंक में विदेशी मुद्रा खाता खोल सकता है, धारण कर सकता है और बनाए रख सकता है। इस खाते में प्राप्त निधियों का उपयोग प्राप्ति के माह से –

(ए) अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में बैंक में रखे गए खातों के मामले में तीन महीने: या
(बी) अन्य सभी क्षेत्राधिकारों के लिए अगले महीने,

के अंत तक, निर्यातक द्वारा भारत में अपने आयातों के भुगतान या भावी प्रतिबद्धताओं के समायोजन के बाद भारत में प्रत्यावर्तन के उद्देश्य से किया जा सकता है, बशर्ते कि समय-समय पर यथा संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (माल और सेवाओं का निर्यात) विनियमावली, 2015, में यथा विनिर्दिष्ट वसूली और प्रत्यावर्तन संबंधी अपेक्षाएँ भी पूरी होती हों।”

4. मूल विनियमावली में, विनियम 5 के अंत में निम्नलिखित को अंतर्विष्ट किया जाएगा, यथा: -

“स्पष्टीकरण: - विनियम 5 के प्रयोजन के लिए, 'भारत के बाहर/विदेश में' खोले जाने वाले अनुमत विदेशी मुद्रा खाते अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में भी खोले जा सकते हैं।”

 

(एन. सेंथिल कुमार)
मुख्य महाप्रबंधक


फुटनोट: मूल विनियमावली भारत सरकार के सरकारी राजपत्र- असाधारण – भाग-II, खण्ड 3, उप-खण्ड (i) दिनांक 21.01.2016- जीएसआर संख्या 96 (ई), में प्रकाशित की गयी थी और इसे बाद में निम्नलिखित द्वारा संशोधित किया गया, यथा: -

अधिसूचना जीएसआर संख्या 570 (ई) दिनांक 01.06.2016
अधिसूचना जीएसआर संख्या 160 (ई) दिनांक 27.02.2019
अधिसूचना सं. फेमा 10(R)(3)/2024-आरबी, दिनांक 23.04.2024
अधिसूचना सं. फेमा 10(R)(4)/2024-आरबी, दिनांक 21.11.2024
अधिसूचना सं. फेमा 10(R)(5)/2025-आरबी, दिनांक 14.01.2025
अधिसूचना सं. फेमा 10(R)(6)/2025-आरबी, दिनांक 29.04.2025      

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