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जनवरी 12, 2026
पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन

भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया

भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया

जनवरी 06, 2026
आरबीआई ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (लाभांश और लाभ के विप्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026" के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की"

रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के

रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के

जनवरी 06, 2026
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए पर्यवेक्षी डेटा गुणवत्ता सूचकांक (सितंबर 2025)

The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.

The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.

जनवरी 05, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं द्वारा संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025

जनवरी 01, 2026
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण - 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति

क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)

क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)

जनवरी 01, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के एक्सपोज़र के लिए जोखिम भार के ढांचे पर संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।

दिसंबर 29, 2025
भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25

आज, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36 (2) के अनुपालन में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25 जारी की। यह रिपोर्ट वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों सहित बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रस्तुत करती है। प्रमुख बिंदु • भारतीय वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र वर्ष 2024-25 के दौरान आघात-सहनीय बना रहा, जिसे दोहरे अंकों के तुलन-पत्र विस्तार का समर्थन मिला। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और ऋण में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई; हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है।

आज, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36 (2) के अनुपालन में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25 जारी की। यह रिपोर्ट वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों सहित बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रस्तुत करती है। प्रमुख बिंदु • भारतीय वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र वर्ष 2024-25 के दौरान आघात-सहनीय बना रहा, जिसे दोहरे अंकों के तुलन-पत्र विस्तार का समर्थन मिला। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और ऋण में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई; हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है।

दिसंबर 26, 2025
दिनांक 12 दिसंबर 2025, शुक्रवार तक भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित)    सभी अनुसूचित बैंक 13-दिसंबर-2024    28-नवंबर-2025*    12-दिसंबर-2025*    13-दिसंबर-2024    28-नवंबर-2025*    12-दिसंबर-2025* I    बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां    310793.89    322855.52    308250.18    315564.52    330192.04    315428.19** ख) बैंकों से लिये गये ऋण    131991.65    78658.89    81098.47    132026.65    78790.89    81166.47 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं    24423.19    31092.93    33036.68    24724.99    31559.27    33573.84 II    अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर)     22067643.54    24260054.93    24214710.80    22525491.06    24808631.87    24724681.17 i) मांग    2609721.73    3013417.05    2935319.73    2658233.40    3066260.45    2986434.34 ii) मीयादी    19457921.81    21246637.88    21279391.07    19867257.66    21742371.41    21738246.84 ख) ऋण @    866934.53    879199.45    882495.75    871445.25    884674.14    887543.43

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित)    सभी अनुसूचित बैंक 13-दिसंबर-2024    28-नवंबर-2025*    12-दिसंबर-2025*    13-दिसंबर-2024    28-नवंबर-2025*    12-दिसंबर-2025* I    बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां    310793.89    322855.52    308250.18    315564.52    330192.04    315428.19** ख) बैंकों से लिये गये ऋण    131991.65    78658.89    81098.47    132026.65    78790.89    81166.47 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं    24423.19    31092.93    33036.68    24724.99    31559.27    33573.84 II    अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर)     22067643.54    24260054.93    24214710.80    22525491.06    24808631.87    24724681.17 i) मांग    2609721.73    3013417.05    2935319.73    2658233.40    3066260.45    2986434.34 ii) मीयादी    19457921.81    21246637.88    21279391.07    19867257.66    21742371.41    21738246.84 ख) ऋण @    866934.53    879199.45    882495.75    871445.25    884674.14    887543.43

दिसंबर 12, 2025
दिनांक 28 नवंबर 2025, शुक्रवार तक भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण

(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 273721.88 350935.17 322854.52 278500.30 357857.15 330191.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 137597.04 81533.54 79669.56 137620.00 81560.54 79747.56 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24717.72 26997.34 31145.33 25053.36 27514.50 31611.67

(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 273721.88 350935.17 322854.52 278500.30 357857.15 330191.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 137597.04 81533.54 79669.56 137620.00 81560.54 79747.56 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24717.72 26997.34 31145.33 25053.36 27514.50 31611.67

दिसंबर 11, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों द्वारा नकदी ऋण खातों, चालू खातों और ओवरड्राफ्ट खातों के रखरखाव संबंधी संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 को लेनदेन खातों से संबंधित सात निदेशों के मसौदे, अर्थात् i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iv) भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 को लेनदेन खातों से संबंधित सात निदेशों के मसौदे, अर्थात् i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iv) भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: जनवरी 13, 2026

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