प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक की हितधारकों के साथ सतत सहयोग के एक भाग के रूप में, गवर्नर ने आज, मुंबई में चुनिंदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और एमएसएमई संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उप गवर्नर, श्री टी रबी शंकर, श्री स्वामीनाथन जे और श्री एस सी मुर्मू, तथा रिज़र्व बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक की हितधारकों के साथ सतत सहयोग के एक भाग के रूप में, गवर्नर ने आज, मुंबई में चुनिंदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और एमएसएमई संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उप गवर्नर, श्री टी रबी शंकर, श्री स्वामीनाथन जे और श्री एस सी मुर्मू, तथा रिज़र्व बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, यह घोषणा की थी कि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देशों को समेकित करते हुए, केसीसी पर संशोधित दिशा-निर्देशों को जारी करने का प्रस्ताव है, ताकि कवरेज का विस्तार, परिचालनगत पहलुओं का सुव्यवस्थापन और आगामी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। तदनुसार, निम्नलिखित मसौदा निदेशों पर जनसामान्य से अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, यह घोषणा की थी कि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देशों को समेकित करते हुए, केसीसी पर संशोधित दिशा-निर्देशों को जारी करने का प्रस्ताव है, ताकि कवरेज का विस्तार, परिचालनगत पहलुओं का सुव्यवस्थापन और आगामी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। तदनुसार, निम्नलिखित मसौदा निदेशों पर जनसामान्य से अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम(एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किए। उक्त संशोधन निदेश, मास्टर निदेश- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (23 जुलाई 2025 तक अद्यतित) के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं ।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम(एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किए। उक्त संशोधन निदेश, मास्टर निदेश- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (23 जुलाई 2025 तक अद्यतित) के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं ।
भारतीय रिज़र्व बैंक 2016 से प्रत्येक वर्ष वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडब्ल्यू) आयोजित कर रहा है। 2. गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडबल्यू) 2026 के ग्यारहवें संस्करण का शुभारंभ किया, जिसका विषय ‘केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम / KYC – Your First Step to Safe Banking’ था। रिज़र्व बैंक, नाबार्ड के शीर्ष प्रबंधन एवं क्षेत्रीय प्रमुखों तथा चयनित वाणिज्यिक बैंकों के प्रमुखों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक 2016 से प्रत्येक वर्ष वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडब्ल्यू) आयोजित कर रहा है। 2. गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडबल्यू) 2026 के ग्यारहवें संस्करण का शुभारंभ किया, जिसका विषय ‘केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम / KYC – Your First Step to Safe Banking’ था। रिज़र्व बैंक, नाबार्ड के शीर्ष प्रबंधन एवं क्षेत्रीय प्रमुखों तथा चयनित वाणिज्यिक बैंकों के प्रमुखों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 17, 2026