RbiSearchHeader

Press escape key to go back

पिछली खोज

पृष्ठ
भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट

RTI_Disclouser_Log_Marquee

आरबीआई की घोषणाएं
आरबीआई की घोषणाएं

RbiAnnouncementWeb

RBI Announcements
RBI Announcements

RTI_Disclouser_log_Home_Banner_Latest

RTI Disclosure Log With Document

प्रकटीकरण लॉग

भारतीय रिज़र्व बैंक यदि यह समझता है कि कोई विशिष्‍ट जानकारी सामान्‍य जनता के हित की हो सकती है, तो सूचना का अधिकार, 2005 के अंतर्गत प्राप्‍त अनुरोधों की प्रतिक्रिया में जारी सभी जानकारी भी अपनी वेबसाइट पर प्रस्‍तुत करेगा।

असेट प्रकाशक

इससे संबंधित जानकारी

Refine search

No Results Found
RIA NO Information Sought Reply given/Information Provided Date of Reply
RBIND/ R/P/25/03779 जैसे भार की मापक कि.ग्रा. है, इसका मानक (स्टैंडर्ड) 1000 ग्राम होता है, दूरी की मापक फिट है, इसका मानक (स्टैंडर्ड) 12 इंच होता है, समय की मापक मिनट है, इसका मानक (स्टैंडर्ड) 60 सेकंड होता है, ठीक उसी प्रकार किसी वस्तु की गुणवत्ता (मूल्य) मापक "₹" रुपया है इसका मानक (गोल्ड स्टैंडर्ड)….. क्या होता है ? इसकी शत् प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं।

कृपया “भारतीय मुद्रा” पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (खंड ख- बैंकनोट, प्रश्न -2) का संदर्भ लें जो की हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक के अंतर्गत उपलब्ध है :

कार्य- वार साइटें>> मुद्रा प्रबंधन >> अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न >> भारतीय मुद्रा

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/faq-page-1?ddm__keyword__ 19506552__FaqDetailPage1Title_en_US=Indian%20Currency

16/09/2025
एक "₹" रूपया से लेकर 2000 के नोट में कौन - सा रुपया वचनबद्ध नहीं है, तथा किस पेपर करेंसी को वैध निविदा माना गया है? इसकी प्रमाणित नकल उपलब्ध कराएं।

कृपया “भारतीय मुद्रा” पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (खंड क- भारतीय मुद्रा/मुद्रा प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत जानकारी, प्रश्न-2) का संदर्भ लें जो हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक के अंतर्गत उपलब्ध है :

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/faq-page-1?ddm__keyword__19506552_ _FaqDetailPage1Title_en_US=Indian%20Currency

कार्य-वार साइटें >> मुद्रा प्रबंधन >> अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न >> भारतीय मुद्रा

रिजर्व बैंक किस देश का है? तथा किसके द्वारा भारत में संचालित हुआ? एवं वर्तमान में किसके द्वारा भारत में संचालित है? इसकी प्रमाणित नकल उपलब्ध कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल, 1935 को हुई। रिज़र्व बैंक पर भारत सरकार का पूर्ण स्वामित्व है।

भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 एवं क्वानेज एक्ट 1906 की मूलप्रति की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। जिसमे उक्त अधिनियम के पारित होने के पश्चात कोई संशोधन अंतर्विष्ट न किया गया हो।

इस संबंध में कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 का संदर्भ लें जो की आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in > प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

इस संबंध में कृपया ध्यान दे कि, भारतीय सिक्का अधिनियम, 1906 को निरस्त करके भारतीय सिक्का अधिनियम, 2011 को, जो 28 मार्च 2012 से लागू हुआ, अधिनियमित किया गया है । यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in / > Publications > Occasional के अंतर्गत उपलब्ध है।

आजाद भारत की बैंक नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्थापित आजाद हिंद बैंक है या ब्रिटिश साम्राज्यवाद द्वारा स्थापित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ? सूचना के रूप में दिए गए दो विकल्प में से किसी एक को चुनकर प्रमाणित सूचना उपलब्ध कराएं।

प्रश्न केन्द्रीय सूचना अधिकारी से राय मांगने की प्रकृति में है, जिसे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, की धारा 2 (च) के अनुसार जानकारी के रूप में परिभाषित नहीं किया गया है।

रिजर्व बैंक द्वारा जारी पेपर करेंसी में किसी राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर न होने के क्या कारण है? प्रमाणित रूप से जवाब देवे।

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम,1934 की धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत बैंकनोट के डिज़ाइन, रूप एवं सामग्री से संबंधित सभी निर्णय भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड द्वारा की गयी सिफ़ारिशों पर विचार करने के पश्चात केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित किये जाते हैं।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन >> सामयिक के अंतर्गत उपलब्ध है।

सन 1934 से आज दिनांक तक रिजर्व बैंक द्वारा धारण किए गए देश की मूल्यवान धातु स्वर्ण एवं देश की चल-अचल संपत्ति को भारत राज्य क्षेत्र के बाहर किसी अन्य देश या राज्य में किस उद्देश्य से जमा अथवा बंधक के रूप में रखा गया है? यदि हाँ तो जमा स्वर्ण की मात्रा, बन्धक चल-अचल संपत्ति की वर्तमान कीमत सहित उस देश या राज्य के नाम एवं उद्देश्य की प्रमाणित सूचना उपलब्ध कराएं।

रिज़र्व प्रबंधन नीति के भाग और संसाधन जुटाने के एक तरीके के रूप में, जुलाई 1991 मे, रिज़र्व बैंक ने बैंक ऑफ जापान (बीओजे) और बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) के पास 46.91टन स्वर्ण गिरवी रखा और यूएसडी 405.0 मिलियन का ऋण लिया। रिज़र्व बैंक द्वारा इस ऋण का पुनर्भुगतान सितंबर से नवंबर, 1991 के बीच किया गया।

(स्रोत-: आरबीआई का इतिहास खंड IV)

मार्च 2025 के अंत की स्थिति के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के पास 879.59 मेट्रिक टन स्वर्ण है, जिसमें से 511.99 मेट्रिक टन स्वर्ण स्वदेश में रखा गया है। जबकि 348.62 मेट्रिक टन स्वर्ण विदेश में बैंक ऑफ इंग्लैंड तथा अंतरराष्ट्रीय निपटान बैंक (बीआईएस) की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है, 18.98 मेट्रिक टन स्वर्ण जमा के रूप में है।
स्रोत- विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन पर अर्धवार्षिक रिपोर्ट: अक्तूबर 2024 – मार्च 2025
https://rbi.org.in/documents/87730/30842423/Half+Yearly+Report+on+Management+ of+Foreign+Exchange+Reserves+October-March+2024.pdf

आपके मातहत बैंक / फाइनेंस कंपनी द्वारा जिस रूपये से लेन-देन किया जा रहा है। उस "₹" रूपये का धातु मानक स्टैंडर्ड क्या है? धातु मानक स्टैंडर्ड का उल्लेख करते हुए "₹" रूपया का विधिक दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और सिक्का अधिनियम, 2011 के अंतर्गत बैंक नोटों और सिक्कों को जारी किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधान रुपये/सिक्के के किसी मानक मूल्य का उल्लेख नहीं करते हैं। कागजी मुद्रा और सिक्कों से संबंधित पूर्ववर्ती वैधानिक प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 26 के अनुसार, प्रत्येक बैंक नोट भारत में किसी भी स्थान पर उसमें व्यक्त राशि के भुगतान या उक्त राशि के लिए कानूनी निविदा होगा और केंद्र सरकार द्वारा इसकी गारंटी दी जाएगी।

रिजर्व बैंक स्थापना दिनांक को पेपर करेंसी में अंकित प्रति "₹" रूपया का धातु मानक क्या था? एवं आज दिनांक में "₹" रूपया का धातु मानक क्या है?

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंकनोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है ।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

इसके अतिरिक्त, “भारतीय मुद्रा” पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (खंड ख- बैंकनोट, प्रश्न 1 और 2) का संदर्भ लें, जो की आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक के अंतर्गत उपलब्ध है :

कार्य-वार साइटें >> मुद्रा प्रबंधन >> अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न >> भारतीय मुद्रा
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/faq-page-1?ddm__keyword__19506552__FaqDetailPage1Title_en_US=Indian%20Currency

रिजर्व बैंक द्वारा जारी पेपर करेंसी के अनुसार भारत की जनता को कर्ज वितरण करने वाली सरकारी, अर्धसरकारी बैंकों या फाइनेंस कम्पनियों का आज दिनांक तक भारत की जनता पर ब्याज सहित कूल कर्ज कितना है?

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

रिजर्व बैंक द्वारा संचालित कुल नगद पेपर करेंसी भारत की जनता के बीच कितनी चलन में हैं? कुल चलन सार पेपर करेंसी की " ₹ " रूपये में प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराएं।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संचलन में जारी बैंकनोट की मूल्यवर्गवार आंकड़ों की जानकारी, भारतीय रिजर्व बैंक की "मुद्रा डाटा” में साप्ताहिक रूप से प्रकाशित होती है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट www.rbi.org.in के अंतर्गत निम्नलिखित पथ या हायपरलिंक का उपयोग करते हुए प्राप्त किया जा सकता हैं।

• पथ
www.rbi.org.in>> कार्य-वार साइटें >> मुद्रा प्रबंधन >> मुद्रा डाटा >> संचलनगत बैंक नोट >> HISTORICAL DATA >> वर्ष, माह और दिवस चुनिए

• लिंक
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/ currency-management/currency-data/currency-in-circulation

रिजर्व बैंक द्वारा संचालित पेपर करेंसी में " ₹ " रूपये उपलब्ध कराने के वचन अनुसार धारक को जो " ₹ " रूपया उपलब्ध कराया जाएगा। उस " ₹ " रूपए कीछायाप्रति उपलब्ध कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है।

यह अधिनियम हमारी वैबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

रिजर्व बैंक द्वारा संचालित पेपर करेंसी में "₹" रूपये उपलब्ध कराने के वचन अनुसार धारक को जो "₹" रूपया उपलब्ध कराया जाएगा। उस "₹" रूपये की छायाप्रति उपलब्ध कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और सिक्का अधिनियम, 2011 के अंतर्गत बैंक नोटों और सिक्कों को जारी किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधान रुपये/सिक्के के किसी मानक मूल्य का उल्लेख नहीं करते हैं। कागजी मुद्रा और सिक्कों से संबंधित पूर्ववर्ती वैधानिक प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 26 के अनुसार, प्रत्येक बैंक नोट भारत में किसी भी स्थान पर उसमें व्यक्त राशि के भुगतान या उक्त राशि के लिए कानूनी निविदा होगा और केंद्र सरकार द्वारा इसकी गारंटी दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, “भारतीय मुद्रा” पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (खंड ख- बैंकनोट, प्रश्न 1 और 2) का संदर्भ लें, जो की आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक के अंतर्गत उपलब्ध है :

कार्य-वार साइटें >> मुद्रा प्रबंधन >> अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न >> भारतीय मुद्रा
https://rbi.org.in/web/rbi/currency-management/faqs

क्या रिजर्व बैंक के कूटकरण रुपए से लेन-देन करना अपराध है? भारत के वैध रूपए के मानक “सिक्का अधिनियम 1906” के मानक अनुसार लेन-देन करना अपराध है?। प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराएं।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

रिजर्व बैंक / फाइनेंस कंपनी द्वारा वितरण किए गए कर्ज की मूल धनराशि कितनी है एवं आपके रिजर्व बैंक / फाइनेंस कंपनी का जनता पर बकाया कितना है " ₹ " रूपए में उल्लेख करते हुए प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराएं।

माँगी हुई सूचना हमारे पास उपलब्ध नहीं हैं।

RBIND/ R/P/25/03520

यह है कि जिस विदेशी मुद्रा को भारत की विदेशी मुद्रा भंडार के रूप में रिजर्व बैंक रखती है वह विदेशी मुद्रा डालर एवं पौण्ड आदि की वैध निविदा (लीगल) टेंडर है? यदि हों तो उसके नियम / आदेश / संकल्प की अभि प्रमाणित प्रति छायाप्रति के रूप में उपलब्ध करावे।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

05/09/2025

जिस नियम, आदेश व संकल्प के आधार पर व्यावसायिक बैंक अपनी भूमि के रहते हुए भी लीज व किराए की भूमि में रहकर वांछित कार्यो को करती है उस नियम, आदेश व संकल्प की अभी प्रमाणित छायाप्रति के रूप में उपलब्ध करवाए।

इस संबंध मे RBI ने कोई विशिष्ट निर्देश जारी नही किए है।

तथापि, आवेदक निम्न का सन्दर्भ ले,

1. 01 जुलाई 2014 को जारी मास्टर परिपत्र “बैंककारी वि‍नि‍यमन अधि‍नि‍यम, 1949 की धारा 23 - शाखा प्राधि‍करण” के पैरा 10 “परिसरों का अधिग्रहण”, जो www.rbi.org.in पर अधिसूचनाएं लिंक पर उपलब्ध है।

2. 30 अप्रैल 2015 को जारी परिपत्र “वाणिज्‍यिक बैंकों द्वारा अपने उपयोग (अर्थात कार्यालय एवं कर्मचारियों के निवास) के लिए पट्टा/किराए के आधार पर मकान लेना – दिशानिर्देशों को उदार बनाया जाना” के पैरा 3, जो www.rbi.org.in पर अधिसूचनाएं लिंक पर उपलब्ध है।

यह है कि वर्तमान में बैंक नोटो का निर्गमन प्रतिभूमि रखकर किया जाता है? यदि हां तो कौनसी प्रतिभूमि व कितनी मात्रा प्रति रूपये पर रखी जाती है उस नियम / आदेश /संकल्प की अभि प्रमाणित प्रति छायाप्रति के रूप में उपलब्ध करवाए। 

यह है कि क्या ब्याज का रूपया वैध रूपया है? यदि हां तो ब्याज के रूपये को वैध बताने वाले नियम /आदेश / संकल्प / वैध निविदा (लीगल टैन्डर) मानक की अभि प्रमाणित प्रति छायाप्रति के रूप में उपलब्ध करवाए।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंकनोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है ।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए नोटों के एवज में रखी जाने वाली परिसंपत्तियों को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 33 में परिभाषित किया गया है।

यह अधिनियम हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

इसके अतिरिक्त, जारी किए गए नोटों के समर्थन के रूप में रखी गयी परिसंपत्तियों का विवरण आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट 2024-2025 के लिए रिज़र्व बैंक का लेखा में दिया गया है, जो हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।
https://rbi.org.in/documents/87730/132289351/Annual+Report+2024-25+English.pdf/daf2e696-96fb-073a-4892-f26d2855e879

मांगी गई जानकारी एक राय है, जो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2(f) के तहत सूचना नहीं है ।

यह है कि यदि कोई व्यक्ति या प्रार्थी सोने चांदी के सिक्के (रूपये) बैंक में जमा करें तो प्रार्थी (जमानतकर्ता) के खाते में उस सोने चांदी के सिक्के पर अंकित मूल्य के जमा किया जाएगा या सोने चांदी के बाजार मूल्य (भाव) के अनुसार जमा अंकित किया जाएगा सूचना के रूप में स्पष्ट करें।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

उपरोक्त अनुसार ठीक इसी तरह व्यावसायिक बैंको के बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के स्थायित्व एवं वांछित कार्यों के सम्बंध में जिस तरह व्यावसायिक बैंक भारत में लीज या किराये की भूमि में रहकर वांछित कार्यों को करते है ठीक उसी प्रकार का क्या रिजर्व बैंक भी अपनी भूमि होते हुए भी लीज या किराये पर रहकर वांछित कार्यो का संचालन करती है? यदि हां तो उसके नियम, आदेश व संकल्प की अभी प्रमाणित प्रति छायाप्रति के रूप में उपलब्ध करवाये।

मौजूदा बैंक मानदंडों के अनुसार, किसी भी राज्य में शुरुआत में कार्यालय पट्टे के परिसर में खोले जाते हैं और कार्यालय परिसर एवं आवासीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने हेतु बैंक, राज्य सरकार से संपर्क करता है। राज्य सरकार द्वारा भूमि आबंटित किए जाने के पश्‍चात कार्यालय निर्माण की योजना आरंभ की जाती है।

RBIND/ R/P/25/03777

हम भारत गणराज्य के सभी भारतवासी एवं REPUBLIC OF INDIA के " भारत सरकार" को GOVERNMENT OF INDIA, UNION OF INDIA, UNION OF INDIA नाम से जानते है। मेरे पास "भारतीय रिजर्व बैंक" द्वारा संचालित "रू" पाँच सौ 500 रूपये का पेपर करेंसी नोट जिसका क्रम संख्या ……………….. में लिखा हुआ है। कि "GUARANTEED BY THE CENTRAL GOVERNMENT" उपरोक्त सिरीज के नोटो का GUARANTEE “RBI” को कब प्राप्त हुआ उसका GUARANTEE पत्र उपलब्ध कराये।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंकनोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है ।

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के धारा 26(1) के अनुसार धारा 26(2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए प्रत्येक बैंक -नोट [भारत] में किसी भी स्थान पर उसमें अभिव्यक्त राशि की आदायगी में या लेखे वैध निविदा होगा और [केंद्रीय सरकार] द्वारा प्रत्याभूत होगा।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

16/09/2025

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा " रू " पाँच सौ 500 रूपये का पेपर करेंसी नोट जिसका क्रम संख्या 5QL 035665 में वचन अनुसार जो रूपया उपलब्ध कराने का बात है वह कब एवं कहाँ मुझे प्राप्त होगा ? उसका जानकारी दे जिससे मैं अपना उपरोक्त " रू " पाँच सौ रूपये के नोट को जमा कर धातु (Gold Standard) मानक " रू " रुपया प्राप्त कर सकूँ।

वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और सिक्का अधिनियम, 2011 के अंतर्गत बैंक नोटों और सिक्कों को जारी किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधान रुपये/सिक्के के किसी मानक मूल्य का उल्लेख नहीं करते हैं। कागजी मुद्रा और सिक्कों से संबंधित पूर्ववर्ती वैधानिक प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 26 के अनुसार, प्रत्येक बैंक नोट भारत में किसी भी स्थान पर उसमें व्यक्त राशि के भुगतान या उक्त राशि के लिए कानूनी निविदा होगा और केंद्र सरकार द्वारा इसकी गारंटी दी जाएगी।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा “रू“ पाँच सौ 500 रूपया का पेपर करेंसी नोट जिनका क्रम 5QL 035665 में GUARANTEE लेने वाला "THE CENTRAL GOVERNMENT" कौन है? ऑफिस कहां पर स्थित है ? एवं उसका प्रभार अधिकारी कौन है? उसका 100% प्रमाण दस्तावेज उपलब्ध कराए।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

RBIND/ R/P/25/02528

जिस सिक्के के बदले पेपर करंसी जारी किया जा रहा है। उस सिक्के की अधिकृत प्रति उपलब्ध करावे।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंकनोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है ।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

14/07/2025

R.B.I. की प्रत्येक पत्र मुद्रा (2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500, 2000 के करेन्सी नोट/ (बैंक नोट) अर्थात बचन पत्र में गर्वनर द्वारा मैं धारक को रूपये अदा करने का वचन देता हूं, उस बचन के मूल्य, मानक का विधिक प्रमाण प्रति देवें।

R.B.I. द्वारा जारी प्रत्येक पत्र मुद्रा, अर्थात बचन पत्र का केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रत्याभूत, (Guaranteed By The Central Gwyernment) का उल्लेख है। उस प्रत्याभूत की प्रमाणित प्रति देवें।

RBIND/ R/P/25/02382

निवेदन है कि प्रार्थी नागुलाल पिता दयाराम आपके बैंक का ग्राहक है। जिसका खाता नंबर 100203650542 में है। भारत सरकार द्वारा चलन में ₹500/- रूपए के एक नोट प्रार्थी के पास है, जिस पर बैंक नोट क्रम संख्या (नोट नंबर)- 6M0015201 अंकित है, जिसे गवर्नर के वचन खंड के अनुसार एवम भारतीय पेपर करेंसी एक्ट-1882 और भारतीय सिक्का अधिनियम 1906 के मानक (गोल्ड स्टैंडर्ड) के अनुसार भारतीय वैध रूपया प्राप्त करना चाहता है, बदले में ₹ 500/- के बैंक नोट (करेंसी नोट) नहीं चाहता है।

अतः श्रीमान से प्रार्थना है कि प्रार्थी को भारतीय सिक्का अधिनियम-1906 जो रूपए का वैध निविदा (लीगल टेंडर) और भारतीय पेपर करेंसी एक्ट-1882 के तहत जो पेपर करेंसी नोटों का वैध निविदा (लीगल टेंडर) है, स्वर्णमान (मानक) के अनुसार उपरोक्त ₹ 500/- रूपए के बैक-नोट को भारतीय वैध रूपए में बदलकर भुगतान करने की कृपा करे।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंकनोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है ।

यह अधिनियम हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है।

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

26/06/2025

RBIND/ R/P/25/03789

महोदय, कृपीया करके मुझे मेरे देश की मृद्रा का एक रुपेये का मानांक स्टेन्डड बताऐ ।

कृपया ‘भारतीय मुद्रा’ पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (खंड ख- बैंकनोट, प्रश्न 2) का संदर्भ लें, जोकि आरबीआई की वेबसाइट https://www.rbi.org.in/ पर निम्नलिखित लिंक के अंतर्गत उपलब्ध है।

कार्य -वार >> मुद्रा प्रबंधन >> अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न >> भारतीय मुद्रा

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/faq-page-1?ddm__keyword__19506552__FaqDetailPage1Title_en_US=Indian%20Currency

15/09/2025

बेन्क कौन सी मृद्रा मे कर्ज देता है ऐ बता दिजी ऐ।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

2. तथापि, वैध मुद्रा की परिभाषा जानने के लिए कृपया ‘भारतीय मुद्रा’ पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (खंड क- भारतीय मुद्रा/मुद्रा प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत जानकारी, प्रश्न 2) का संदर्भ लें, जोकि आरबीआई की वेबसाइट https://www.rbi.org.in/ पर निम्नलिखित लिंक के अंतर्गत उपलब्ध है।

कार्य-वार >> मुद्रा प्रबंधन >> अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न >> भारतीय मुद्रा

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/faq-page-1?ddm__keyword__19506552__FaqDetailPage1Title_en_US=Indian%20Currency

3. यह सूचित है की क्रेडिट से संबंधित मुद्दे ज्यादातर अविनियमित हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं को सूचित किया है कि वे निवेश नीति, ऋण नीति, ऋण वसूली नीति आदि के दस्तावेज तैयार करें और उनके निदेशक मंडल द्वारा विधिवत जांच करें। विनियमित संस्थाओं को बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीतियों और व्यापक विनियामक दिशानिर्देशों के साथ-साथ वैधानिक प्रावधानों के आधार पर ऋण संबंधी निर्णय लेने की आवश्यकता होती है।

RBIND/ R/P/25/03217

वर्तमान समय में एक रुपये के कितने मानक मूल्य (स्टेडर्ड) क्या है। श्रीमान जी से प्रथना है की RBI की वेवसाईड पर ईस स्वाल को ना छोडे कृप्या लिखित रूप में प्रमाणित प्रतीलिपि उपलब्ध कराने की कृपया करे धन्यवाद

वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और सिक्का अधिनियम, 2011 के अंतर्गत बैंक नोटों और सिक्कों को जारी किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधान रुपये/ सिक्के के किसी मानक मूल्य का उल्लेख नहीं करते है। कागजी मुद्रा और सिक्कों से संबन्धित पूर्ववर्ती वैधानिक प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है।

25/08/2025

RBIND/ R/P/25/02360

आप श्रीमान् जी जिस सम्राट (Ruller) द्वारा प्राधिकृत किये गये हैं। उस सम्राट का नाम बताएं?

प्रश्न स्पष्ट नहीं है ।

02/07/2025

आप श्रीमान जी जिस सम्राट द्वारा प्राधिकृत किये गये हैं उस सम्राट द्वारा जारि भारतीय सिक्का मानक (Standerd) की सत्य प्रतिलिप उपलब्ध करायें? क्योंकि सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न शक्ति के प्राधिकार द्वारा जारि सिक्का ही सम्राट का निशानी होता है।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है ।

श्रीमान् जी आपने जो रूपये लोन के रूप में प्रार्थी / प्रार्थिनी को प्रदान कराया है, उस रूपये का मानक मूल्य स्टैण्डर्ड तथा क्रय शक्ति की प्रमाणित छायाप्रति प्रार्थी / प्रार्थिनी को उपलब्ध करायें।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है।

तथापि, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है।

यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/ publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

क्या रिजर्व बैंक को आप भारतीय बैंक मानते हैं, यदि हाँ तो स्वतंत्र भारत के अन्तर्गत रिजर्व बैंक की स्थापना व मान्यता प्रदान करने वाले शासक सम्राट (Ruller) की फोटो आई०डी० कि प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराये तथा रिजर्व बैंक की स्थापना दिवस दिनांक वर्ष एक्ट और अपनी भर्ती नियुक्ति करने वाले शासक सम्राट (Ruller) की प्रमाणित फोटो आई०डी० वैघ विधिक की प्रक्रिया की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध करावें।

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल, 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार की गई थी।

रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय आरंभ में कोलकाता में स्थापित किया गया था, किन्तु 1937 में इसे स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया। केंद्रीय कार्यालय वह स्थान है जहाँ गवर्नर बैठते हैं और जहाँ नीतियां बनाई जाती हैं।

हालांकि मूल रूप से निजी स्वामित्व में, किन्तु 1949 में राष्ट्रीयकरण के बाद से, रिज़र्व बैंक पूरी तरह से भारत सरकार के स्वामित्व में है।

इस संबंध में और अधिक ब्यौरे भारतीय रिजर्व बैंक के इतिहास खंड-I में उपलब्ध हैं, जो सार्वजनिक डोमेन में निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है https://rbi.org.in/documents/87730/40026580/89630.pdf

(विशेष रूप से, अध्याय 4 और इससे पहले के अध्यायों को देखा जा सकता है)।

आरबीआई अधिनियम, 1934 का नवीनतम संस्करण भी आरबीआई की वेबसाइट पर रखा गया है और इसे यहां से प्राप्त किया जा सकता है:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/ publications-by-frequency?category=21281778&delta=100

क्या प्रार्थी / प्रार्थिनी को श्रीमान् जी के द्वारा भारतीय रूपया प्रदान किया गया है, यदि हाँ? तो भारतीय रूपया वास्तविक मुद्रा (भारतीय सिक्का) जिसकी प्रमाणित छायाप्रति व विधिक दस्तावेज उपलब्ध करायें।

प्रश्न केन्द्रीय सूचना अधिकारी से राय मांगने की प्रकृति में है, जिसे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, की धारा 2 (च) के अनुसार जानकारी के रूप में परिभाषित नहीं किया गया है।

प्रार्थी/प्रार्थिनी को ऋण के रूप में जो पेपर करेन्सी प्रदान किया गया वह अपने में कुछ नहीं है। क्योंकि प्रत्येक पेपर करेन्सी पर रूपया अदा करने का गवर्नर का वचन तथा केंन्द्र सरकार द्वारा गारण्टी दिया गया है। इसलिए प्रत्येक पेपर करेन्सी 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 इत्यादि जिसमें रूपये का मूल्य (वैलू) मानक (स्टैण्डर्ड) धातु यूनिट संचालक व नियंत्रक विधिक दस्तावेज उपलब्ध करायें।

इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 का संदर्भ लें। यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in > प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया की पेपर करेन्सी जिससे आप प्रतिदिन लेन-देन करते कराते है, क्या आप उस रूपये को वैध मानते हैं? हाँ या ना में सूचना प्रदान करें। यदि हाँ तो रूपये की वैध प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावे।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है। यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in > प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

आर०बी०आई० के अनुसार पेपर करेन्सी (रूपया) सोने का लीगल टेण्डर है। अतः प्रार्थी का कुल ऋण व्याज समेत कितने ग्राम/किलो सोने के बराबर है?

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है। यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in > प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

बैंक एकाउण्ट खुलने में या किस्तों में प्रार्थी ने जो भी रूपया श्रम व गेहूँ, धान गन्ना इत्यादि बेचकर जमा किया। वह भारतीय रूपया जो कितने ग्राम्/किलो सोने के बराबर है।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोट भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए जाते है। यह अधिनियम आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in > प्रकाशन > सामयिक प्रकाशन के अंतर्गत उपलब्ध है।

प्रार्थी को ऋण के रूप में जो पेपर करेन्सी प्रदान किया गया यह भारतीय रूपया था या विदेशी रूपया (पत्र मुद्रा)। यदि भारतीय रूपया था तो भारतीय क्वाइनेज एक्ट 1906 के अनुसार (इण्डियन क्याइनेज एक्ट पेपर करेन्सी एक्ट 1899 (22 ऑफ) व्हिय मेड गोल्ड लीगल टेण्डर) 1906 क्वाइनेज एक्ट रूपया (सिक्का) की क्रयशक्ति 777.8 मि०ग्रा० गोल्ड है।

यह कि आर०बी०आई० एक्ट 1934 की धारा-69 के अनुसार दी गयी व्यवस्था अन्तर्गत एक रूपया बराबर 8.47512 ग्रीन थ्योरी) यानी 551 मि०ग्रा० सोना है।

स्वतंत्र भारत में स्वयंभू शासक सम्राट सरकार के नेता व आजाद हिन्द सरकार फौज के नायक नेता व मंत्री एवं प्रधानमंत्री तथा आजाद हिन्द बैंक के संस्थापक (5 अप्रैल 1944 को स्थापित किया), (दैनिक जागरण 01 जून 2015 के अनुसार 10 देशों से समर्थन प्राप्त है, वर्मा, कोरिया, जर्मनी, नानकिंग (वर्तमान- चीन), मंचूको, इटली, थाईलैण्ड, फिलीपिंस, आयरलैण्ड, वर्गीज लॉ आयरलैण्ड, वर्मीज लॉ द्वारा रजिस्टर्ड जिसके एक रूपये बराबर 972 मि०ग्रा० सोना है। जो भारतीय सिक्का से विधिक सैधान्तिक मूल्य है। जो कामर्सियल आर्गनाइजेशन है, स्टेट नहीं है। जिसका फार्मूला Principal (Determination not to borrow loans as it may the destroy economic future of the country) जिससे लेन-देन करना, कराना संप्रभुता की रक्षा-सुरक्षा आर्थिक आजादी देश भक्ति लोक तंत्र की रक्षा, शहीदों की अन्तिम इच्छा, मंहगाई का एक विकल्प मौलिक कर्तव्य अनुपालन विधिक बाध्यता है।

कृपया स्पष्ट करें कि क, ख, ग तीनों बिन्दुओं में से किससे लेन-देन करवाना स्पष्ट करें।

यह सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 2 (च) के अंतर्गत सूचना नहीं हैं।

कोई भी सूचना माँगी नहीं गई है।

 यह सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 2 (च) के अंतर्गत सूचना नहीं हैं।

 प्रश्न स्पष्ट नहीं है ।

प्रार्थी को ऋण के रूप में जो पेपर करेन्सी प्रदान किया गया यह भारतीय रूपया था या विदेशी रूपया (पत्र मुद्रा)। यदि भारतीय रूपया था तो भारतीय क्वाइनेज एक्ट 1906 के अनुसार (इण्डियन क्याइनेज एक्ट पेपर करेन्सी एक्ट 1899 (22 ऑफ) व्हिय मेड गोल्ड लीगल टेण्डर) 1906 क्वाइनेज एक्ट रूपया (सिक्का) की क्रयशक्ति 777.8 मि०ग्रा० गोल्ड है।

यह कि आर०बी०आई० एक्ट 1934 की धारा-69 के अनुसार दी गयी व्यवस्था अन्तर्गत एक रूपया बराबर 8.47512 ग्रीन थ्योरी) यानी 551 मि०ग्रा० सोना है।

स्वतंत्र भारत में स्वयंभू शासक सम्राट सरकार के नेता व आजाद हिन्द सरकार फौज के नायक नेता व मंत्री एवं प्रधानमंत्री तथा आजाद हिन्द बैंक के संस्थापक (5 अप्रैल 1944 को स्थापित किया), (दैनिक जागरण 01 जून 2015 के अनुसार 10 देशों से समर्थन प्राप्त है, वर्मा, कोरिया, जर्मनी, नानकिंग (वर्तमान- चीन), मंचूको, इटली, थाईलैण्ड, फिलीपिंस, आयरलैण्ड, वर्गीज लॉ आयरलैण्ड, वर्मीज लॉ द्वारा रजिस्टर्ड जिसके एक रूपये बराबर 972 मि०ग्रा० सोना है। जो भारतीय सिक्का से विधिक सैधान्तिक मूल्य है। जो कामर्सियल आर्गनाइजेशन है, स्टेट नहीं है। जिसका फार्मूला Principal (Determination not to borrow loans as it may the destroy economic future of the country) जिससे लेन-देन करना, कराना संप्रभुता की रक्षा-सुरक्षा आर्थिक आजादी देश भक्ति लोक तंत्र की रक्षा, शहीदों की अन्तिम इच्छा, मंहगाई का एक विकल्प मौलिक कर्तव्य अनुपालन विधिक बाध्यता है।

कृपया स्पष्ट करें कि क, ख, ग तीनों बिन्दुओं में से किससे लेन-देन करवाना स्पष्ट करें।

यह सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 2 (च) के अंतर्गत सूचना नहीं हैं।

कोई भी सूचना माँगी नहीं गई है।

यह सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 2 (च) के अंतर्गत सूचना नहीं हैं।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है ।

प्रार्थी/प्रार्थिनी के उक्त खाते में जमा की गयी सम्पूर्ण धनराशि के बावत वर्तमान (करेन्ट स्टेटस्) उपलब्ध करा देवे जिससे प्रार्थी / प्रार्थिनी अपने जमा किये गये रूपये का समायोजन कर सके। क्योंकि प्रार्थी / प्रार्थिनी ने जो भी हिस्से के रूप में या जो किस्त पेपर करेन्सी (रूपया) जमा किया, वह अपना श्रम्, धान, गेहूँ, गन्ना बेचकर भारतीय रूपया जमा किया है। अतः प्रार्थी/प्रार्थिनी का ज्यादा रूपया जमा हो गया है। जिसे श्रीमान् जी प्रार्थी/प्रार्थिनी को कैश में दे करके क्या बन्धन मुक्त होना चाहेंगे यदि हाँ ? तो दिनांक बतायें।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है ।

आर्टिकल 51 के अनुसार संप्रभुत्ता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य एवं विधिक बाध्यता है। प्रार्थी / प्रार्थिनी भारतीय नागरिक होने के नाते अपने मौलिक कर्तव्यों का अनुपालन करेंया न करें तो कैसे? कृपया स्पष्ट करें।

माँगी गई सूचना हमारे पास उपलब्ध नहीं है।

क्या आपको स्वतंत्र भारत के किसी शासक सम्राट एवं वैध विधिक विधि द्वारा आई०पी०सी० 1860 एवीडेन्स एक्ट 1872 सी०आर०पी०सी० एक्ट अन्तर्गत स्वतंत्र भारत की जनता लोक शासक रूलर को करावास दण्ड वारण्ट कुर्की नीलामी जेल भेजवाना रिजर्व बैंक को रूपये से अर्थदण्ड वसूली जुर्माना आदि देने की आपको मान्यता प्राप्त है, यदि हाँ? तो उस शासक सम्राट रूलर की प्रमाणित फोटो आई०डी० एवं वैधविधि की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें।

माँगी गई सूचना हमारे पास उपलब्ध नहीं है।

श्रीमान् के द्वारा प्रार्थी / प्रार्थिनी को ऋण के रूप में प्रदान की गयी पेपर करेन्सी जिसमें 1 रूपया बराबर अधिकतम मूल्य पूर्व से घटते-घटते (चीटिंग) एक माचिस शेष रह गया जबकि रूपया का कूटकरण करना व कराना तथा कुटकृत करेन्सी से लेन-देन करना व कराना भारतीय दण्ड संहिता 1860 अध्याय 18 धारा-489 क, ख, ग, घ, ङ में संज्ञेय अपराध एवं आजीवन कारावास की सजा है।

कृपया स्पष्ट करें कि क्या धारा 489 का पालन करेंगे यदि हाँ? तो प्रार्थी/प्रार्थिनी द्वारा जमा हो गया ज्यादा रूपया जिसे प्रार्थी / प्रार्थिनी को एकाउंट में जमा करके आप अपराध मुक्त होना चाहेंगे या देशद्रोही आजीवन कारावास की सजा चाहेंगे। कृपया स्पष्ट करें।

प्रश्न स्पष्ट नहीं है ।

वर्तमान समय में एक रुपये का मानक मूल्य धातु यूनिट स्टैण्डर्ड क्या है?

वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और सिक्का अधिनियम, 2011 के अंतर्गत बैंक नोटों और सिक्कों को जारी किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधान रुपये/ सिक्के के किसी मानक मूल्य का उल्लेख नहीं करते है। कागजी मुद्रा और सिक्कों से संबन्धित पूर्ववर्ती वैधानिक प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है।

आपका फ़ाइनेंस कम्पनी कुल कितने रुपया भारत में लोन किया है? और वर्तमान समय में कितने रुपये का सम्पूर्ण कर्ज भारत के नागरिकों पर है?

माँगी गई सूचना हमारे पास उपलब्ध नहीं है।

आरआईए सं. मांगी गई सूचना प्रदान किया गया उत्तर/सूचना उत्तर की तारीख
3462/11-12 संचार विभाग मीडिया में विज्ञापन जारी करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक की व्यापक नीति संचार विभाग (डीओसी) भारतीय रिज़र्व बैंक के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों और केंद्रीय कार्यालय विभागों के उपयोग के लिए अनुमोदित विज्ञापन एजेंसियों का पैनल तैयार करता है। सूची में शामिल किए जाने पर विचार करने के लिए विज्ञापन एजेंसियों को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित व्यापक पात्रता मानदंडों को पूरा करना पड़ता है। जब कोई विज्ञापन प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में डालना होता है तो यह कार्य रोटेशन आधार पर पैनल में शामिल एजेंसी को सौंपा जाता है। एजेंसियों को उन्हें सौंपे गए कार्य को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार करना होता है।

मीडिया के माध्यम से विज्ञापन जारी करने का कार्य विकेन्द्रीकृत है। बड़े बज़ट और रचनात्मकता वाले विज्ञापनों जिनका समन्वयन संचार विभाग करता है, को छोड़कर रिज़र्व बैंक के केंद्रीय कार्यालय विभाग और क्षेत्रीय कार्यालय अनुमोदित पैनल में शामिल विज्ञापन एजेंसियों में से किसी एक के माध्यम से स्थानीय आधार पर विज्ञापन जारी करते हैं।

भारतीय समाचार पत्र सोसाइटी (आईएनएस) विज्ञापन के लिए प्रेस पब्लिसिटी की अपनी हैंडबुक में नियम प्रकाशित करती है। संचार विभाग इन नियमों को सभी केंद्रीय कार्यालय विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों को उनकी सूचना और उपयोग के लिए परिचालित करता है।
17 फरवरी 2012
RIA No Sr No Query Our Reply
RIA 4560/14-15

1.

If any Indian bank fails, what is the minimum and maximum amount to be paid to a savings bank account holder of the bank?

If any Indian Bank fails in terms of Section 16(1) of the DICGC Act, 1961 “ the liability of the Corporation in respect of an insured bank will be limited to the deposits as on the date of the cancellation of the registration”.

Each depositor in a bank is insured up to a maximum of ₹1,00,000/-(Rupees One Lakh) for deposits either in savings account, current account or fixed deposits held by him in the same right and same capacity as on the date of liquidation/cancellation of bank’s licence or the date on which the scheme of amalgamation/merger/reconstruction comes into force.

If more than one deposit accounts (Savings, Current, and Recurring or Fixed deposit) are jointly held by individuals in one or more than one branch of a bank and if their names appear in the same order, then these joint accounts are considered as held in same capacity and same right. Accordingly, the balances held in all these accounts will be aggregated for the purpose of determining the insured amount within the limit of Rupees one lakh only and is paid after setting off any amount legally entitled to be recovered from the depositor by the bank.

However, in terms of revised guidelines issued on April 26, 2007, if individuals open more than one joint accounts in which their names are not in the same order or group of persons are different ,then the deposits held in these joint accounts are considered as held in different capacity and different right. Accordingly insurance cover will be available separately up to Rupees one lakh only to every such account where the names are appearing in different order or names are different. This has been explained in detail in the illustration. (Annex)

Insurance is extended only to the cash deposits held by the depositors of insured banks.

2.

If any Indian bank fails, what is the minimum and maximum amount to be paid to a Current holder of that bank?

3.

If any Indian bank fails, what is the minimum and maximum amount to be paid to a fixed deposit account holder of that bank?

4.

In case of dacoits or fire incident in the bank , what will be the amount of compensation to be paid to a locker holder in lieu of his belongings (gold silver jewellery) kept in the locker of that bank?

Annex

Deposits held in joint accounts (revised w.e.f. April 26, 2007)

If more than one deposit accounts (Savings, Current, Recurring or Fixed deposit) are jointly held by individuals in one or more branch of a bank say three individuals A, B & C hold more than one joint deposit accounts in which their names appear in the same order then all these accounts are considered as held in the same capacity and in the same right. Accordingly, balances held in all these accounts will be aggregated for the purpose of determining the insured amount within the limit of ₹1 lakh.

However, if individuals open more than one joint accounts in which their names are not in the same order for example, A, B and C; C, B and A; C, A and B; A, C and B; or group of persons are different say A, B and C and A, B and D etc. then, the deposits held in these joint accounts are considered as held in the different capacity and different right. Accordingly, insurance cover will be available separately upto rupees one lakh to every such joint account where the names appearing in different order or names are different.

Illustrations

Account (i)
(Savings or Current A/C)
First a/c holder- "A"
Second a/c holder - "B"
Maximum insured amount upto ₹1 lakh
Account (ii) First a/c holder - "A"
Second a/c holder - "C"
Maximum insured amount upto ₹1 lakh
Account (iii) First a/c holder - "B"
Second a/c holder - "A"
Maximum insured amount upto ₹1 lakh
Account (iv) at Branch ‘X’ of the bank First a/c holder - "A"
Second a/c holder - "B"
Third a/c holder - "C"
Maximum insured amount upto ₹1 lakh
Account (v) First a/c holder - "B"
Second a/c holder - "C"
Third a/c holder - "A"
Maximum insured amount upto ₹1 lakh
Account
(vi)( (Recurring or Fixed Deposit)
First a/c holder - "A"
Second a/c holder - "B"
The account will be clubbed with the a/c at (i)
Account (vii)
At Branch ‘Y’ of the bank
First a/c holder - "A"
Second a/c holder - "B"
Third a/c holder - "C"
The account will be clubbed with the a/c at (iv)
Account (viii) First a/c holder - "A"
Second a/c holder - "B"
Third a/c holder - "D"
Maximum insured amount upto ₹1 lakh
RIA No Information Sought Reply given/ Information provided Date of Reply
2203/ 2013-14 DEPR What happen if excess currency were printed?

As detailed in the “Frequently Asked Questions” link on the Reserve Bank of India website ( https://rbi.org.in/web/rbi/faq), the Reserve Bank decides the volume and value of banknotes to be printed each year. The quantum of banknotes that needs to be printed, broadly depends on the requirement for meeting the demand for banknotes due to GDP growth, replacement of soiled banknotes, inflation and reserve stock requirements. This estimation is done with the help of statistical models/techniques.

The Government of India decides the quantity of coins to be minted on the basis of indents received from the Reserve Bank. Although coins of all denominations are issued by the government, they are put into circulation through the Reserve Bank. The Reserve Bank is the sole authority for issuing banknotes in India under Section 22 of the Reserve Bank of India Act, 1934. It also derives the role of currency management from the above act.

The currency operations are carried out through its 18 issue offices, one sub-office at Lucknow, a currency chest at Kochi and a wide net work of currency chests. These offices receive fresh banknotes from the banknote printing presses. The issue offices of the Reserve Bank send fresh banknote remittances to the designated branches of commercial banks. Once the bank notes are released into the banking system, they form a part of the currency in circulation, which is the liability of the Issue Department of the Reserve Bank.

Section 34 (l) of the RBI Act requires that all bank notes issued by the Reserve Bank since April 1, 1935 and the currency notes issued by the Government of India before the commencement of operations of the Reserve Bank, be part of the liabilities of the Issue Department which stood at ₹12,016.24 billion as on June 30, 2013, including notes in circulation of ₹12,016.16 billion (Table 1).

Table 1: Reserve Bank of India: Issue Department Balance Sheet as at 30th June 2013 (₹ thousands)
2011-12 LIABILITIES 2012-13 2011-12 ASSETS 2012-13
89,169 Notes held in the Banking Department 80,169 760,096,797 Gold Coin and Bullion:  
(a) Held in India 674,316,432
11,034,645,327 Notes in Circulation 12,016,157,427 (b) Held outside India
      10,261,966,851 Foreign Securities 11,329,100,584
11,034,734,496 Total Notes Issued 12,016,237,596 11,022,063,648 Total 12,003,417,016
      2,206,548 Rupee Coin 2,356,280
      10,464,300 Government of India Rupee Securities 10,464,300
      Internal Bills of Exchange and other Commercial Paper
11,034,734,496 Total Liabilities 12,016,237,596 11,034,734,496 Total Assets 12,016,237,596
Source: Reserve Bank of India, Annual Report 2012-13

The eligible assets of the Issue Department for backing its currency liabilities consist of gold (coin and bullion), foreign securities, rupee coin, Government of India securities, internal bills of exchange and other commercial papers.

Though printing of money per-se is not inflationary, the injection of the same in to the banking system could lead to rise in prices. It may be mentioned in this context, presently the Reserve Bank does not directly monetise fiscal deficit by participating in government securities auctions (primary bond market).

The Reserve Bank however, could influence money supply by changing short-term interest rates (which impact currency demand) or by open market operations (by impacting funds available to the banking sector).

 

3117/11-12 DEPR

From where can I procure the History of Reserve Bank of India publication and what is its cost? Please mention full address and phone number of the person whom I can contact to procure the above said publication?

The Reserve Bank of India History 1935 – 1981 (3 volumes) is available at leading book stores in India. It can also be purchased by sending cheques / draft drawn in favour of Reserve Bank of India payable at Mumbai and sent to

Director
Division of Reports and Knowledge Disemination
Department of Economic and Policy Research
Reserve Bank of India, Amar Building
Sixth floor, P.M.Road, Fort, Mumbai 400 001.
Phone: 022-22603000 Extn: 4609
Click here to send email

The price of the three volume set is Rs. 3700/- (including postal charge).

January 3, 2012

4575/11-12 DEPR Please send the list of publications published by the Bank and also inform how to subscribe to the publications.

The list of major publications published by Department of Economic Policy Research is given below:

1. RBI Bulletin

2. Weekly Statistical Supplement (WSS)

3. Annual Report

4. Report on Trend and Progress of Banking In India

5. State Finances: A Study of Budgets

6. Report on Currency and Finance

7. Working Papers (published on RBI website only)

8. Occasional Papers

9. DRG Studies

Subscription process for the monthly RBI Bulletin and the Weekly Statistical Supplement is as follows:

 

Single Issue One year Three Years
Monthly Bulletin in India      
(a) Inclusive of Postage Rs.300* Rs.2750 Rs.8000
(b) Concessional @Abroad Rs.240* Rs. 2400 Rs.7200
Inclusive of Courier Charges US$14 US$150 US$450
Weekly Statistical Supplement in India (inclusive of Postage) Rs.11 Rs.475 Rs.1425
Abroad (Inclusive of Postage - US$30 US$90

*The price of a single copy without postage for regular subscription is Rs. 260 and for concessional subscription is Rs. 200.
@ Available for research students, full time teachers, academic institutions and public libraries in India. The Reserve Bank of India Bulletin is also available on Internet at http://www.bulletin.rbi.org.in
Payments should be made by Demand Draft / Crossed Cheque / pay Order drawn in favour of Reserve Bank of India and payable at Mumbai only. The forwarding letter enclosing DD / Crossed Cheque / Pay Order should be addressed to:
The Director, Division of Reports and Knowledge Dissemination, Department of Economic and Policy Research, Reserve Bank of India, Amar Building, 6th Floor, P.M.Road, Fort, Mumbai 400 001. Ph: 022 22603000 Extn. 4609 Fax: 022 22632110

Click here to send email

March 26, 2012

RIA No 4650/ 2013-14

1. When we say that the current account deficit of India is for say x Billion, what exactly is the period that we are referring to. India’s current account deficit is compiled on quarterly basis capturing all the current account transactions of balance of payments which take place between resident and non-resident entities during a particular quarter. Period coverage is clearly indicated in the Press Release and Statements on the balance of payments (i.e., Annual, half yearly or quarterly).

March 04, 2014

2. Is it updated on daily basis or on monthly basis.

As mentioned under 1, CAD is compiled on a quarterly basis

00126/ 2025-26 DEPR

1. State wise disbursement position of Government Loans/ Grants Government Account) from the year 1990-1991 to 2023-2024, in Excel or PDF format, covering all Indian States.

The Reserve Bank of India (RBI) is not the primary source for this information. The RBI. however, releases data on State (on finances as part of its annual publication titled - 'State Finances: A Study of Budgets'. 'Appendix III: Capital Receipt of States and Union Territories with Legislature of this publication includes data pertaining to State wise disbursement position of Government Loans/ Grants. The year-wise editions of the publication are available at:
https://rbi.org.in/web/rbi/-/publications/state-finances-a-study-of-budgets-of-2024-25-1

July 7, 2025

2. State wise utilization, undrawn balances, and payment of interest (back-to-back loan and grant on government account) from the year 1990-1991 to 2023-2024, including year wise detail of: Amount utilized

Undrawn balances Payment of interest by each State.

'Appendix II: Revenue Expenditure of States and Union Territories with Legislature' of the aforementioned publication includes data pertaining to interest payment by the States.

The year wise editions of the publication can likewise be accessed at the link provided above.

00065/ 2024-25
DEPR

What is the current debt to GDP ratio of India. Provide relevant documents related to it.

Reserve Bank of India (RBI) is not the primary source of this information. However, RBI compiles the data on Select Debt Indicators of Central and State Governments (as Percentage to GDP), which can be accessed at: https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=statistics and then following the sequence: Statistics > Public Finance > Central & State Govt. Finance (Combined) > Select Debt Indicators of the Central and State Governments (as Percentage to GDP).

May 14, 2024

00074/ 2022-23 DEPR

1. Which aggregate is used as official measure of National Income in India currently - NNP at Factor cost or GDP at market price or some other measure?

The primary source of data on the national accounts is the National Statistical Office (NSO). Ministry of Statistics and Programme Implementation (MOSPI), Government of India.

The requested information is available at the following links:
https://mospi.gov.in/publication/national-accounts-statistics-2023
https://mospi.gov.in/data

June 5, 2023
2. Which formula and method do we use to calculate REER and NEER in India (related to exchange rate)? The nominal effective exchange rate (NEER) is calculated as the geometric weighted average of bilateral exchange rates of the home currency in terms of trading partner currencies. The real effective exchange rate (REER) is the NEER adjusted by the weighted average of ratio of domestic price to foreign prices. The details on the methodology for computing NEER and REER of the Indian rupee are available in the article titled ‘Effective Exchange Rate Indices of the Indian Rupee', published in the January 2021 issue of the RBI Bulletin. The same can be accessed through the following link: https://rbi.org.in/web/rbi/-/publications/rbi-bulletin/effective-exchange-rate-indices-of-the-indian-rupee-20020
रिया संख्या मांगी गई जानकारी/सूचना जवाब दिया गया/जानकारी दी गई उत्तर की तारीख

ई/00803

मैंने भारतीय रुपये के मुकाबले पाउंड की विनिमय दर के बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया है लेकिन यह किसी बैंक में या भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए मैं आपसे 2 मई 2017 से 10 मई 2017 तक पाउंड की विनिमय दर मूल्य की जानकारी प्रदान करने का अनुरोध करता हूं।

10 जुलाई, 2018 से पहले जीबीपी/आईएनआर की संदर्भ दरों का ऐतिहासिक डेटा आरबीआई की वेबसाइट पर होम पेज- वर्तमान दरें>विनिमय दरें> अभिलेखागार पर उपलब्ध है। लिंक निम्नानुसार है: https://www.rbi.org.in/scripts/ReferenceRateArchive.aspx

10 जुलाई, 2018 से, एफबीआईएल (फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया लिमिटेड) यूएसडी/आईएनआर, यूरो/आईएनआर, जीबीपी/आईएनआर और जेपीवाई/आईएनआर संदर्भ दरों की गणना और प्रकाशन करता है। लिंक नीचे दिया गया है: https://www.fbil.org.in/#/home

03 फरवरी, 2021

पी03352

पी03352

01.09.2021 से 21.09.2021 की अवधि के लिए आयात भुगतान करने के लिए यूएस डॉलर, बिक्री दर चार्ट।

10 जुलाई, 2018 से, फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआईएल) ने यूएसडी/आईएनआर और अन्य प्रमुख मुद्राओं के लिए संदर्भ दर की गणना और प्रकाशन शुरू किया है। लिंक नीचे दिया गया है: https://www.fbil.org.in/#/home

तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने इस तारीख से यूएसडी/आईएनआर और अन्य प्रमुख मुद्राओं के लिए संदर्भ दर का प्रकाशन बंद कर दिया है। कृपया संदर्भ दर की गणना और प्रसार पर 04 जुलाई, 2018 की हमारी प्रेस विज्ञप्ति- वित्तीय बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआईएल) द्वारा किया जाना- देखें। लिंक नीचे दिया गया है: https://www.rbi.org.in/web/rbi/-/computation-and-dissemination-of-reference-rate-taking-over-by-financial-benchmarks-india-private-limited-fbil-44393

05 अक्तूबर, 2021

संबंधित बैंक द्वारा अमेरिकी डॉलर की खरीद दर पर प्रभार लगाने का आधार क्या है?

कृपया बैंकों में ग्राहक सेवा पर 01 जुलाई 2015 के मास्टर परिपत्र का पैरा 6.1 देखें। सेवा प्रभार निर्धारित करने का निर्णय अलग-अलग बैंकों पर छोड़ दिया गया है। विभिन्न प्रकार की सेवाओं जैसे चेक संग्रहण के लिए प्रभार, आदि के लिए सेवा प्रभार निर्धारित करते समय बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रभार युक्तिसंगत हों और इन सेवाओं को प्रदान करने की औसत लागत के अनुरूप ही हों। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी ध्यान रखना चाहिए कि कम गतिविधियों वाले ग्राहकों को दंडित नहीं किया जाए। लिंक नीचे दिया गया है: https://www.rbi.org.in/web/rbi/-/master-circular-on-customer-service-in-banks-9862

05 अक्तूबर, 2021

ई/08768

यह जानने के लिए,
क्या पंजीकृत ब्रोकर द्वारा प्रदान किए गए प्लेटफॉर्म का उपयोग करके विदेशी मुद्रा व्यापार करना नीचे दिए गए मुद्रा जोड़ियों के लिए भारत में कानूनी है-
ईयूआर-यूएसडी

जीबीपी-यूएसडी

यूएसडी-जेपीवाई

एक्सएयू-यूएसडी

एक्सएजी-यूएसडी

कृपया जोड़ें कि क्या कोई अन्य जोड़ी कानूनी है।

I. विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 की धारा 3 (ए) के अनुसार, फेमा, 1999 में अन्यथा उपबंधित नियमों या विनियमों, या रिज़र्व बैंक की सामान्य या विशेष अनुमति को छोड़कर, कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को विदेशी मुद्रा या विदेशी प्रतिभूति का लेन-देन या अंतरण नहीं करेगा जो प्राधिकृत व्यक्ति नहीं है।

II. विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 की धारा 5 और 6 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति चालू और पूंजी खाता लेनदेन की अनुमति के लिए अधिकृत व्यक्ति को या उससे विदेशी मुद्रा बेच या आहरित कर सकता है।
III. विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न संविदा) विनियमावली, 2000 की अनुसूची-I के साथ पठित विनियम 4 [दिनांक 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 25/2000-आरबी] के अनुसार, कोई व्यक्ति, चाहे वह भारत का निवासी हो अथवा भारत से बाहर का निवासी हो, केवल प्राधिकृत डीलर के साथ विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न संविदा कर सकता है। अधिकृत डीलरों की सूची निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://www.rbi.org.in/scripts/category.aspx
IV. इस सूची के अनुसार, विदेशी मुद्रा कारोबार के लिए प्लैटफ़ार्म प्रदान करने वाला ब्रोकर अधिकृत डीलर नहीं है।
V. इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीपी) (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 [दिनांक 05 अक्टूबर 2018 की अधिसूचना सं.एफएमआरडी.एफएमआईडी.08/2018] के पैरा 3(1) के अनुसार, कोई भी संस्था इन निदेशों के तहत आरबीआई की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना ईटीपी का परिचालन नहीं करेगी। लिंक इस प्रकार है: https://www.rbi.org.in/web/rbi/-/the-electronic-trading-platforms-reserve-bank-directions-2018-11385
VI. आरटीआई में संदर्भित प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 के तहत अधिकृत नहीं है।
VII. कृपया बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘इलेक्ट्रॉनिक/इंटरनेट ट्रेडिंग पोर्टल्स के माध्यम से विदेशी मुद्रा व्यापार पर आरबीआई की एडवाइजरी’ संबंधी प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक 21 फरवरी 2011 की 2010-2011/1196) देखें- https://www.rbi.org.in/web/rbi/-/rbi-advisory-on-overseas-forex-trading-through-electronic-internet-trading-portals-23941
VIII. अनुमत मुद्रा जोड़ियों के संबंध में :

i. नकद/टॉम/स्पॉट लेनदेन में अनुमत मुद्रा जोड़ियाँ: विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के पैरा 5 और 6 के अनुसार, निवासी अनुमत चालू और पूंजी खाता लेनदेन के लिए विदेशी मुद्रा खरीद या बेच सकते हैं। इसलिए, विदेशी मुद्रा लेनदेन की मुद्रा जोड़ी उस मुद्रा के अनुरूप होगी जिसमें अंतर्निहित चालू/पूंजी खाता लेनदेन को अंकित किया गया है।
ii. व्युत्पन्नी लेनदेन में अनुमत मुद्रा जोड़ियाँ :

ए. ओटीसी बाजार लेनदेन में : दिनांक 05 जुलाई 2016 के मास्टर निदेश- जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन (समय-समय पर अद्यतित) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न संविदा) विनियमावली, 2000 [दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 25/2000-आरबी] के अनुसार, निवासी फेमा, 1999 के अंतर्गत अनुमत लेनदेनों पर विनिमय दर जोखिम की हेजिंग के प्रयोजन से भारतीय रुपये से संबंधित विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी लेनदेन कर सकते हैं। विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी लेनदेन जिसमें आईएनआर शामिल नहीं है, हेजिंग के अलावा अन्य उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। इन दोनों मामलों में मुद्रा जोड़ी पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कृपया निम्नलिखित लिंक देखें:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-direction-risk-management-and-inter-bank-dealings-updated-as-on-june-06-2023-lt-span-gt-10485

बी. एक्स्चेंज ट्रेडेड व्युत्पन्नी लेनदेन में : दिनांक 6 अगस्त 2008 के समय-समय पर यथासंशोधित करेंसी फ्यूचर्स (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008 [अधिसूचना सं.एफ़ईडी.01/डीजी/(SG)-2008] और दिनांक 30 जुलाई 2010 के समय-समय पर यथासंशोधित एक्स्चेंज ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस निदेश, 2010 [अधिसूचना सं.एफ़ईडी.01/ईडी/(एचआरके)-2010] के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न संविदा) विनियम, 2000 [दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 25/2000-आरबी] के अनुसार, निवासियों को भारत में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर यूएसडी-आईएनआर, यूरो-आईएनआर, जीबीपी-आईएनआर, जेपीवाई-आईएनआर, यूरो-यूएसडी, जीबीपी-यूएसडी और यूएसडी-जेपीवाई में मुद्रा वायदा और विकल्प संविदाएं करने की अनुमति है। कृपया निम्नलिखित लिंक देखें:
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/guidelines-on-trading-of-currency-futures-in-recognised-stock-new-exchanges-4410
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/guidelines-on-trading-of-currency-options-on-recognised-stock-new-exchanges-5913
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/guidelines-on-trading-of-currency-futures-and-exchange-traded-currency-options-in-recognized-stock-exchanges-introduction-of-cross-currency-futures-and-exchange-traded-option-contracts-10172

12 नवम्बर, 2021

ई06615

क्या भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार वैध है?

i. निवासी व्यक्तियों को विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (फेमा) के अनुसार केवल अधिकृत व्यक्तियों के साथ और अनुमत उद्देश्यों के लिए विदेशी मुद्रा लेनदेन करने की अनुमति है। प्राधिकृत व्यक्तियों की सूची निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://www.rbi.org.in/scripts/category.aspx.
ii. इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीपी) (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 [दिनांक 05 अक्टूबर, 2018 की अधिसूचना सं.एफएमआरडी.एफएमआईडी.07/2018-19] के पैरा 3 (1) के अनुसार, कोई भी संस्था इन निर्देशों के तहत आरबीआई के पूर्व प्राधिकरण प्राप्त किए बिना ईटीपी का संचालन नहीं करेगी। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत ईटीपी की सूची निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://rbi.org.in/scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=4080
iii.इसके अलावा, कृपया 03 फरवरी, 2022 की आरबीआई प्रेस विज्ञप्ति (2021-2022/1660) और 07 सितंबर, 2022 की प्रेस विज्ञप्ति (2022-2023/835) देखें, जो क्रमशः https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=53216
और https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=54333
पर आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आप मार्गदर्शन के लिए
https://rbi.org.in/Scripts/FAQView.aspx?Id=146 पर आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध विदेशी मुद्रा लेनदेन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) का भी संदर्भ ले सकते हैं।

17 अक्टूबर, 2022

टी01227

क्या बाइनरी ट्रेडिंग और भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार प्लैटफ़ार्म के संबंध में आस्थगन (डेफरेंस) के लिए अनुबंध वैध है?

भारत में बाइनरी ट्रेडिंग और विदेशी मुद्रा में कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस (सीएफडी) की अनुमति नहीं है।

13 जनवरी, 2023

टी01227

भारतीय क्षेत्र में भारत के नागरिक को विदेशी मुद्रा में बाइनरी लेनदेन और कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस के लिए ऐप और वेबसाइट का उपयोग करने की अनुमति क्यों दी गई है?

विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अनुसार निवासी व्यक्तियों को केवल प्राधिकृत व्यक्तियों के साथ और अनुमत उद्देश्यों के लिए विदेशी मुद्रा लेन-देन करने की अनुमति है।

13 जनवरी, 2023

ई00584

आरबीआई ने एक अलर्ट सूची प्रकाशित की थी जिसमें प्रतिबंधित विदेशी मुद्रा व्यापारियों की सूची थी। हम जानते हैं कि इन व्यापारियों के बैंक खातों को आरबीआई ने फ्रीज कर दिया है। इस खाते में भारी मात्रा में धन था जिसे हमारे देशों के सामान्य नागरिकों ने इन व्यापारियों की वैधता को जाने बिना निवेश किया था। इसलिए, मैं जानना चाहूंगा कि क्या कोई ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा आम आदमी इन विदेशी मुद्रा व्यापारियों से अपना पैसा वापस पा सकते हैं जिनकी संपत्ति आरबीआई द्वारा जब्त कर दी गई है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर https://rbi.org.in/scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=4235 पर उपलब्ध 'चेतावनी सूची' में उल्लिखित संस्थाओं के किसी खाते/आस्तियों पर रोक नहीं लगाई है।

विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए अप्राधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के बारे में शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर दर्ज की जा सकती हैं। यह पोर्टल पीड़ितों/शिकायतकर्ताओं को सभी प्रकार के साइबर अपराध की शिकायतों की ऑनलाइन रिपोर्ट करने की सुविधा प्रदान करने के लिए भारत सरकार की एक पहल है। पोर्टल पर रिपोर्ट की गई शिकायतों का निपटान शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाता है। शिकायतें प्रवर्तन निदेशालय (ed-del-rev@nic.in) और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के संबंधित पुलिस प्राधिकारियों के पास भी दर्ज की जा सकती हैं।

02 फरवरी, 2023

ई02382 अनधिकृत संस्थाओं द्वारा विदेशी मुद्रा व्यापार को बढ़ावा देने के विरुद्ध भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा क्या कार्रवाई की गई है?

विदेशी मुद्रा व्यापार सुविधा पेश करने वाली अनधिकृत संस्थाओं के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है?
अनधिकृत विदेशी मुद्रा व्यापार प्लेटफार्मों के साथ विदेशी मुद्रा में लेनदेन के विरुद्ध जनता को सावधान करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने विभिन्न उपाय किए हैं, जो नीचे दिए गए हैं -

ए) अनधिकृत संस्थाओं/अनधिकृत विदेशी मुद्रा व्यापार प्लेटफॉर्मों के साथ विदेशी मुद्रा में लेनदेन के विरुद्ध जनता के सदस्यों को सावधान करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 03 फरवरी, 2022 (https://rbi.org.in/hi/web/rbi/-/press-releases/rbi-cautions-against-unauthorised-forex-trading-platforms-53216), 07 सितंबर, 2022 (https://rbi.org.in/hi/web/rbi/-/press-releases/rbi-issues-alert-list-of-entities-not-authorised-to-deal-in-forex-and-to-operate-electronic-trading-platforms-for-forex-transactions-54333) और 10 फरवरी, 2023 ( https://rbi.org.in/hi/web/rbi/-/press-releases/rbi-issues-an-updated-alert-list-55201) की प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से चेतावनी परामर्श जारी किया है।
 

बी) विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत 'प्राधिकृत व्यक्ति' के रूप में प्राधिकृत व्यक्तियों की सूची यहां: (https://rbi.org.in/hi/web/rbi/foreign-exchange-management/other-links/fema/ad-list और https://rbi.org.in/hi/web/rbi/foreign-exchange-management/other-links/fema/list-of-authorised-franchisees-of-ad-ffmcs) उपलब्ध है तथा 5 अक्टूबर, 2018 को जारी इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) दिशानिर्देश, 2018 के तहत विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने के लिए प्राधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीपी) की सूची यहां उपलब्ध है: https://rbi.org.in/hi/web/rbi/authorised-etps.

सी) विदेशी मुद्रा लेनदेन से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) जनता के सामान्य मार्गदर्शन के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर दिये गए हैं। (यहाँ उपलब्ध है: (https://rbi.org.in/hi/web/rbi/faq-page-2?ddm__keyword__26256231__FaqDetail Page2Title_en_US=Foreign%20Exchange%20(Forex)%20Transactions)

डी) आरबीआई ने एक ' सचेतक सूची' भी जारी की है जिसमें उन संस्थाओं के नाम शामिल हैं जो न तो फेमा, 1999 के तहत विदेशी मुद्रा में लेनदेन के लिए 'प्राधिकृत व्यक्ति' के रूप में प्राधिकृत हैं और न ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (भारतीय रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 के तहत विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए ईटीपी संचालित करने के लिए प्राधिकृत हैं। ‘सचेतक सूची’ में उन कंपनियों/प्लेटफॉर्मों/वेबसाइटों के नाम भी शामिल हैं जो ऐसी अनधिकृत कंपनियों/ईटीपी को बढ़ावा देते प्रतीत होते हैं जिनमें ऐसी अनधिकृत कंपनियों के विज्ञापन या प्रशिक्षण/सलाहकार सेवाएं प्रदान करने का दावा करना भी शामिल है। यह सूची संपूर्ण नहीं है और यह उस पर आधारित है जो प्रकाशन के समय आरबीआई को ज्ञात था। ‘सचेतक सूची' में शामिल न होने वाली कोई भी संस्था को आरबीआई द्वारा प्राधिकृत नहीं माना जाना चाहिए। 'सचेतक सूची' आरबीआई की वेबसाइट पर निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://rbi.org.in/hi/web/rbi/alert-list.

ई) अनधिकृत विदेशी मुद्रा व्यापार प्लेटफॉर्मों मंचों पर लेन-देन के विरुद्ध जनता को सावधान करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक 'विदेशी मुद्रा व्यापार' पर एक जागरूकता अभियान भी चला रहा है। अभियान से संबंधित प्रासंगिक सामग्री निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://rbi.org.in/web/rbi/rbi-kehta-hai/forex-trading

2. विदेशी मुद्रा लेनदेन से संबंधित उल्लंघनों के लिए, फेमा, 1999 की धारा 37 के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (डीओई) को फेमा के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघनों की जांच, खोज, जब्ती और अधिनिर्णय करने की शक्ति प्रदान की गई है।

 09 मई, 2025
RIA No Information Sought Reply given/ Information provided Date of Reply
  What is the rate of interest on agricultural loans that can be charged by the financial institutions under RBI? 1. In terms of Master Directions – Reserve Bank of India (Interest Rate on Advances) Directions 2016 (updated as on February 26, 2020), the interest rate on agricultural advances and advance to farmers shall be charged as per the instructions contained in the following circulars:

i) RPCD.No.PLFS.BC.60/PS.165-85 dated June 06, 1985 stipulated that the total interest debited to an account should not exceed the principal amount in respect of agricultural advances to small and marginal farmers, and,

ii) RPCD.No.PLFS.BC.129/05.02.27/97-98 dated June 29, 1998 stipulated that in respect of short duration crops and allied activities, compounding of interest by banks to agricultural advances be applied only if the loan/instalment becomes overdue.

2. In terms of para 13 (a) of Master Directions - Reserve Bank of India (Interest Rate on Advances) Directions 2016 (updated as on February 26, 2020) for loans covered by schemes specifically formulated by the Government of India, banks have to charge interest rates as per scheme.  Accordingly, the interest rate under the Interest Subvention scheme shall be governed by RBI circulars FIDD.CO.FSD.BC.No.15/05.02.001/2018-19 dated March 7, 2019 (for short term crop loans) and FIDD.CO.FSD.BC.No.10/05.02.001/2019-20 dated August 26, 2019 (for animal husbandry, dairying and fisheries).
 
  What are the Reserve Bank of India's guidelines on One Time Settlement (OTS) to small and medium enterprises

In terms of circular RPCD.CO.MSME & NFS.BC.40/06.02.31/2012-2013 dated November 1, 2012 all Scheduled Commercial banks were advised to put in place a Non-discretionary One Time Settlement scheme for recovery of non-performing loans for the MSE sector, duly approved by the Board of Directors. The circular is available on our website www.rbi.org.in.

 
  What are RBI guidelines on Education Loans?

Reserve Bank of India vide its Circular RPCD.PLNFS.BC.N. 83/ 06.12.05/2000-01 dated April 28, 2001 on ‘Educational Loan Scheme’ had forwarded the Model Education Loan Scheme prepared by Indian Banks’ Association (IBA), for implementation by all Scheduled Commercial Banks (SCBs). The scheme has since been modified by IBA from time to time. The Scheme provides broad guidelines to the banks and implementing bank will have the discretion to make changes suiting to the convenience of students/parents etc. The scheme can be accessed at IBA’s website.

 

 

What are the guidelines pertaining to PMEGP scheme?

The PMEGP Scheme was formulated by Government of India and circulated by Reserve Bank of India. Vide its circular RPCD.PLNFS.BC.41/09.04.01/2008-2009 dated October 10, 2008, which is available on our website www.rbi.org.in.

 
  What are the guidelines pertaining to resolution of stressed MSME units? In consultation with the Government of India, Ministry of MSME, RBI had issued the guidelines on the Framework for Revival and Rehabilitation of MSMEs along with operating instructions to banks vide Circular FIDD.MSME & NFS.BC.No.21/06.02.31/2015-16 dated March 17, 2016. The revival and rehabilitation of MSME units having loan limits up to ₹25 crore are undertaken under this Framework. The Committee approach is to be adopted for deciding corrective action plan which includes rectification, restructuring and recovery. The circular is available on our website www.rbi.org.in  
1.
RBIND/ R/2018/ 01994/6 dated May 08, 2018
Recently is there any Awareness Campaign available with RBI for promotion of Financial Literacy in Educational Institutions, if yes what were the provisions and procedures, if so furnish details from 2012 to Till Now. Reserve Bank of India (RBI) disseminates financial literacy through its Regional Offices (ROs) and Scheduled Commercial Banks (SCBs). With a view to spread financial literacy among school/college students, RBI has issued following guidelines to SCBs and its ROs:

a) Regional offices of RBI have been advised since 2014 to target school and college students in the activities undertaken by them under Financial Literacy Initiatives, for inculcating saving and responsible banking habits. Regional offices of RBI conduct the financial literacy programs in schools/colleges.

b) With a view of commencing financial education at school level with incorporation of Financial Education in School Curriculum, Regional offices of RBI have been advised in 2015 to get the financial education workbooks (developed by CBSE) translated into vernacular language and pursue with the state education boards in their jurisdiction to adopt the financial education workbooks in their school curriculum.

c) In 2016, Financial Literacy Centres operated by Banks have been advised to adopt a tailored approach for different target groups viz. Farmers, Micro and Small Entrepreneurs, School Children, SHGs, Senior Citizens etc while conducting financial literacy programs.

d) In addition to the above, RBI has developed tailored financial literacy content for five target groups' viz. Farmers, Small entrepreneurs, School children, Self Help Groups and Senior Citizens that can be used by the trainers in financial literacy programmes.
May 23, 2018

 

Sr. No. RIA Number Applicant’s query Our reply

1

RBIND/R/E/22/00232

CGTMSE fee yadhi account se jyadha kat liya gaya hai to uski shikiyat kaha kare?

किसी भी बैंक के खिलाफ बैंकिंग सेवाओं में कमी से संबंधित विशेष शिकायत के मामले में, इसे संबंधित बैंक में दर्ज किया जा सकता है। यदि एक महीने के भीतर संबंधित बैंक से शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया/ जवाब नहीं मिलता है या बैंक से संतोषजनक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं होती है, तो वह 'रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना, 2021' से संपर्क कर सकता है, जहां बैंक ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में कमी से संबंधित उनकी शिकायतों के समाधान के लिए एक त्वरित और सस्ता मंच प्रदान किया गया है। पूर्वोक्त योजना के तहत शिकायतें विशिष्ट ई-मेल (crpc@rbi.org.in ) के माध्यम से योजना में दिए गए प्रारूप के अनुसार दर्ज की जा सकती हैं अथवा भारतीय रिज़र्व बैंक, चौथी मंजिल, सेक्टर 17, चंडीगढ़-160017 में स्थापित केंद्रीकृत रिसीप्ट और प्रोसेसिंग केंद्र' (Centralised Receipt and Processing Centre-CRPC) को लिखित/ मुद्रित रूप (हार्ड कॉपी) में भेजी जा सकती हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक की शिकायत प्रबंधन प्रणाली के तहत https://cms.rbi.org.in वेबसाइट पर भी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं।

2

RBIND/R/E/22/05829

Whether it is mandatory to have bank account of all members at the same branch or same bank for opening account of SHG under DAY-NRLM?

दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) पर आरबीआई के मास्टर परिपत्र के पैरा 7.1 (बचत/चालू खाते खोलना) के अनुसार, बैंकों की भूमिका सभी स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए, जिसमें विकलांग सदस्य भी शामिल हैं, और एसएचजी के परिसंघों के लिए बैंक खाते खोलने के साथ शुरू होती है।

(i) अपने सदस्यों के बीच बचत की आदतों को बढ़ावा देने में लगे हुए एसएचजी बचत बैंक खाते खोलने के लिए पात्र होंगे।

(ii) एसएचजी सदस्यों से संबंधित केवाईसी सत्यापन के लिए, केवाईसी पर मास्टर निदेश (दिनांक 25 फरवरी 2016, जिसे समय-समय पर अद्यतन किया गया है) के अनुदेशों का पालन किया जाएगा।

(iii) कारोबार प्रतिनिधियों से संबंधित वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुपालन तथा कारोबार प्रतिनिधियों पर बैंक के बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के अनुसार बैंकों द्वारा तैनात कारोबार प्रतिनिधियों को भी एसएचजी के बचत बैंक खाते खोलने हेतु प्राधिकृत किया जा सकता है।

(iv) बैंक में सभी सदस्यों के बचत खाते खोलने को एसएचजी के क्रेडिट लिंकेज हेतु एक शर्त न बनाया जाए। बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे स्वयं सहायता समूहों के लिए बचत और ऋण खातों का रख-रखाव अलग-अलग करें।

विस्तृत जानकारी के लिए आप आरबीआई की वेबसाइट पर नीचे दिए गए लिंक पर उपर्युक्त परिपत्र देख सकते हैं:
(https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-deendayal-antyodaya-yojana-national-rural-livelihoods-mission-day-nrlm-43)
(दिए गए मास्टर परिपत्र/ परिपत्र तक पहुंचने के लिए लिंक पर क्लिक करें या इंटरनेट ब्राउज़र पर वेब-लिंक टाइप करें)

3

RBIND/R/E/23/00818

एक SHG समूह का खाता खोलने के लिए SHG समूह का कार्यालय होना आवश्यक है क्या?

आवेदक को सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 01 अप्रैल 2022 के स्वयं सहायता समूह – बैंक सहलग्नता कार्यक्रम पर मास्टर परिपत्र के पैरा 4 ‘बचत बैंक खाता खोलना’ का संदर्भ ग्रहण करें।
उपर्युक्त मास्टर परिपत्र के लिए लिंक सुलभ संदर्भ हेतु सलंग्न है।
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-on-shg-bank-linkage-programme-12266

4

RBIND/R/E/23/02113

Please provide me a copy of RBI Circular No.RPCD.Plan.BC.15/04.09.01/2001-02 dated 17.08.2001 on Charging of Penal Interest by Banks on Priority Sector Loans

परिपत्र की प्रति संलग्न है। इसे देखने के लिए लिंक नीचे दिया गया है: https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/charging-of-penal-interest-by-banks-on-priority-sector-loans-445

5

RBIND/R/E/23/02575

RBI circular RPCD.PLNFS.BC.NO.29 /06.02.(II)/99-2000 clearly Say Exemption limit of collateral security/third party guarantee was raised to Rs. 1 lakhs and RBI subsequently the limit was revised from time to time, but RBI circular RPCD.SME & NFS.BC.No.79/06.02.31/2009-10 say up to 10 lakhs mse loan banks are not to accept Collateral security but my question is RBI circular RPCD.PLNFS.BC.NO.29 /06.02.(II)/99-2000 say Exemption of collateral security/third guarantee and RBI circular RPCD.SME &NFS.BC.No.79/06.02.31/2009-10 say not to accept Collateral security above Collateral security mean include third party guarantee?

सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना की समीक्षा करने के लिए कार्य दल पर परिपत्र आरपीसीडी.एसएमई और एनएफएस.बीसी.सं. 79 /06.02.31/2009-10 - एमएसई को संपार्श्विक मुक्त ऋण, केवल संपार्श्विक सुरक्षा पर लागू होता है।

 

6

RBIND/R/E/23/04920

Required Documents for Kisan Credit Card Loan:

Please provide a list of the documents required when applying for a Kisan Credit Card loan as per RBI guidelines.

i. आप नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध ‘किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना’ पर हमारे दिनांक 04 जुलाई 2018 के मास्टर परिपत्र का संदर्भ ले सकते हैं: https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-kisan-credit-card-kcc-scheme-11325
(दिए गए परिपत्र तक पहुंचने के लिए इंटरनेट ब्राउज़र पर वेब-लिंक टाइप करें)

ii. उपर्युक्त मास्टर परिपत्र के पैरा 13.3 के अनुसार, केसीसी ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज बैंकों के आंतरिक दिशानिर्देशों के अनुसार हैं।

7

RBIND/R/E/23/04920

Q.1.Security Requirements for Kisan Credit Card Loan:
Share information on the security requirements for KCC loans, both for amounts up to Rs 1 lakh and exceeding Rs 1.6 lakhs and above Rs 1.6 lakhs, in accordance with the RBI guidelines mentioned in the above-mentioned letter.

i. आपके प्रश्न 1 के उत्तर में दिए गए दिनांक 4 जुलाई 2018 के ‘किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना’ पर मास्टर परिपत्र के पैरा 12.2 के अनुसार, जमानत आवश्‍यकता निम्‍नानुसार हो सकती है:

  • फसल दृष्टिबंधक के रूप में रखना: बैंकों को ₹1.00 लाख तक की केसीसी सीमा के लिए मार्जिन/ जमानत आवश्‍यकताओं को छोड़ देना है।
  • वसूली के लिए टाई-अप के साथ : बैंक फसलों के दृष्टिबंधक पर संपार्श्विक जमानत का आग्रह किए बिना ₹ 3.00 लाख की कार्ड सीमा तक ऋण मंजूर करने पर विचार कर सकते हैं।
  • संपार्श्विक जमानत : गैर टाई अप अग्रिमों के मामले में ₹1.00 लाख से अधिक और टाई अप अग्रिमों के मामले में ₹3.00 लाख से अधिक की ऋण सीमा के लिए बैंक के विवेक पर संपार्श्विक जमानत प्राप्‍त की जा सकती है।
  • जिन राज्‍यों में बैंकों को भूमि रिकार्डों पर ऑन लाइन प्रभार निर्माण करने की सुविधा प्राप्‍त है वहां इसे सुनिश्चित किया जाए।

ii. इसके अतिरिक्त, आप दिनांक 07 फरवरी 2019 को जारी हमारे परिपत्र ‘कृषि हेतु ऋण प्रवाह - संपार्श्विक मुक्त कृषि ऋण’ का संदर्भ ले सकते हैं, जो नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है: https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/credit-flow-to-agriculture-collateral-free-agricultural-loans-11469
(दिए गए परिपत्र तक पहुंचने के लिए इंटरनेट ब्राउज़र पर वेब-लिंक टाइप करें)

8

RBIND/R/E/23/03851

What is the eligibility condition for availing education loan?

जानकारी उपलब्ध नहीं है.

तथापि, शिक्षा ऋण के संबंध में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘शैक्षिक ऋण योजना’ पर दिनांक 28 अप्रैल 2001 के परिपत्र आरपीसीडी.पीएलएनएफएस. बीसी.सं.83/06.12.05/2000-01 के माध्यम से सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा तैयार की गई मॉडल शिक्षा ऋण योजना को अपनाने हेतु सूचित किया है। इस योजना को समय-समय पर आईबीए द्वारा संशोधित किया गया है और इसका नवीनतम संशोधन मॉडल शिक्षा ऋण योजना (एमईएलएस), 2022 है।

एमईएलएस 2022 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप आईबीए की वेबसाइट www.iba.org.in पर उपलब्ध उपरोक्त योजना का संदर्भ ले सकते हैं और इसे एक्सेस करने का तरीका है https://www.iba.org.in -> आईबीए विभाग -> खुदरा बैंकिंग -> शैक्षिक ऋण -> आईबीए द्वारा जारी परिपत्र -> भारत और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आईबीए मॉडल शैक्षिक ऋण योजना, 2022.

9

RBIND/R/E/23/03851

On the educational loan provided by the bank, no guarantee or security is required on the loan up to what amount?

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिनांक 12 अप्रैल 2010 के परिपत्र आरपीसीडी.एसएमई और एनएफएस.बीसी.सं. 69/06.12.05/2009-10 के माध्यम से, संपार्श्विक मुक्त ऋण-शैक्षिक ऋण योजना पर सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को सूचित किया है कि बैंकों को 4 लाख रुपये तक के शैक्षिक ऋण के मामले में अनिवार्य रूप से संपार्श्विक सुरक्षा प्राप्त नहीं करनी चाहिए।

10

RBIND/R/E/23/02780

Q.1.What is the procedure to close an education loan availed from Indian Overseas Bank only by paying the principal amount after the moratorium period?

वित्तीय समावेशन और विकास विभाग, केंद्रीय कार्यालय के पास इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

तथापि, शिक्षा ऋण के संबंध में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘शैक्षिक ऋण योजना’ पर दिनांक 28 अप्रैल 2001 के परिपत्र आरपीसीडी.पीएलएनएफएस. बीसी.सं.83/06.12.05/2000-01 के माध्यम से सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा तैयार की गई मॉडल शिक्षा ऋण योजना को अपनाने हेतु सूचित किया है। इस योजना को समय-समय पर आईबीए द्वारा संशोधित किया गया है और इसका नवीनतम संशोधन मॉडल शिक्षा ऋण योजना (एमईएलएस), 2022 है।

एमईएलएस 2022 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप आईबीए की वेबसाइट www.iba.org.in पर उपलब्ध उपरोक्त योजना का संदर्भ ले सकते हैं और इसे एक्सेस करने का तरीका है https://www.iba.org.in -> आईबीए विभाग -> खुदरा बैंकिंग -> शैक्षिक ऋण -> आईबीए द्वारा जारी परिपत्र -> भारत और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आईबीए मॉडल शैक्षिक ऋण योजना, 2022।

Q.2.When does an education loan turn NPA?

Q.3.If an education loan turn NPA, What are the procedures available for a one-time settlement that is only paying the Principal amount and closing the loan?

Q.4.Do the borrowers have the right to demand a one-time settlement for an education loan availed from Indian Overseas Bank?

Q.5.Whom should I approach if the concerned Branch Manager refuses a one-time settlement?

Q.6.Can the Indian Overseas Bank file Police Complaint and arrest the borrower if the Education loan is not repaid?

11

RBIND/R/P/24/02562

Provide the name and details of Lead Banks in districts of Kerala.

आवेदक नीचे दी गई वेब-लिंक पर उपलब्ध दिनांक 01 अप्रैल 2024 को अग्रणी बैंक योजना पर आरबीआई के मास्टर परिपत्र के अनुबंध-I का संदर्भ ले सकते हैं।
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-lead-bank-scheme

12

RBIND/R/E/24/03424

Is it mandatory to submit no due certificate for availing crop loan from bank as still some banks are asking no due for disbursement of fresh crop loan?

सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण और ‘अदेयता (नो ड्यू) प्रमाणपत्र’ की आवश्यकता के संबंध में, आवेदक बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध दिनांक 01 अप्रैल 2024 को जारी आरबीआई के अग्रणी बैंक योजना पर मास्टर परिपत्र – विसविवि.केंका.एलबीएस. बीसी.सं.01/02.01.001/2024-25 के पैरा 8 और 8.1 का संदर्भ ले सकते हैं।
(https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-lead-bank-scheme)

13

RBIND/R/E/24/02856

I want to have the information regarding the complete methodology and the entire list of 97 indicators along with their assigned weights in the construction of financial inclusion index for India by Reserve Bank Of India. I want to know the complete step by step process used by RBI in the construction of this financial inclusion index. I want this information for my PhD in economics in which I will be constructing a financial inclusion index at district level.

कृपया आरबीआई बुलेटिन (सितंबर-2021 संस्करण) में प्रकाशित ‘भारत के लिए वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई इंडेक्स)’ पर लेख देखें।
इसका लिंक नीचे दिया गया है: (https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/publications/rbi-bulletin/financial-inclusion-index-for-india-20502?category=23918848)

 

14

RBIND/R/P/24/02390

We request you please provide us is there any provision for the private financial organization to issue financial loans (Money Lending Act) (exclusive for the Scheduled Areas) if there any orders/license/permission/GO issued by your office. Please provide us the information from FY 2000-01 to 2023-2024 as follows

  • List of the Money Lending private financial organization of A.P. (exclusive for Scheduled Areas)
  • Rate of Interest for those loans
  • Maximum - Minimum Tenure and Mode of EMI
  • Rate of Interest for the loan

Does and Do Nots while collecting the EMI's

इस संबंध में कोई विशिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालाँकि, आप भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिनांक 16 अप्रैल 2024 के निम्नलिखित मास्टर परिपत्र का संदर्भ ले सकते हैं, जो आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है:

मास्टर परिपत्र - अनुसूचित जाति (अजा) और अनुसूचित जनजाति (अजजा) को ऋण सुविधाएँ
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notificaitons/master-circular-credit-facilities-to-scheduled-castes-scs-scheduled-tribes-sts-
(दिए गए मास्टर परिपत्र/परिपत्र तक पहुंचने के लिए लिंक पर क्लिक करें या इंटरनेट ब्राउज़र पर वेब-लिंक टाइप करें)

15

RBIND/R/P/24/02211

Give me the information following Point’s about Conditions, Rules and Regulations to maintaining the CFL Centers and program implementation in Telangana State.

सीएफएल को ब्लॉक स्तर पर भाड़े पर ली गई जगह पर स्थापित किया जाना है और इसमें बुनियादी सुविधाएं जैसे फर्नीचर, एलसीडी, लैपटॉप, जनता के सामान्य प्रश्नों के समाधान के लिए हेल्पलाइन, शिविरों के संचालन के दौरान उपयोग के लिए हैंड हेल्ड प्रोजेक्टर, वित्तीय साक्षरता सामग्री का स्टॉक, बैठने की व्यवस्था या अन्य आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए।

प्रत्येक केन्द्र से सामान्यतः 3 ब्लॉकों की सेवा अपेक्षित होती है। गैर सरकारी संगठनों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी प्रशिक्षण गतिविधियों में जनसंख्या के सभी वर्गों को शामिल करें, तथापि यह वांछनीय है कि महिलाओं, परिवार के कामकाजी सदस्यों, युवाओं तथा समुदाय के कमजोर वर्गों जैसे कि दिव्यांगों पर ध्यान केन्द्रित किया जाए, जो वित्तीय प्रणाली से बाहर रह गए हैं।

16

RBIND/R/P/24/02232

Provide all government schemes in saving bank account. Like- Insurance, Pension plan and other

आप भारत सरकार की चुनिंदा योजनाओं पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निम्नलिखित मास्टर परिपत्रों का संदर्भ ले सकते हैं। ये मास्टर परिपत्र आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध हैं:

क) मास्‍टर परिपत्र – दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम)
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-deendayal-antyodaya-yojana-national-rural-livelihoods-mission-day-nrlm-43

b) मास्‍टर परिपत्र - दीनदयाल अंत्‍योदय योजना – राष्‍ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई - एनयूएलएम)
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/deendayal-antyodaya-yojana-national-urban-livelihoods-mission-day-nulm-12066

17

RBIND/R/T/24/00361

What is being done to help more people access banking services?

“देश में वित्तीय समावेशन के स्तर को समग्रतः व्यवस्थित रूप से बढ़ाने के लिए, वित्तीय समावेशन हेतु राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफआई) 2019-24 लागू की गई है। एनएसएफआई भारत में वित्तीय समावेशन नीतियों के दृष्टिकोण और प्रमुख उद्देश्यों को निर्धारित करती है, ताकि वित्तीय क्षेत्र में सभी हितधारकों को शामिल करते हुए कार्रवाई के व्यापक अभिसरण के माध्यम से पहुंच का विस्तार किया जा सके और इन प्रयासों को बनाए रखा जा सके। एनएसएफआई: 2019-24 की सिफारिशों में से एक के अनुसार, 99 प्रतिशत से अधिक चिन्हित गांवों में 500 घरों वाले 5 किलोमीटर/ टोले (गांव) के दायरे में किसी न किसी रूप में बैंकिंग सेवाएं प्रदान की गई हैं।”

18

RBIND/R/E/24/01734

I request you to provide the data pertaining to priority sector lending targets achievement (in absolute figures and % to their ANBC) of below mentioned banks for the last five financial years (FY2022-23,FY2021- 22,FY2020-21, FY2019-20,FY2018-19).

प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को बैंकवार बकाया अग्रिमों के आंकड़े निम्नलिखित तरीके से प्राप्त किए जा सकते हैं:

www.rbi.org.in >सांख्यिकी->भारतीय अर्थव्यवस्था पर डेटाबेस->समय श्रृंखला प्रकाशन->भारत में बैंकों से संबंधित सांख्यिकीय सारणी->अन्य सारणी-टेबल संख्या:4

19

RBIND/R/E/24/01734

And also I request you to provide the data pertaining to Priority sector lending certificates (PSLC) (in absolute figures and % to their actual PSL figures) purchased by these banks for mentioned years.
Bank Names:
1) State Bank of India
2) Bank of Baroda
3) Canara Bank
4) ICICI Bank
5) HDFC Bank
6) Axis Bank

किसी बैंक द्वारा कारोबार किए जाने वाले पीएसएलसी से संबंधित जानकारी, दिनांक 7 अप्रैल 2016 के प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र उधार प्रमाणपत्रों पर जारी हमारे परिपत्र विसविवि.केंका.प्लान.बीसी. 23/04.09.01/2015-16 बिंदु संख्या xiv के अनुसार, संबंधित बैंकों की ‘तुलन पत्र प्रकटीकरण’ से प्राप्त की जा सकती है।

(https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/priority-sector-lending-certificates-10339)

20

RBIND/R/E/24/01734

I request you to provide the data by below mentioned categories wise and also overall PSL achievement.
i. Agriculture
ii. Micro, Small and Medium Enterprises
iii. Export Credit
iv. Education
v. Housing
vi. Social Infrastructure
vii. Renewable Energy
viii. Others

प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को बैंकवार बकाया अग्रिमों के आंकड़े निम्नलिखित वेब पाथ से प्राप्त किए जा सकते हैं:
www.rbi.org.in ->सांख्यिकी->भारतीय अर्थव्यवस्था पर डेटाबेस->समय श्रृंखला प्रकाशन->भारत में बैंकों से संबंधित सांख्यिकीय सारणी->अन्य सारणी- टेबल संख्या:4

21

RBIND/R/E/24/03792

Q.1.The guidelines and eligibility criteria for sanctioning loans to Micro, Small, and Medium Enterprises (MSME).

जानकारी उपलब्ध नहीं है.

हालाँकि, भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को ऋण देने के संबंध में बैंकों को कई अनुदेश/ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण देने पर दिनांक 24 जुलाई 2017 के मास्टर निदेश विसविवि.एमएसएमई एण्ड एनएफएस. 12/ 06.02.31/2017-18 (11 जून 2024 तक अद्यतन) में इस विषय पर अद्यतन अनुदेश/ दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं।

Q.2.The documentation and collateral requirements, if any, for MSME loans.

जानकारी उपलब्ध नहीं है.

हालाँकि, उपर्युक्त मास्टर निदेश के पैरा 4 के अनुसार निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

  1. पैरा 4.1 के अनुसार, बैंकों को आदेश दिया गया है कि एमएसई क्षेत्र में इकाइयों को ₹10 लाख तक दिए गए ऋणों के मामलों में संपार्श्विक जमानत स्वीकार न करें।
  2. और पैरा 4.7.(ii) के अनुसार, बैंकों को सूचित किया गया है कि वे एमएसएमई उधारकर्ताओं को ऋण के लिए आवेदन करते समय ऋण आवेदन की प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक दस्तावेजों की एक सांकेतिक चेकलिस्ट उपलब्ध कराएं।

22

RBIND/R/P/24/03412

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए न्यूनतम कितनी जमीन का स्वामितत्व होना चाहिए

विशिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, आप हमारे किसान क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित निम्न परिपत्रों का संदर्भ ले सकते हैं -

i. ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ पर दिनांक 04 जुलाई 2018 का परिपत्र नीचे दी गई वेब-लिंक पर उपलब्ध है – https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-kisan-credit-card-kcc-scheme-11325

ii. ‘किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना: पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए कार्यशील पूंजी’ पर दिनांक 04 फरवरी 2019 का परिपत्र नीचे दी गई लिंक पर उपलब्ध है –
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/kisan-credit-card-kcc-scheme-working-capital-for-animal-husbandry-and-fisheries-11462

iii. ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना : मत्स्य पालन/ एक्वा कल्चर में संलग्न किसानों के लिए पात्रता मानदंड’ पर दिनांक 18 मई 2022 का परिपत्र नीचे दी गई वेब-लिंक पर उपलब्ध है – https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/kisan-credit-card-scheme-eligibility-criteria-for-farmers-engaged-in-fisheries-aquaculture-12318

(दिए गए परिपत्र तक पहुंचने के लिए वेबलिंक को इंटरनेट ब्राउज़र पर टाइप करें।)

23

RBIND/R/P/24/02232

Provide all government schemes in saving bank account. Like- Insurance, Pension plan and other.

आप भारत सरकार की चुनिंदा योजनाओं पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निम्नलिखित मास्टर परिपत्रों का संदर्भ ले सकते हैं। ये मास्टर परिपत्र आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध हैं:

क) मास्‍टर परिपत्र – दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम)
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-deendayal-antyodaya-yojana-national-rural-livelihoods-mission-day-nrlm-43

ख) मास्‍टर परिपत्र - दीनदयाल अंत्‍योदय योजना – राष्‍ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई - एनयूएलएम)
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/deendayal-antyodaya-yojana-national-urban-livelihoods-mission-day-nulm-12066

24

RBIND/R/P/24/02390

We request you please provide us is there any provision for the private financial organization to issue financial loans (Money Lending Act) (exclusive for the Scheduled Areas) if there any orders/license/permission/GO issued by your office. Please provide us the information from FY 2000-01 to 2023-2024 as follows

  • List of the Money Lending private financial organization of A.P. (exclusive for Scheduled Areas)
  • Rate of Interest for those loans
  • Maximum - Minimum Tenure and Mode of EMI
  • Rate of Interest for the loan

Does and Do Nots while collecting the EMI's

कोई विशिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालाँकि, आप भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिनांक 16 अप्रैल 2024 के निम्नलिखित मास्टर परिपत्र का संदर्भ ले सकते हैं, जो आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है:

मास्टर परिपत्र - अनुसूचित जाति (अजा) और अनुसूचित जनजाति (अजजा) को ऋण सुविधाएँ
https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notificaitons/master-circular-credit-facilities-to-scheduled-castes-scs-scheduled-tribes-sts-
(दिए गए मास्टर परिपत्र/परिपत्र तक पहुंचने के लिए वेब-लिंक पर क्लिक करें या इंटरनेट ब्राउज़र पर वेब-लिंक टाइप करें)

क्रम संख्या आरआईए संख्या मांगी गई सूचना दिया गया उत्तर/ प्रदान की गई सूचना उत्तर की तारीख
1. RBIND/R/P/22/01449 कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक से निधि अंतरण द्वारा भारत सरकार को प्राप्त आय का ब्यौरा प्रस्तुत करें। प्रत्येक वर्ष केंद्र सरकार को देय अधिशेष की जानकारी 'रिज़र्व बैंक के खाते' अध्याय में दी गई है, जो संबंधित वर्षों की 'वार्षिक रिपोर्ट' का हिस्सा है। यह आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसका लिंक नीचे दिया गया है:

https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/reports/annual_report/annual_report_chapterwise?&publishDateFrom=2024-01-01&publishDateTo=2024-12-31
24 मई 2022
2. आरबीआईएनडी/आर/ई/ 22/06028 महोदय, अनुरोध है कि संबंधित बैंक सीपीपीसी द्वारा पेंशन खाते के साथ-साथ मासिक पेंशन से बकाया की वसूली के अधिकार और प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करें। भारतीय रिज़र्व बैंक को संबंधित बैंक सीपीपीसी द्वारा पेंशन खाते के साथ-साथ मासिक पेंशन से देय राशि की वसूली के अधिकार और प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

तथापि, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने दिनांक 01 अप्रैल, 2022 मास्टर परिपत्र डीजीबीए.जीबीडी.सं.एस2/31.02.007/2022-23 के पैरा 5 और 6 में कहा है कि: -

“अधिक पेंशन भुगतान की राशि सरकार को वापस करना

5. एजेंसी बैंक की त्रुटि के कारण जब कभी कोई अतिरिक्त/अधिभुगतान का पता चलता है है तो अतिरिक्त/अधिभुगतान की संपूर्ण राशि एकमुश्त रूप में सरकार के खाते में तुरंत जमा कर दी जानी चाहिए। यह कार्रवाई पेंशनर वसूली से स्‍वतंत्र है। एजेंसी बैंको से अनुरोध है कि वे पेंशनरों को किए गए अतिरिक्त/अधिक भुगतान की वसूली, यदि कोई हो, के लिए अपनाई जानेवाली प्रक्रिया के संबंध में संबंधित पेंशन स्‍वीकृत करने वाले प्राधिकारियों से मार्ग-दर्शन लें/प्राप्‍त करें।

6. यदि पेंशनरों को अधिक/गलत भुगतान सरकार द्वारा की गई त्रुटियों के कारण हुआ हो तो बैंक इस मामले के त्वरित समाधान के लिए संपूर्ण ब्यौरे के साथ संबंधित सरकारी विभाग से संपर्क करें। तथापि यह कार्य समयबद्ध रूप से होना चाहिए और इस संबंध में सरकारी प्राधिकारियों की पावती बैंक के अभिलेख में अवश्य रखी जाए। ऐसे मामलों में बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक को संदर्भित किए बिना ही सरकारी विभागों से संपर्क कर सकते हैं।“

उक्त मास्टर परिपत्र https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-disbursement-of-government-pension-by-agency-banks-12275 पर उपलब्ध है।
15 सितंबर 2022
3. आरबीआईएनडी/आर/ई/ 22/06496 यदि पेंशनभोगी एक वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान की गई पेंशन का विवरण या पेंशन भुगतान पर्ची चाहता है, तो उसे किससे संपर्क करना चाहिए? आरबीआई के पास इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आरबीआई ने इस मामले में कोई निर्देश जारी नहीं किया है। इसलिए पेंशनभोगी किसी वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान की गई पेंशन या पेंशन भुगतान पर्ची के विवरण के लिए पेंशन वितरण बैंक या संबंधित सरकारी विभाग, जैसा भी मामला हो, से संपर्क कर सकता है।
30 सितंबर 2022
4. आरबीआईएनडी/आर/ई/ 22/06496 क्या पेंशनभोगी पेंशन का बकाया जमा करने में देरी के लिए बैंक से किसी मुआवजे का हकदार है? एजेंसी बैंकों द्वारा सरकारी पेंशन के संवितरण पर भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 01 अप्रैल, 2022 के मास्टर परिपत्र के पैरा 18 (ए) के अनुसार: -

"पेंशन भुगतान करने वाले बैंकों को भुगतान की देय तिथि के बाद देरी के लिए पेंशन / उसके बकाया को 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की निश्चित ब्याज दर पर पेंशनभोगी को मुआवजा देना चाहिए और मुआवजे को पेंशनभोगी के खाते में बिना किसी दावे के स्वचालित रूप से जमा किया जाएगा। पेंशनभोगी उसी दिन जब बैंक 1 अक्टूबर 2008 से किए गए सभी विलंबित पेंशन भुगतानों के संबंध में संशोधित पेंशन/पेंशन बकाया के लिए क्रेडिट प्रदान करता है।"

उपरोक्त परिपत्र यहां उपलब्ध है: - https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-circular-disbursement-of-government-pension-by-agency-banks-12275
30 सितंबर 2022
5. आरबीआईएनडी/आर/ई/ 22/06495 यदि पेंशनभोगी का कोई प्रश्न है या भुगतान की गई पेंशन की राशि पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है, तो उसे क्या करना चाहिए? आरबीआई के पास इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आरबीआई ने इस मामले में कोई निर्देश जारी नहीं किया है। इसलिए पेंशनभोगी भुगतान की गई पेंशन की राशि पर स्पष्टीकरण के लिए अपने संबंधित पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी या पेंशन वितरण बैंक से संपर्क कर सकता है।
30 सितंबर 2022
6. RBIND/R/E/22/06702/1 वर्तमान में रिज़र्व बैंक के पास कुल एसेट(प्रतिभूतिी) कितनी व किस रुप में है? प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराएं। भारतीय रिज़र्व बैंक की एसेट (प्रतिभूति) की जानकारी 'वार्षिक रिपोर्ट' के भाग 'रिज़र्व बैंक के खाते' अध्याय में दी गई है। यह भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसका लिंक नीचे दिया गया है:

https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/reports/annual_report/annual_report_chapterwise?&publishDateFrom=2024-01-01&publishDateTo=2024-12-31
10 अक्तूबर 2022
7. RBIND/R/E/22/07288/1 वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए वैश्विक स्तर पर RBI का कुल राजस्व भारतीय रिज़र्व बैंक के राजस्व की जानकारी 'वार्षिक रिपोर्ट' के भाग 'रिजर्व बैंक के खाते' अध्याय में दी गई है। यह आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसका लिंक नीचे दिया गया है:

https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/reports/annual_report/annual_report_chapterwise?&publishDateFrom=2024-01-01&publishDateTo=2024-12-31
07 नवम्बर 2022
8. आरबीआईएनडी/आर/ई/ 22/08435 महोदय, कृपया मुझे पेंशनभोगी/पारिवारिक पेंशनभोगी का जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के संबंध में बैंक को जारी संपूर्ण दिशानिर्देश प्रदान करें भारतीय रिज़र्व बैंक के 01 अप्रैल 2022 के मास्टर परिपत्र डीजीबीए.जीबीडी.सं.एस2/31.02.007/2022-23 के पैरा 13 के अनुसार :-

“ऐसी शिकायतें हैं कि पेंशन अदा करने वाली शाखाओं में काउंटर पर प्रस्तुत जीवन प्रमाणपत्र खो जाने के कारण मासिक पेंशन के भुगतान में विलंब होता है। पेंशनरों को हो रही इन कठिनाइयों को कम करने के लिए एजेंसी बैंकों को यह अनुदेश दिया गया है कि वे इस संबंध में यथाविधि हस्ताक्षरित पावती अनिवार्य रूप से जारी करें। उन्‍हें यह भी सूचित किया गया है कि वे उनके जीवन प्रमाणपत्र की प्राप्ति की अपने सीबीएस में प्रविष्टि करने पर विचार करें और सिस्टम जनित पावती जारी करें जिससे पावती के साथ-साथ अभिलेखों को वास्तविक समय में अद्यतन करने संबंधी दोनों प्रयोजन पूरे होंगे”।

आरबीआई की ओर से इस मामले में कोई अन्य निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। तथापि, इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित पेंशन प्राधिकारियों अर्थात् केन्द्र सरकार की पेंशन के मामले में, केन्द्रीय पेंशन लेखा कार्यालय और राज्य सरकार की पेंशन के मामले में संबंधित राज्य स्तरीय प्राधिकारियों द्वारा जारी किए जाते हैं।

इसके अलावा, चूंकि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित नीतियों के निर्माण के लिए नोडल विभाग है, इसलिए आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रश्नों को आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 6 (3) के तहत सीपीआईओ, डीओपीपीडब्ल्यू को अनुप्रेषित किया गया है।
05 जनवरी 2023
9. RBIND/R/E/24/02524/1 आज की स्थिति के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक के शेयरधारकों के नाम तथा उनकी शेयरधारिता का प्रतिशत। रिज़र्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में स्थानांतरण) अधिनियम, 1948 की धारा 3(1)(ए) के अनुसार, “इस अधिनियम के आधार पर बैंक की पूंजी में सभी शेयर सभी न्यासों, देनदारियों और भारग्रस्तताओं से मुक्त होकर केन्द्रीय सरकार को हस्तांतरित समझे जाएंगे”।
03 मई 2024
10. RBIND/R/T/24/00610/1 मैं जानना चाहता हूं कि 2014 से 2024 के बीच भारत सरकार ने RBI रिज़र्व फंड या RBI कैपिटल रिज़र्व से कितना पैसा निकाला है? भारतीय रिज़र्व बैंक की पूंजी और रिज़र्व निधि के बारे में जानकारी ‘रिजर्व बैंक के खाते’ अध्याय में दी गई है, जो संबंधित वर्षों के लिए ‘वार्षिक रिपोर्ट’ का हिस्सा है। यह आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसका लिंक नीचे दिया गया है:

https://website.rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/reports/annual_report/annual_report_chapterwise?&publishDateFrom=2024-01-01&publishDateTo=2024-12-31
26 जून 2024
आरटीआई संदर्भ मांगी गई सूचना जवाब जवाब की तारीख
53381/2019-20 आरबीआई सहायक पदोन्नति नीति और संरचना वर्तमान में प्रचलित नियमों के अनुसार, सभी तृतीय श्रेणी कर्मचारी (फार्मासिस्ट और जूनियर इंजीनियरों के अलावा) जिन्होंने पिछले वर्ष के 31 दिसंबर तक बैंक में तृतीय श्रेणी कैडर में कम से कम तीन साल की नियमित पूर्णकालिक सेवा पूरी कर ली है, सहायक से ग्रेड ए तक पदोन्नति परीक्षा के लिए उपस्थित होने के पात्र हैं।

तृतीय श्रेणी कर्मचारी को सहायक प्रबंधक के पद पर पदोन्नत किया जाता है यदि उसका नाम मेरिट सूची में दिखाई देता है, जो लिखित / ऑनलाइन परीक्षा, साक्षात्कार, ऑन-जॉब प्रदर्शन, छुट्टी और अनुशासन रिकॉर्ड आदि में पात्र तृतीय श्रेणी कर्मचारी के प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया जाता है।
20 अगस्त 2019
53456/2019-20 क्या आरबीआई में अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां उन कर्मचारियों के लिए दी जाती हैं जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है। कर्मचारी के ड्यूटि पर रहते मृत्यु की स्थिति में, अनुकंपा नियुक्ति उन परिजनों में से एक को दी जाती है जहां एक कर्मचारी

i) हिंसा, आतंकवाद, डकैती या डकैती के परिणामस्वरूप अपने आधिकारिक कर्तव्य का पालन करते समय मृत्यु हो जाती है; नहीं तो

ii) बैंक में नियुक्ति के पांच साल के भीतर या 30 वर्ष की आयु तक पहुंचने से पहले, जो भी बाद में हो, आश्रित पति या पत्नी और / या नाबालिग बच्चों को छोड़कर मृत्यु हो जाती है।
22 अगस्त 2019
54244/2019-20 कृपया भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रत्येक राज्य में स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालयों की संख्या प्रदान करें। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारतीय रिजर्व बैंक का कोई कार्यालय नहीं है। तथापि, भारतीय रिजर्व बैंक की भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित चार शाखाएँ और दो उप-कार्यालय हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक https://www.rbi.org.in/Scripts/profilelink.aspx पर जाएं। 01 अक्तूबर 2019
55414/2019-20 पूरे भारत में RBI कार्यालयों के स्थान भारतीय रिज़र्व बैंक के पूरे भारत में 31 कार्यालय / शाखाएँ हैं।

कृपया हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक https://www.rbi.org.in/Scripts/RegionalOffices.aspx पर जाएं।
09 दिसंबर 2019
55483/2019-20 बैंक द्वारा विभिन्न ग्रेड के अपने अधिकारी कर्मचारियों को प्रदान की गई कर्मचारी कल्याण योजनाओं की पूरी सूची त्रता के अनुसार बैंक का आवास, उपलब्धता के अनुसार , आधिकारिक उद्देश्य के लिए वाहन के रखरखाव के लिए खर्च की प्रतिपूर्ति, समाचार पत्र, टेलीफोन शुल्क, पुस्तक अनुदान, निवास फर्नीशिंग करने के लिए भत्ता आदि। पात्रता के अनुसार चिकित्सा सुविधा, अवकाश किराया रियायत (दो वर्ष में एक बार)। आवास, वाहन, शिक्षा, उपभोक्ता वस्तुओं, पर्सनल कंप्यूटर, त्योहारों आदि के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण और अग्रिम। नई भर्तियों को ग्रेच्युटी के लाभ के अलावा परिभाषित योगदान नई पेंशन योजना (एनपीएस)' द्वारा शासित किया जाता है।

कृपया हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर निम्नलिखित लिंक https://opportunities.rbi.org.in/Scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=3766 देखें।
11 दिसंबर 2019
आरबीआईएनडी/आर/ई/21/04169 क्या की गई भर्तियों के लिए कोई आरक्षित सूची रखी जाती है? हां।

भर्ती के लिए जारी रिक्तियों की संख्या की 30% तक एक अलग सूची 'आरक्षित सूची' के रूप में रखी जाती है।
04 जून 2021
आरबीआईएनडी/आर/ई/21/05674 क्या आरबीआई की भर्ती में आरक्षण है हां। 09 अगस्त 2021
यदि हां, तो आरक्षित श्रेणी के लिए रिक्तियां कैसे निर्धारित की जाती हैं ? श्रेणियों को आरक्षण प्रदान करने के लिए अपनाए गए मानदंड में वे अनुदेश/दिशानिर्देश हैं जिन्हें आरक्षण प्रदान करने के संबंध में भारत सरकार/कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा समय-समय पर जारी किया गया हैं।
आरबीआईएनडी/आर/ई/21/06227 एक ही ज़ोन के भीतर विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में आरबीआई सहायक की स्थानांतरण नीतियां क्या हैं (उदाहरण - मुंबई कार्यालय से नागपुर कार्यालय में स्थानांतरण) बैंक में सेवारत श्रेणी III कर्मचारियों के स्थानांतरण के अनुरोधों पर प्रशासनिक सुविधा के अनुसार मामला-दर-मामला आधार पर विचार किया जाता है। 03 सितंबर 2021
आरबीआईएनडी/आर/ई/21/07051 जानना चाहेंगे कि क्या बॉण्ड को वर्तमान नियोक्ता से आरबीआई को अंतरित किया जा सकता है क्योंकि दोनों केंद्र सरकार के उद्यम हैं। बॉण्ड को लोक उद्यम विभाग, लोक उद्यम ब्यूरो, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा जारी दिनांक 29 जुलाई 2004 के ज्ञापन- DPE O.M. No. 15(2)/2003-DPE(GM)/GL-57 के दिशानिर्देशों के अनुसार अंतरित किया जाता है। 24 सितंबर 2021
आरबीआईएनडी/आर/ई/21/07234 कार्यालय परिचारक किस प्रकार का कार्य करते हैं श्रेणी IV स्टाफ को बैंक द्वारा समय-समय पर सौंपी गई सभी ड्यूटी का पालन करना होता है। 04 अक्तूबर 2021
आरबीआईएनडी/आर/ई/21/09475 कार्यालय परिचारकों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक में पदोन्नति नीति क्या है? श्रेणी III सहायक के पद पर पदोन्नति (ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से) -
कोई श्रेणी IV कर्मचारी जिसके पास किसी भी संकाय-वर्ग में स्नातक की डिग्री हो और जिसने परीक्षा की अधिसूचना की तारीख को कम से कम 8 वर्षों तक लगातार श्रेणी IV में पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में काम किया हो या कोई श्रेणी IV कर्मचारी जिसने कक्षा XII या समकक्ष स्तर की कोई परीक्षा उत्तीर्ण की हो और उसके पास कंप्यूटर प्रवीणता का प्रमाणपत्र हो और जिसने परीक्षा की अधिसूचना की तारीख को कम से कम 13 वर्षों तक लगातार श्रेणी IV में पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में काम किया हो, श्रेणी III में सहायक के पद की पदोन्नति परीक्षा में उपस्थित होने के लिए पात्र है।

सहायक केयर टेकर (एसीटी) के पद पर रिक्ति आधारित पदोन्नति -
सेवा रिकॉर्ड और साक्षात्कार के माध्यम से स्क्रीनिंग के आधार पर निर्धारित की जाने वाली वरिष्ठता और उपयुक्तता के अधीन श्रेणी IV के सभी वेतन समूह के कर्मचारी उक्त पद के लिए पात्र माने जाते हैं।
29 दिसंबर 2021
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/05211 उपयुक्त उम्मीदवार न मिलने के कारण यदि किसी श्रेणी में कोई रिक्ति रिक्त रह जाती है, तो उस बैकलॉग को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए आगे ले जाया जाता है। रिक्ति को अगली अधिसूचना के लिए आगे ले जाया जाता है या नहीं? अजा/अजजा/अपवि/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए बैकलॉग आगे ले जाया जाता है 04 सितंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/05831 पीडबल्यूबीडी आरबीआई कार्यालय परिचारक 2020 में कानपुर कार्यालय की अंतिम कटऑफ क्या है। पीडबल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए कोई अलग कटऑफ नहीं है। सभी पीडबल्यूबीडी उम्मीदवारों को उनकी संबंधित सामाजिक श्रेणी में रखा गया है। 30 सितंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/05945 पीडबल्यूबीडी उम्मीदवार कितने वर्षों के बाद अपना कार्यालय बदल सकता है? स्थानांतरण नीति क्या है? अपनी पसंद के केंद्रों पर तैनात किए जाने या केंद्र पर बने रहने के लिए पीडब्ल्यूबीडी अधिकारियों के अनुरोधों पर दिव्यांगता की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए और वैयक्तिक अधिकारी के करियर विकास पथ और/या प्रशासनिक अत्यावश्यकता को समग्र रूप से विचार में लेते हुए उचित सहानुभूति के साथ विचार किया जाता है। इस तरह के अनुरोधों को मामला दर मामला आधार पर निपटाया जाता है। 04 अक्तूबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/07551 आरबीआई ग्रेड बी अधिकारी के फिट होने के लिए आवश्यक आरबीआई ग्रेड भर्ती के लिए कौन सी चिकित्सा जांच कराई जाती है। पद के लिए चयनित उम्मीदवार को निम्नलिखित चिकित्सा/नैदानिक जांचों से गुजरना होगा:

-शारीरिक जांच
-सीबीसी/ईएसआर
-एफबीएस/पीपीबीएस/एसजीपीटी
-एस. क्रिएटिनिन
-यूरिन : आर
-एक्स-रे चेस्ट-पी.ए. व्यू
-ईसीजी
-नेत्र परीक्षण

तथापि, भारतीय रिज़र्व बैंक में किसी भी पद के लिए उम्मीदवार का अंतिम चयन बैंक के चिकित्सा अधिकारी द्वारा मूल्यांकन की गई निर्धारित चिकित्सा जांच को पूरा करने के अधीन है।
14 दिसंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/06083 कृपया स्वास्थ्य संकेतकों के सटीक मापदंडों को सूचीबद्ध करें, जिसमें जांच, यदि कोई हों, शामिल हों, जो किसी उम्मीदवार को सहायक के रूप में बैंक की सेवाओं में शामिल होने के लिए योग्य बनाते हैं। 10 अक्तूबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/06764 आरबीआई सहायक के कार्यालय समय (काम के घंटे) का उल्लेख करें सप्ताह के दिनों में (सोमवार से शुक्रवार) 30 मिनट के लंच ब्रेक को छोड़कर 7 घंटे 15 मिनट। 08 नवंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/06764 आरबीआई सहायक के रूप में जॉइन होने के बाद पदोन्नति नीति और प्रक्रिया क्या है वर्तमान में प्रचलित नियमों के अनुसार, सभी श्रेणी III कर्मचारी (फार्मासिस्ट और कनिष्ठ अभियंताओं के अलावा) जिन्होंने अधिसूचना की तारीख को बैंक में श्रेणी III संवर्ग में कम से कम तीन वर्ष की नियमित पूर्णकालिक सेवा पूरी कर ली हो, सहायक से ग्रेड ए में पदोन्नति परीक्षा में उपस्थित होने के लिए पात्र हैं। 08 नवंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/06764 आरबीआई सहायक की ड्यूटी की प्रकृति और कार्य के प्रकार का उल्लेख करें श्रेणी III में सहायकों का कार्य प्रोफ़ाइल यहां उपलब्ध है। 08 नवंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/06764 कानपुर, लखनऊ और देहरादून, प्रत्येक कार्यालय में, रिक्तियों की संख्या का श्रेणीवार विवरण कृपया हमारी आधिकारिक वेबसाइट https://www.rbi.org.in पर संबंधित भर्ती अधिसूचना देखें 08 नवंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/06764 बैंक की सेवा में आने के बाद आरबीआई सहायक को मिलने वाली सभी प्रकार की अनुलब्धियों तथा भत्तों और अन्य सभी लाभों का वर्णन करें। मांगी गई जानकारी भर्ती अधिसूचना में उपलब्ध है। कृपया https://opportunities.rbi.org.in/Scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=4085 लिंक पर क्लिक करें 08 नवंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/07222 मैं यह भी जानना चाहता हूं कि भूतपूर्व सैनिकों को वेतन संरक्षण प्रदान किया जाता है या नहीं। भारतीय रिज़र्व बैंक में भूतपूर्व सैनिकों का वेतन संरक्षण भारत सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। 30 नवंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/07275 कार्यालय परिचारकों के काम के घंटे क्या हैं? कार्यालय परिचारकों के काम के घंटे नीचे दिए गए हैं-
सप्ताह के दिनों में (सोमवार से शुक्रवार) 30 मिनट के लंच ब्रेक को छोड़कर 7 घंटे 45 मिनट
02 दिसंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/07517 क्या मेरिट सूची केवल संबंधित श्रेणियों में मुख्य परीक्षा के स्कोर पर आधारित है? (सहायक की भर्ती - पैनल वर्ष 2021 हेतु) अंतिम चयन केवल मुख्य ऑन-लाइन परीक्षा में प्रदर्शन, एलपीटी में अर्हता, मेडिकल फिटनेस और बैंक की संतुष्टि के अनुसार प्रमाणपत्रों के सत्यापन पर आधारित होता है। 13 दिसंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/07760 आरबीआई में सभी पदों के लिए वेतन और भत्तों में पुनरीक्षण की आवधिकता क्या है? बैंक के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का पुनरीक्षण प्रत्येक 5 वर्ष में किया जाता है। 27 दिसंबर 2022
आरबीआईएनडी/आर/ई/22/07999 आरबीआई की संगठनात्मक संरचना आरबीआई की संगठनात्मक संरचना आरबीआई की वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर “हमारे बारे में” खंड के तहत उपलब्ध है। 06 जनवरी 2023
आरबीआईएनडी/आर/ई/23/00014 कृपया आरबीआई ग्रेड-बी परीक्षा के साक्षात्कार चरण (चरण-3) में कुल अंकों (75) में से अंकन प्रक्रिया और मापदंडों के बारे में विस्तार से बताएँ। चरण-3 में किसी उम्मीदवार का मूल्यांकन करते समय किन कारकों पर विचार किया जाता है? साक्षात्कार में अंक प्रदान करने के लिए कोई औपचारिक मानदंड निर्धारित नहीं हैं। साक्षात्कार पैनल के सभी सदस्य, उम्मीदवार के समग्र प्रदर्शन और साक्षात्कार में अन्य उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर साक्षात्कार के अंक प्रदान करते हैं। 25 जनवरी 2023
आरबीआईएनडी/आर/एक्स/23/00085 क्या आईआरडीएआई, नाबार्ड, पीएफआरडीए और आरबीआई में कार्यरत अधिकारियों को केंद्र सरकार का कर्मचारी माना जाता है? भारतीय रिज़र्व बैंक एक सांविधिक निकाय है, जिसका गठन भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 द्वारा किया गया है और यह केंद्र सरकार से अलग है। भारतीय रिज़र्व बैंक के कर्मचारी इसके अपने कर्मचारी हैं। आईआरडीएआई, नाबार्ड, और पीएफआरडीए सार्वजनिक प्राधिकरण हैं, और आप इनके बारे में किसी भी सूचना के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। 10 जुलाईी 2023
आरबीआईएनडी/आर/पी/23/01989 भारतीय रिज़र्व बैंक में तैनात एवं कार्यरत लोक सेवकों के नाम एवं उनके पदों के नाम सहित सूचना उपलब्ध कराएं। भारतीय रिज़र्व बैंक में कार्यरत कर्मचारियों की सूची हमारी आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in पर प्रकाशित है और इसे निम्नलिखित लिंक पर देखा जा सकता है: https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/content/docs/201103.xls 09 अगस्त 2023
आरबीआईएनडी/आर/ई/23/05469 सहायक का पद किस ग्रुप में आता है? या तो ‘ग’ या ‘घ या फिर किसी अन्य में भारतीय रिज़र्व बैंक (स्टाफ) विनियमावली, 1948 के विनियम 7 के अनुसार सहायक श्रेणी III (लिपिकीय कर्मचारी) का पद है। 25 अक्टूबर 2023
आरबीआईएनडी/आर/ई /23/05904 ईडबल्यूएस आरक्षण किस वर्ष से लागू किया गया है और कितने पदों के लिए ईडबल्यूएस आरक्षण लागू किया गया है? बैंक ने 1 फरवरी 2019 को या उसके बाद अधिसूचित रिक्तियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के व्यक्तियों के लिए 10% आरक्षण लागू किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक आरक्षण के संबंध में भारत सरकार/कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करता है। 09 नवंबर 2023
आरबीआईएनडी/आर/ई/23/00185 कृपया आरबीआई ग्रेड बी वर्णनात्मक प्रश्नपत्रों के लिए मूल्यांकन पद्धति पर सूचना प्रदान करें, यह निर्दिष्ट करते हुए कि क्या उनका मूल्यांकन मानव परीक्षकों द्वारा मैन्युअल रूप से किया जाता है या किसी सॉफ्टवेयर के उपयोग के माध्यम से किया जाता है? मैन्युअल रूप से। वर्णनात्मक प्रश्नपत्र के उत्तरों का मूल्यांकन विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा अंतर्निहित जांच के साथ किया जाता है। 06 फ़रवरी 2024
आरबीआईएनडी/आर/ई/24/00416 क्या ग्रेड बी अधिकारी के लिए जीवन या टर्म बीमा कवरेज और मेडिक्लेम उपलब्ध है? यदि हाँ, तो 31.12.2023 तक उपलब्ध सीमाएँ क्या हैं? नवनियुक्त ग्रेड बी अधिकारी के लिए ₹50 लाख का जीवन बीमा कवर होता है। आरबीआई अपने अधिकारियों को मेडिक्लेम बीमा प्रदान नहीं करता है। 14 फ़रवरी 2024
आरबीआईएनडी/ए/ई/23/01032 भारतीय रिज़र्व बैंक में आरबीआई ग्रेड बी के पद के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित होने के लिए आँख की अधिकतम निकट दृष्टि, दूर दृष्टि और दृष्टिवैषम्य (सिलिन्ड्रिकल पावर) क्या है। आरबीआई ग्रेड बी (सामान्य) (सीभ) के लिए: - प्रत्येक आँख में टोटल '-7D' या '+7D' तक (टोटल का अर्थ स्फेरिकल और सिलिन्ड्रिकल अक्ष का बीजगणितीय योग है) 16 फ़रवरी 2024
आरबीआईएनडी/आर/ई/23/03797 विज्ञापन में सहायक प्रबंधक (राजभाषा) के 05 रिक्त पद हैं, कृपया क्षेत्रीय/ शाखा/ कार्यालयवार रिक्ति विवरण प्रदान करें। ऐसी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। चयनित उम्मीदवारों को भारत में कहीं भी तैनात और स्थानांतरित किया जा सकता है। 26 जुलाई 2025
वर्तमान में, निरीक्षण विभाग के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो सामान्‍य जनता के हित की हो सकती है।
क्रमांक आरआईए क्रमांक मांगी गयी जानकारी प्रेषित उत्तर / सूचना उत्तर देने का दिनांक

1

आरबीआईएनडी/आर/पी/25/01372

1) वर्ष 2016 में रेपो दर क्या था?

2) आरबीआई दिशानिर्देशों के अनुसार वर्तमान रेपो दर क्या है?

3) वर्ष 2016 से वर्तमान तक रेपो दर कितनी बार संशोधित की गई?

1, 2 & 3) रेपो दर में परिवर्तन पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात वर्ष 2016 से वर्तमान तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

29 अप्रैल 2025

4) रिजर्व बैंक की दिशानिर्देशों के अनुसार आवास ऋण पर स्वीकृत ब्याज की दर क्या है?

4) 18 अक्टूबर 1994 से प्रभावी, भारतीय रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए 2 लाख रुपये से अधिक की रुपये उधारी पर ब्याज दरों को हटा दिया है। इसके अतिरिक्त, 1 जुलाई 2010 से प्रभावी, 2 लाख रुपये तक की उधारी पर रुपये उधारी दरों को भी हटा दिया गया। 1 अक्टूबर 2019 से प्रभावी, आरबीआई ने निर्धारित किया कि निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) को सभी नए तैरते ब्याज दर व्यक्तिगत ऋण (आवास ऋण सहित) और तैरते ब्याज दर ऋणों को माइक्रो और छोटे उद्यमों (MSEs) को एक बाहरी मानक से जोड़ना चाहिए, जैसे कि नीति रेपो दर या 3-महीने के टी-बिल दर या 6-महीने के टी-बिल दर या फाइनेंशियल बेंचमार्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (FBIL) द्वारा प्रकाशित किया गया कोई अन्य मानक बाजार ब्याज दर। हालांकि, ध्यान देने योग्य है कि नियामित संस्थाओं (REs) के संबंधित क्रेडिट मामलों, जिनमें अग्रिमों पर ब्याज दर और वसूली शामिल हैं, को बड़े पैमाने पर विमुक्त किया गया है और इन्हें उधारदाताओं द्वारा तैयार की गई बोर्ड-स्वीकृत ऋण नीतियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो प्रासंगिक नियामक और वैधानिक आवश्यकताओं के दायरे और उधारकर्ता और नियामित संस्थाओं के बीच ऋण समझौते की शर्तों और विशिष्टताओं के तहत बनाई जाती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामित संस्थाओं को निर्देशित किया है कि वे एक बोर्ड-स्वीकृत ऋण नीति लागू करें और वे उक्त नीति के अनुसार क्रेडिट से संबंधित निर्णय लें, जो विनियमों के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अधीन हो।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया मास्टर दिशानिर्देश - भारतीय रिजर्व बैंक (ऋणों पर ब्याज दर) का संदर्भ लें जो यहाँ पहुँचा जा सकता है:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/-/notifications/master-direction-reserve-bank-of-india-interest-rate-on-advances-directions-2016-updated-as-on-june-10-2021-10295

2

आरबीआईएनडी/आर/पी/25/01535/1

1. आरबीआई द्वारा 2022 से दिसंबर 2024 तक किए गए सभी रेपो दर परिवर्तनों के विवरण।

1. रेपो दर में परिवर्तन पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात 2022 से दिसंबर 2024 तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

07 मई 2025

2. वे परिपत्र, सूचनाएँ, या नीति दस्तावेज जो रीपो दर में बदलाव और बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) पर इसके प्रभाव से संबंधित हैं।

 

2 & 3) यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि नियामित संस्थाओं (आरई) से संबंधित ऋण मामलों, जिसमें अग्रिमों पर ब्याज दर शामिल हैं, को मुख्य रूप से मुक्त किया गया है और इन्हें उधारदाताओं की बोर्ड द्वारा अनुमोदित ऋण नीतियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो प्रासंगिक नियामक और वैधानिक आवश्यकताओं और उधारकर्ता और नियामित संस्थाओं के बीच ऋण अनुबंध की शर्तों के दायरे में बनाई गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामित संस्थाओं को सलाह दी है कि वे एक बोर्ड अनुमोदित ऋण नीति लागू करें और वे उक्त नीति के अनुसार ऋण से संबंधित निर्णय लें, जो नियामक के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अधीन हों। हालांकि, आवेदक निम्नलिखित का संदर्भ दे सकता है:

• "मास्टर दिशा – भारतीय रिजर्व बैंक (उन्नति पर ब्याज दर) दिशा-निर्देश, 2016"
"मास्टर दिशा – भारतीय रिजर्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी– पैमाने आधारित विनियमन) दिशा-निर्देश, 2023" दिनांक 19 अक्टूबर, 2023, विशेषकर अध्याय VII
"मास्टर दिशा – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – आवास वित्त कंपनी (भारतीय रिजर्व बैंक) दिशा-निर्देश, 2021" दिनांक 17 फरवरी, 2021
"मास्टर सर्कुलर - उन्नतियों का प्रबंधन – यूसीबी" दिनांक 25 जुलाई, 2023
सर्कुलर "बैंकों द्वारा चार्ज किए गए अत्यधिक ब्याज के बारे में शिकायतें – (आरआरबी)" दिनांक 15 मई, 2007
सर्कुलर "स्टेट कलेक्टिव बैंक/डीसीसीबी – बैंकों द्वारा चार्ज किए गए अत्यधिक ब्याज के बारे में शिकायतें" दिनांक 16 मई, 2007

उपरोक्त मास्टर दिशानिर्देश, मास्टर परिपत्र और परिपत्र www.rbi.org.in पर 'सूचनाओं' के अंतर्गत उपलब्ध हैं।

3. इस अवधि के दौरान ब्याज दरों में संशोधन के संबंध में कोई RBI दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

3

आरबीआईएनडी/आर//25/02610

1. वर्ष 2019 से 2024 के दौरान आर्थिक उतार-चढ़ाव का प्रबंधन करने के लिए आरबीआई द्वारा किए गए मौद्रिक नीति उपायों का विवरण, जिसमें COVID19 महामारी के दौरान किए गए उपाय शामिल हैं।
2. इन उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए आरबीआई द्वारा आयोजित आंतरिक रिपोर्ट या आकलन गैर-गोपनीय।

1 एवं 2 ) कोविड-19 महामारी के दौरान उठाए गए मौद्रिक नीति के उपाय भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/home/covid19

 

 

15 मई 2025

3. इस अवधि के दौरान राजकोषीय-मौद्रिक नीति संरेखण के संबंध में आरबीआई और भारत सरकार के बीच कोई भी प्रलेखित समन्वय।

3. आवेदक पूर्व गवर्नर, श्री शक्तिकांत दास के निम्नलिखित भाषण का संदर्भ ले सकते हैं:

मुद्रास्फीति और संवृद्धि को संतुलित करना: मौद्रिक नीति का मुख्य सिद्धांत, दिनांकित 21 नवंबर, 2024, जो भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/-/speeches-interview/balancing-inflation-and-growth-the-cardinal-principle-of-monetary-policy

4. महत्वपूर्ण आर्थिक उतार-चढ़ाव की अवधि के दौरान मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण को कैसे प्रबंधित किया गया, इस बारे में जानकारी।

 

 

4. एमपीसी के निर्णय, जो मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक नीतिगत रेपो दर निर्धारित करते हैं, एमपीसी बैठकों के बाद 'मौद्रिक नीति समिति के संकल्प' के रूप में प्रकाशित किए जाते हैं। संकल्प एमपीसी के निर्णयों के लिए एक विस्तृत विवरण प्रदान करता है। मौद्रिक नीति समिति का संकल्प भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/monetary-policy/monetary-policy-documents?category=131539099

5. रेपो दर में बदलाव, सीआरआर, एसएलआर और इस अवधि के दौरान उपयोग किए जाने वाले अन्य मौद्रिक साधनों पर डेटा उन परिवर्तनों के लिए उद्धृत कारणों के साथ।

 

 

5. रेपो दर में परिवर्तन पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात वर्ष 2019 से 2024 तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

6. आरबीआई की रणनीति को रेखांकित करने वाले दस्तावेज या संचार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के सामने आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना।

6. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर द्वारा अपने 9 अप्रैल 2025 के वक्तव्य में सीमांकित किएनुसार “ हाल ही में वैश्विक व्यापार और उससे जुड़ी नीतिगत अनिश्चितताओं के प्रभावों पर प्रकाश डालूँगा। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में कारोबारों और परिवारों के निवेश और व्यय संबंधी निर्णयों को प्रभावित करके संवृद्धि को धीमा कर देती है । दूसरा, व्यापार संबंधी बाधाओं के कारण वैश्विक संवृद्धि पर पड़ने वाला असर घरेलू संवृद्धि को बाधित करेगा । तीसरा, उच्च टैरीफ़ का निवल निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा । हालाँकि, कई ज्ञात अज्ञात बातें है – कुछ ऐसे विषय जैसे सापेक्ष टैरीफ़ का प्रभाव, हमारे निर्यात और आयात मांग की लोच; और सरकार द्वारा अपनाए गए नीतिगत उपाय जिनमें यूएसए के साथ प्रस्तावित विदेशी व्यापार समझौता शामिल है । ये प्रतिकूल प्रभाव की मात्रा का आकलन करना मुश्किल बनाते है । दूसरी ओर, मुद्रास्फीति के जोखिम दोतरफा हैं । ऊर्ध्वगामी पक्ष यह है कि अनिश्चितताओं के कारण मुद्रा पर दबाव और आयातित मुद्रास्फीति की संभावना हो सकती है । अधोगामी पक्ष यह है कि वैश्विक संवृद्धि में मंदी के कारण कमोडिटी और कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है, जिससे मुद्रास्फीति पर अधोगामी दबाव बढ़ सकता है । कुल मिलाकर, जबकि वैश्विक व्यापार और नीतिगत अनिश्चितताएं संवृद्धि में बढ़ा उत्पन्न करेंगी, घरेलू मुद्रास्फीति पर इसका प्रभाव बहुत अधिक चिंता का विषय नहीं है, लेकिन हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है । हालाँकि जोखिम इन आधारभूत अनुमानों के आसपास समान रूप से संतुलित हैं, लेकिन वैश्विक अस्थिरता में हाल ही में हुई वृद्धि के मद्देनजर अनिश्चितताएं अभी भी अधिक हैं । यह ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान वर्ष के लिए संवृद्धि के अनुमान को फरवरी नीति में हमारे पहले के 6.7 प्रतिशत के आकलन की तुलना में 20 आधार अंक कम कर दिया गया है । यह अधोगामी संशोधन अनिवार्य रूप से वैश्विक व्यापार और नीतिगत अनिश्चितताओं के प्रभाव को दर्शाता है, जिसे मैंने पहले भी उजागर किया था । वैश्विक अर्थव्यवस्था असाधारण अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है। शोरगुल और अनिश्चितता भरे माहौल से संकेत निकालने में कठिनाई, नीति निर्माण के लिए चुनौतियां खड़ी करती है । फिर भी, मौद्रिक नीति यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है कि अर्थव्यवस्था स्थिर बनी रहे । हमारे संदर्भ में, जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया है, घरेलू संवृद्धि-मुद्रास्फीति प्रक्षेप पाठ मांग करता है कि मौद्रिक नीति संवृद्धि सहायक हो, जबकि मुद्रास्फीति के मोर्चे पर सतर्क रहा जाए । हम एक गैर-मुद्रास्फीतिकारी संवृद्धि का लक्ष्य बना रहे है जो बेहतर मांग और आपूर्ति प्रतिक्रिया तथा सतत समष्टि आर्थिक संतुलन की नींव पर निर्मित है । रिजर्व बैंक पर्याप्त प्रणाली चलनिधि प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है । हम उभरती हुई चलनिधि और वित्तीय बाजार स्थितियों पर नजर रखना जारी रखेंगे और पर्याप्त चलनिधि सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से उचित उपाय करेंगे।“

4.

आरबीआईएनडी/आर//25/04157

मैं 2022 से 2025 तक के REPO दर की गति डेटा के बारे में जानना चाहता हूँ। मैंने विभिन्न स्रोतों से इस डेटा को निकालने की कोशिश की है लेकिन एक प्रामाणिक स्रोत नहीं मिला। कृपया इस अनुरोध में मेरी मदद करें।

 

रेपो दर में परिवर्तन पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात 2022 से 2025 तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

27 जून 2025

5

आरबीआईएनडी/आर//25/03861

1. कृपया जनवरी 2020 से वर्तमान तक RBI द्वारा की गई रेपो दर में कटौतियों के विवरण प्रदान करें।

1. रेपो दर में परिवर्तन पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात जनवरी 2020 से वर्तमान तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

11 जुलाई 2025

2. कृपया प्रत्येक प्रमुख अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (जैसे एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, और अन्य) के संबंध में निम्नलिखित जानकारी प्रदान करें:

ए) वह तारीख जिस दिन बैंक ने प्रत्येक रेपो दर में कटौती के बाद अपनी उधार दर (ईबीएलआर और एमसीएलआर) घटाई

बी) दर में की गई कटौती की राशि

सी) क्या दर में कटौती मौजूदा उधारकर्ताओं को दी गई, और यदि हां, तो लाभ की प्रभावी तिथि क्या है

डी) आरबीआई रेपो रेट में कटौती और आवास ऋण के लिए बैंक ऋण दर में संशोधन (एमसीएलआर और ईबीएलआर दोनों ग्राहकों के लिए) के बीच समय अंतराल (दिनों में)

2. ए), बी) और सी)
विनियमित संस्थाओं (आरई) के ऋण संबंधी मामले, जिसमें अग्रिमों पर ब्याज दर शामिल है, अधिकांशत अविनियमित होते हैं और ये संगत विनियामक और सांविधिक अपेक्षाओं तथा उधारकर्ता एवं विनियमित संस्थाओं के बीच ऋण करार के निबंधन एवं शर्तों के दायरे में बनाई गई उधारदाताओं की बोर्ड अनुमोदित ऋण नीतियों द्वारा शासित होते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं को बोर्ड अनुमोदित ऋण नीति बनाने की सलाह दी है और वे उक्त नीति के अनुसार ऋण संबंधी निर्णय लेंगे, बशर्ते विनियमों के मार्गदर्शी सिद्धांतों का पालन हो।

बैंकों पर लागू अग्रिमों पर ब्याज दरों के संबंध में सामान्य दिशानिर्देशों के लिए, आवेदक मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (अग्रिमों पर ब्याज दर) निदेश, 2016 देखें, जो “अधिसूचनाएं” शीर्ष के अंतर्गत www.rbi.org.in पर उपलब्ध है।

डी) बैंकों द्वारा ऋण और अग्रिमों पर प्रभारित ब्याज दरें आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं को जारी सामान्य दिशानिर्देशों के अधीन उनके वाणिज्यिक निर्णय पर निर्भर करती हैं। नीतिगत रेपो दर में परिवर्तन आम तौर पर कुछ अंतराल के बाद बैंकों की उधार दरों को प्रभावित करता है। हालांकि, नीतिगत दरों में परिवर्तन का उधार दरों पर पड़ने वाले प्रभाव की मात्रा भिन्न-भिन्न वित्तीय संस्थाओं के लिए अलग-अलग हो सकती है।

3. कृपया खुदरा ऋण (आवास ऋण) के लिए मौद्रिक नीति संचरण में प्रभावशीलता या देरी पर आरबीआई द्वारा की गई कोई भी आंतरिक रिपोर्ट या अध्ययन प्रदान करें, विशेष रूप से एमसीएलआर और ईबीएलआर व्यवस्था के तहत।

3. मौद्रिक नीति संचरण पर अध्ययन प्रायः भारतीय रिज़र्व बैंक के मासिक बुलेटिन में प्रकाशित किए जाते हैं, जिन्हें निम्नलिखित लिंक पर देखा जा सकता है: https://rbi.org.in/hi/web/rbi/publications/rbi-bulletin

 

6.

आरबीआईएनडी/आर//25/04122

1) कृपया 1 जनवरी 2011 से 18 जुलाई 2025 तक RBI रेपो दर में सभी बदलावों की एक सूची प्रदान करें। जानकारी में शामिल होना चाहिए: बदलाव की तारीख, उस तारीख को संशोधित रेपो दर और प्रत्येक बदलाव के लिए अधिसूचना की सत्यापित प्रति / सॉफ्ट कॉपी।

1 & 2) रेपो दर में परिवर्तन पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात 2022 से 2025 तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’ और संबंधित अधिसूचनाएं को RBI की वेबसाइट पर निम्नलिखित लिंक पर देखा जा सकता है:
https://rbi.org.in/hi/web/rbi/monetary-policy/notifications

17 जुलाई 2025

2) उपरोक्त अवधि के लिए, कृपया सॉफ्ट कॉपी या हार्ड कॉपी प्रारूप में निम्नलिखित जानकारी प्रदान करें: - कितनी बार रिवर्स रेपो दर को बदला गया। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि कृपया हर बदलाव के लिए आरबीआई द्वारा जारी की गई सूचना साझा करें। - उन विशिष्ट तारीखों की जानकारी जिन पर रिवर्स रेपो दर को बदला गया और प्रत्येक बदलाव के बाद लागू होने वाली रिवर्स रेपो दर।

3) किस प्रकार के ऋणों पर रेपो दर में परिवर्तन का प्रभाव पड़ेगा?

3 & 4) बैंकों द्वारा ऋण और अग्रिमों पर लगाए गए ब्याज दरें उनके व्यावसायिक निर्णय पर निर्भर करती हैं, जो कि आरबीआई द्वारा निर्धारित सामान्य दिशानिर्देशों के अधीन होती हैं। नीति रेपो दर में परिवर्तन आमतौर पर बैंकों की उधारी दरों को एक समय के अंतराल के साथ प्रभावित करता है। हालाँकि, नीति दर परिवर्तनों का उधारी दरों पर प्रभाव अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में भिन्न हो सकता है।

इसके अतिरिक्त, ऋण/अग्रिम के लिए आवेदक निम्नलिखित परिपत्र/निर्देशों का संदर्भ ले सकता है,

i) 1 जुलाई 2015 को जारी ‘ऋण और अग्रिम – कानूनी और अन्य प्रतिबंधों’ पर मास्टर सर्कुलर का अनुच्छेद 2.5, जो www.rbi.org.in पर ‘अधिसूचनाएं’ के तहत उपलब्ध है।
ii) 'समान मासिक किस्तों (EMI) पर फ्लोटिंग ब्याज दर का रीसेट' पर सर्कुलर, जो 18 अगस्त 2023 को जारी किया गया, www.rbi.org.in पर ‘अधिसूचनाएं’ के तहत उपलब्ध है।
iii) मास्टर दिशा - भारतीय रिजर्व बैंक (अग्रिमों पर ब्याज दर) दिशा-निर्देश, 03 मार्च 2016 को जारी किया गया, www.rbi.org.in पर ‘अधिसूचनाएं’ के तहत उपलब्ध है।
iv) 'हाउसिंग फाइनेंस पर मास्टर सर्कुलर' जो 01 अप्रैल 2025 को जारी किया गया, www.rbi.org.in पर ‘अधिसूचनाएं’ के तहत उपलब्ध है।
v) 'UCBs के लिए हाउसिंग फाइनेंस पर मास्टर सर्कुलर' जो 01 अप्रैल 2025 को जारी किया गया, www.rbi.org.in पर ‘अधिसूचनाएं’ के तहत उपलब्ध है।
vi) "मास्टर दिशा – भारतीय रिजर्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – स्केल आधारित विनियमन) दिशा-निर्देश, 2023" अध्याय VII दिनांक 19 अक्टूबर, 2023 को www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' के अंतर्गत उपलब्ध है। "मास्टर दिशा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – आवास वित्त कंपनी (भारतीय रिजर्व बैंक) दिशा-निर्देश, 2021" अध्याय XIII दिनांक 17 फरवरी, 2021 को www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' के अंतर्गत उपलब्ध है।

4) इसके अलावा, मैं निम्नलिखित पर स्पष्टीकरण का अनुरोध करता हूँ: - यदि आरबीआई रेपो दर को 1 अंक / बेस प्वाइंट बदलता है, तो यह आमतौर पर होम लोन पर ब्याज दर को कैसे प्रभावित करता है? कृपया अनुमानित या मानक प्रभाव प्रदान करें, यदि उपलब्ध हो। किस प्रकार के लोन पर प्वाइंट बदलने का प्रभाव पड़ेगा?

 

7.

आरबीआईएनडी/आर/पी/25/03031

1) मैंने वर्तमान में भारत सरकार द्वारा आरबीआई के लिए निर्धारित रेपो ब्याज दर के बारे में जानकारी की मांग की है।

1 & 2) मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठकें द्विमासिक होती हैं और वर्तमान और विकसित हो रही मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति का आंकलन करने के बाद, MPC सभी चलनिधि समायोजन सुविधा (LAF) प्रतिभागियों, जिसमें बैंक शामिल हैं, के लिए नीति रेपो दर का निर्णय लेता है।

रेपो दर पर डेटा, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

11 अगस्त 2025

2) ऋणदाताओं द्वारा अनुमेय अधिकतम ब्याज दर जो नियंत्रित संस्थाओं (जैसे) राष्ट्रीयकृत बैंक और सूक्ष्म वित्त द्वारा अनुमोदित है।

और कृपया सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 2(1)(2)(3) के अनुसार अनुमोदन के साथ "सत्यापित प्रति" में जानकारी जारी करें।

8.

आरबीआईएनडी/आर/पी/25/03251

बैंक दर, प्रभावी तिथियों के साथ सितंबर 2006 से लेकर आज तक यानी 30.07.2025

 

 

बैंक दर पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात सितंबर 2006 से लेकर 30.07.2025 तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

01 सितंबर 2025

9.

आरबीआईएनडी/आर//25/05461

सितंबर 2006 से आज तक अर्थात 06.08.2025 तक की अवधि के लिए प्रभावी तिथियों के साथ बैंक दर की आवश्यकता है।

 

बैंक दर पर ऐतिहासिक डेटा, अनुरोधित अवधि, अर्थात सितंबर 2006 से लेकर 06.08.2025 तक, भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर है, जिसे नीचे बताए अनुसार मार्ग का अनुसरण करके पहुँचा जा सकता है:

आरबीआई की वेबसाइट (https://data.rbi.org.in) टैब पर जाएं, ‘आंकड़े' → 'वित्तीय क्षेत्र' → 'प्रमुख दरें' → ‘Major Monetary Policy Measures – Bank Rate, CRR & SLR’

01 सितंबर 2025

RIA No Information Sought Reply given/ Information provided Date of Reply
1
674/2008-09 DPSS

Time frame prescribed by the Reserve Bank of India to different banks for clearance of local and outstation cheques.

Prescription of penalty by the Reserve Bank of India for non-clearance of cheques in the prescribed time frame

Definition and explanation of terms 'local' and 'outstation' in the context of cheque clearance by the Reserve Bank of India.

The Reserve Bank of India(RBI) has advised banks to frame their own Cheque Collection Policies (CCPs) in respect of local and outstation cheques which should include explicit mention of time frame for collection of both local and outstation cheques.

Banks have been further advised vie our circular DPSS.CO.(CHD)No.873/03.09.01/2008-09 dated November 24, 2008 to modify their CCPs in accordance with orders of the National Consumer Disputes Redressal Commission in the case No.82 of 2006 on Delays in Cheque Clearing.

Accordingly, for local cheques debit and credit shall be given on the same day or at the most the next day of their presentation in clearing. Timeframe for collection of outstation cheques drawn on state capitals/major cities/ other locations should be 7/10/14 days respectively. This timeframe is the outer limit and credit shall be afforded if the process gets completed earlier.

If there is any delay in collection beyond the prescribed period, interest at the rate specified in the cheque collection policy of the bank, shall be paid. In case the rate is not spcesified in the CCP, the applicable rate shall be the interest rate on fixed deposits for the corresponding maturity. The link to the CCP of banks has been hosted on our website www.rbi.org.in.

Local cheques are those cheques that are drawn on branches within the jurisdiction of the Local Clearing House. All other cheques would be outstation cheques. However, there are cheques called multicity cheques and at par cheques which are payable in all cities where the drawee bank has a branch irrespective of the city on which it is drawn.

October 17, 2008
6045/11-12 DPSS

Provide the details of information, guidelines, circulars, notifications and regulations made by Reserve Bank of India in chronological order for scheduled and private banks operating in India, using OTP via phone IVR and mobile phone technology for any kind of financial as well as monetary transactions to make it more convenient and secured as a system.

RBI has issued the following guidelines to make card transactions more secured:

(i) Requirement of additional factor of authentication for online transactions except Interactive Voice Response (IVR) transactions was enabled, vide, circular RBI / DPSS NO. 1501 / 02.14.003 / 2008 - 2009 dated February 18, 2009. This circular has been placed on RBI website at the link
http://www.rbi.org.in/web/rbi/-/credit-debit-card-transactions-security-issues-and-risk-mitigation-measures-4844

(ii) Requirement of additional factor of authentication/validation extended to IVR transaction with effect from February 1, 2011 vide, circular DPSS .CO. NO. 1503 / 02.14.003 / 2010 - 2011 dated December 31, 2010. This circular has been placed on the RBI website at the link
http://www.rbi.org.in/web/rbi/-/security-issues-and-risk-mitigation-measures-related-to-card-not-present-transactions-6185

(iii) Requirement of online alerts to customers for all types of card transaction at all channels irrespective of the amount was made applicable, vide, circular DPSS. CO. PD. 2224 / 02.14.003 / 2010 - 2011 dated March 29, 2011. This circular has been placed on the RBI website at the link
http://www.rbi.org.in/web/rbi/-/security-issues-and-risk-mitigation-measures-online-alerts-to-the-cardholder-for-usage-of-credit-debit-cards-6309

June 27, 2012
6307/11-12 RPCD

ATM transaction is failed due to technical/network problem. Amount is not dispensed but account is debited in such circumstances. What are the rules for refund/credit of such amount? Such refund should be made within how many days?

Banks have been advised by the Reserve Bank of India, vide, circular DPSS. PD. No. 2632 / 02.10.002 / 2010 - 2011 dated May 27, 2011 that:

1. Effective from July 1, 2011, banks have to reimburse the customers, the amount wrongfully debited on account of failed ATM transactions within a maximum period of 7 working days from the receipt of the customer complaint.

2. Banks have to pay customers Rs. 100/- per day for delays beyond 7 working days from the date of receipt of the complaint.

If the complaint is not lodged within 30 days of transaction, the customer is not entitled for any compensation for delay in resolving his / her complaint.

June 27, 2012
RIA No 4541/ 2013-14

1. The date of implement of new cheques with printed name and account of cheque owner in the recognized Banks.

Reserve Bank of India vide its circular DPSS.CO.CHD.No./ 1112 / 04.07.05 / 2011-12 dated December 27, 2011 advised all banks providing cheque facility to their customers to issue only 'CTS-2010' standard cheques across the country by September 30, 2012. Account number in such cheques should be pre-printed for current account holders and corporate customers and as far as possible to other category of customers.

However, printing the name of the account holder was not mandated by Reserve Bank of India. RBI circular issued in this regard (DPSS.CO.CHD.No. 1832 / 04.07.05 / 2009-10 dated February 22, 2010) may be referred for the purpose.

Copies of the circulars referred to above are available on the website of Reserve Bank of India under the following links :
http://www.rbi.org.in/web/rbi/-/standardisation-and-enhancement-of-security-features-in-cheque-forms-implementation-of-cts-2010-standard-6901

http://www.rbi.org.in/web/rbi/-/standardisation-and-enhancement-of-security-features-in-cheque-forms-5509
February 17, 2014

2. The old cheques got issued prior to the date of implement of new cheques (i.e. during the year 2006) from the recognized Banks are applicable or not after the date of implement of new cheques.

Reserve Bank of India vide its circular DPSS.CO.CHD.No.133/04.07.05/2013-14 dated July 16, 2013 notified that cheques which are not complying with CTS-2010 standards would continue to be valid but will be cleared at less frequent intervals from January 1, 2014 as detailed in paragraph 2(a) of the above referred circular.

Copy of the circular referred to above is available on the website of Reserve Bank of India under the following link:

http://www.rbi.org.in/web/rbi/-/standardization-and-enhancement-of-security-features-in-cheque-forms-migrating-to-cts-2010-standards-8245

3. If not applicable, kindly arrange to intimate the date of disapplicable / disimplement of old cheques along with instruction, if any.

Refer to reply 2 above
RBIND/R/E/22/02831

As my bank (Dakshin Bihar Gramin Bank) charged me for the UPI transaction charges of Rs. 597.

So that I want to know that, is there any charges for UPI transactions that can be charged by banks for the number of transactions through UPI and the amount of a single transaction done by UPI.

With effect from January 1, 2020, in terms of section 10A of the Payment and Settlement Systems Act, 2007 (PSS Act) – inserted vide the Finance Act, 2019 – no bank or system provider shall impose, whether directly or indirectly, any charge upon a person making or receiving a payment using the electronic modes of payment prescribed under section 269-SU of the Income Tax Act, 1961 (43 of 1961). 

Central Board of Direct Taxes (CBDT) vide notification no. 105/2019-Income Tax dated December 30, 2019, notified Unified Payments Interface (UPI) (BHIM-UPI) as one of the prescribed electronic modes.

June 07, 2022
RBIND/R/E/23/03761

Can a merchant take extra charge of 3% on the payment by credit cards or 2.5% on the payment by debit cards from the customer? because merchants are taking the extra charge of 3 to 4% on the payment by the credit cards or debit cards on POS machines.

Reserve Bank of India (RBI) has not issued any instructions on levy of charges on Credit Card transactions. 

However, you may refer to the circular on “Rationalisation of Merchant Discount Rate (MDR) for Debit Card Transactions” dated December 06, 2017 available on the RBI website under the link:
https://rbi.org.in/en/web/rbi/-/notifications/rationalisation-of-merchant-discount-rate-mdr-for-debit-card-transactions-11183

An account holder may raise his / her grievance with the card issuer. In case, the account holder is not satisfied with the response or the response is not received within a month’s time, he / she may lodge his / her grievance under Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, through the Complaint Management System (CMS) portal (https://cms.rbi.org.in) or by e-mail at crpc@rbi.org.in or in physical mode at the ‘Centralised Receipt and Processing Centre’ (CRPC) set up at RBI, 4th Floor, Sector 17, Chandigarh - 160017.

August 03, 2023
RBIND/R/E/24/01490 1. The IFS Code BARB0BUPFBX is exist with any financial institutions You may refer to the list of RTGS enabled bank branches available on the Reserve Bank of India website at the following link for details of IFS Codes:
https://rbi.org.in/en/web/rbi/payment-and-settlements/other-links/information-useful-to-banks-fis/rtgs-bank-branch
March 28, 2024
2. If yes please provide name and address
RBIND/R/E/24/02255 There are banks such as SBBJ, Andhra Bank, SBH etc which are merged with some other banks. In such case after merger to new banks, cheque leaves of banks which got merged (e.g SBBJ, SBH, Andhra Bank) shall still be qualified as - negotiable instrument - even after merger. if not from which day or date such cheques will loose it qualification as-negotiable instrument-

State Bank of India was granted extension for validity of old MICR cheque books of erstwhile State Bank of Bikaner and Jaipur and State Bank of Hyderabad up to June 30, 2018.

2. Union Bank of India was granted extension for validity of old MICR cheque books of erstwhile Andhra Bank up to June 30, 2021.

May 02, 2024
RBIND/R/E/24/02294 When will non micr cheques stoped by banks Banks were advised to phase out non-MICR instruments by December 31, 2005. May 03, 2024
RBIND/R/E/24/04446 Kindly share the information whether a merchant can pass on the POS machine swipe charges to the customers if the payment is made through debit card or credit card. Kindly share the respective Notice/Regulations/Circulars regarding the same. Reserve Bank of India (RBI) has not issued any instructions on levy of charges on Credit Card transactions.

1. For debit cards, you may refer to the circular dated December 06, 2017 on “Rationalisation of Merchant Discount Rate (MDR) for Debit Card Transactions”, which is available on the RBI website at the following link:
https://rbi.org.in/en/web/rbi/-/notifications/rationalisation-of-merchant-discount-rate-mdr-for-debit-card-transactions-11183
August 05, 2024
RBIND/R/E/24/08018 That as per information available in public domain Non CTS cheques are not valid instruments and cannot be presented/ honored/ presented for clearances, specially in CTS branches. That further if there is a procedure/ SOP prescribed, detailing/ mentioning the process and procedure to deal with a NON CTS cheque presented as on date, you are requested to kindly provide a copy.

Please refer to Frequently Asked Question (FAQ) no 4 of FAQs on Cheque Truncation System, available on the website of Reserve Bank of India under the following link:
https://rbi.org.in/web/rbi/faq-page-2?ddm__keyword__26256231__FaqDetailPage2Title_en_US=Cheque%20Truncation%20System

2. RBI has not prescribed any process/procedure regarding payment of non-CTS cheques at present.

January 13, 2025
That despite best efforts I am unable to locate the latest circular issued by the RBI in this regard and hence I request that a copy of the latest circular/ notification clarifying the position regarding NON-CTS cheques and the SOP/ Procedure prescribed be provided to me.
RBIND/R/E/24/08031 Due to a human error while executing an NEFT transaction, I made a mistake while entering the account number. The payment went through and that is when i realized what had happened. If we say that IFSC is a crucial part of the NEFT, RTGS and IMPS system then can mismatch of both the account and the IFSC number result in the transaction being succesful?

For RTGS and NEFT, please refer to para 5 (i) of RBI circular “Electronic payment products - Processing inward transactions based solely on account number information” dated October 14, 2010, wherein it is mentioned that “Responsibility to provide correct inputs in the payment instructions, particularly the beneficiary account number information, rests with the remitter / originator. While the beneficiary’s name shall be compulsorily mentioned in the instruction request, and carried as part of the funds transfer message, reliance will be only on the account number for the purpose of affording credit.

The circular is available on the RBI website under the hyperlink –
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/electronic-payment-products-processing-inward-transactions-based-solely-on-account-number-information-6043

January 14, 2025
RBIND/R/P/25/01666

I have filed a cheque case in Fast Judicial Magistrate Court No.1, Erode S.T.C. No.108/2025. Against M/s. Sri Velumani Textiles, Partnership firm, rep by its partner V.P. Loganathan S/o. Ponnusamy gounder, 29, Vandikkarar Thottam, Kollampalayam, Erode 638 002. The abovesaid case Cheque No.334695, 334696, 334697, The Karnataka Bank, Gandhiji Road, Erode Main Branch, Erode. The abovesaid cheques was returned as 'NON CTS Instruments'.

Subsequently the abovesaid cheques are valid or not valid under Negotiable Instrument Act under Section 138?

You may refer to Frequently Asked Question (FAQ) no 4 of FAQs on Cheque Truncation System (CTS) regarding Non-CTS cheques, which is available on the website of Reserve Bank of India at the following link:
https://rbi.org.in/web/rbi/faq-page-2?ddm__keyword__26256231__FaqDetailPage2Title_en_US=Cheque%20Truncation%20System

May 16, 2025
RBIND/R/E/25/03082 Please provide the return code and official rules issued by the Reserve Bank of India regarding the return status to be used when a cheque is presented for collection in an inoperative savings bank account with insufficient funds.

You may refer to Annexure - D on “Model list of Objections” of the “Uniform Regulations and Rules for Bankers' Clearing Houses” which are available at the below link:
https://rbi.org.in/web/rbi/-/publications/uniform-regulations-and-rules-for-bankers-clearing-houses-14234#D

2. You may also refer to Para 15.1 and Para 15.2 of Master Circular on ‘Customer Service in Banks’ dated July 01, 2015, which is available at the below link:
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/master-circular-on-customer-service-in-banks-9862

June 13, 2025
RBIND/R/P/25/02027

Information regarding circular RBI/2013-14/296, dated 27.09.2013, RBI 2017-18/15 dated 06.07.2017

Copy of afore said circular RBI/2013-14/296, dated 27.09.2013, RBI 2017-18/15 Dated 06.07.2017

You may refer to Reserve Bank of India (RBI) Circular dated September 27, 2013 on ‘Security and Risk Mitigation Measures for Card Present Transactions’, which is available on RBI website at following path:
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/security-and-risk-mitigation-measures-for-card-present-transactions-8469

1. You may refer to RBI Circular dated July 06, 2017 on ‘Customer Protection - Limiting Liability of Customers in Unauthorised Electronic Banking Transactions’, which is available on RBI website at following path:
https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/customer-protection-limiting-liability-of-customers-in-unauthorised-electronic-banking-transactions-11040

June 18, 2025
RBIND/R/E/25/03590 Vijaya Bank merged with Bank of Baroda with effect from April 1, 2019 and what is the validity date of Vijay bank cheque? Bank of Baroda was allowed to retain existing IFSC and MICR codes of Vijaya Bank in the Payment System till September 30, 2019. July 03, 2025
RBIND/R/E/25/03605 For which type/method/mode, of fund transfer payee name look up facility is made available by the rbi? is the name look up facility chargeable?

For RTGS and NEFT, Please refer to para 3 of RBI Circular CO.DPSS.RPPD.No.S987/04.03.001/2024-25 on Introduction of beneficiary bank account name look-up facility for Real Time Gross Settlement (RTGS) and National Electronic Funds Transfer (NEFT) Systems dated December 30, 2024 available at https://rbi.org.in/web/rbi/-/notifications/introduction-of-beneficiary-bank-account-name-look-up-facility-for-real-time-gross-settlement-rtgs-and-national-electronic-funds-transfer-neft-systems, wherein, it is advised that the said facility shall be made available through Internet banking and Mobile banking. The facility shall also be available to remitters visiting branches for making RTGS/ NEFT transactions.

2. Please refer to para 7 of Annex to the said circular, wherein, it is advised that “Beneficiary account name lookup facility shall be made available to customers without any charge.”

3. In relation to payments systems operated by National Payments Corporation of India (NPCI), such as, UPI and IMPS, you may refer to NPCI website (https://www.npci.org.in/) for the required information.

July 04, 2025
रिया सं. प्रश्न उत्तर उत्तर की दिनांक
RBIND/R/E/24/03391 Request for Information in Reference to the Circular and Its Second Copy Please provide detailed information regarding the circular uploaded and its second copy अनुलग्नक के अनुसार उत्तर दिया गया है। 19.06.2024
RBIND/R/E/24/03390 Request for Information in Reference to the Circular and Its Second Copy Please provide detailed information regarding the circular uploaded and its second copy अनुलग्नक के अनुसार उत्तर दिया गया 19.06.2024
RBIND/R/E/23/07656 Subject: Literature Improvement in Hindi B.A. Hindi Equivalent Reference: RA.VI.SH. 1560/ 08.06.15 2003 04, dated March 2004 (Falgun 1925 Shaka) On June 11, 1982, the circular with the reference Ravi San. Hindi 2145/H.P. 3/81/82, regarding the improvement of literature in Hindi for B.A. Hindi equivalent, was submitted. Additionally, the copies of the RTI application and the circular are enclosed for your perusal. अनुलग्नक के अनुसार उत्तर दिया गया 18.01.2024
क्रम संख्या मांगी गई जानकारी उत्तर उत्तर की तिथि

1

कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं की डिजिटल ऋण गतिविधियों के विनियमन पर जारी दिशानिर्देशों के बारे में विवरण दें।

आवेदक भारतीय रिज़र्व बैंक (डिजिटल उधार) निदेश, 2025 दिनांक 8 मई, 2025 का संदर्भ लें , जो www.rbi.org.in को "अधिसूचनाएं" शीर्षक के तहत उपलब्ध है।

इसके अलावा, आरबीआई द्वारा विनियमित बैंकों/एनबीएफसी द्वारा विनियोजित डिजिटल ऋण देने वाले ऐप की सूची के लिए, आवेदक www.rbi.org.in (Citizen’s Corner -> DLA’s deployed by Regulated Entities) पर जा सकते हैं।

26 सितंबर 2025

2

कृपया अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) पर लागू एनपीए/आस्ति वर्गीकरण पर जारी दिशानिर्देशों का विवरण प्रदान करें

आवेदक 1 अप्रैल, 2025 के मास्टर परिपत्र - अग्रिमों के संबंध में आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण तथा प्रावधानीकरण से संबंधित विवेकपूर्ण मानदंड, का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

3

कृपया शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) पर लागू एनपीए/आस्ति वर्गीकरण पर जारी दिशानिर्देशों का विवरण प्रदान करें

आवेदक 1 अप्रैल, 2025 के आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामलों पर मास्टर परिपत्र - शहरी सहकारी बैंक का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

4

कृपया एनबीएफसी (आवास वित्त कंपनियों/एचएफसी सहित) पर लागू एनपीए/आस्ति वर्गीकरण पर जारी दिशानिर्देशों का विवरण प्रदान करें।

आवेदक निम्नलिखित का संदर्भ ले सकते हैं:

1. दिनांक 19 अक्तूबर 2023 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

2. दिनांक 17 फरवरी, 2021 के मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – आवास वित्त कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021' जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

5

कृपया व्यक्तियों के लिए ओटीएस योजनाओं के संबंध में विनियमनों का विवरण प्रदान करें

आवेदक निम्नलिखित का संदर्भ ले सकते हैं:

1. 08 जून 2023 को जारी ‘समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा पर परिपत्र’ जो की www.rbi.org.in पर ‘अधिसूचनाएं’ शीर्ष पर उपलब्ध है।

2. जून 20,2023 को जारी समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न जो की www.rbi.org.in पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न -> वाणिज्यिक बैंकिंग पर  उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

6

कृपया ऋणों के पुनर्गठन/संशोधन के संबंध में बैंकों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों अथवा परिपत्र का विवरण दें।

आवेदक 7 जून 2019 के ‘दबावग्रस्त आस्तियों के समाधान के लिए विवेकपूर्ण ढांचा' पर परिपत्र का संदर्भ ले सकते  हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

शहरी सहकारी बैंकों के लिए, आवेदक 01 अप्रैल 2025 के आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामलों पर मास्टर परिपत्र - शहरी सहकारी बैंक संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

7

बैंक ऋणों के लिए विशेष उल्लेख खाता (एसएमए) से संबंधित मानदंडों के बारे में जानकारी।

वाणिज्यिक बैंकों के लिए, आवेदक 1 अप्रैल 2025 के मास्टर परिपत्र - अग्रिमों के संबंध में आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण तथा प्रावधानीकरण से संबंधित विवेकपूर्ण मानदंड, का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

शहरी सहकारी बैंकों के लिए, आवेदक 1 अप्रैल, 2025 के आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामलों पर मास्टर परिपत्र - शहरी सहकारी बैंक का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

8

बैंक गारंटी के संबंध में क्या दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं 

आवेदक दिनांक 06 अगस्त 2025 के भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-निधि आधारित ऋण सुविधाएँ) निदेश, 2025 का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

9

क्या बैंक से कोई ऋण लेते समय बीमा लेना अनिवार्य है?

आवेदक दिनांक 26 मई 2016 के “मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (बैंकों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सेवाएं) दिशानिर्देश, 2016” के पैरा 18(डी) (i), (v) और (vi) का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

10

क्या एटीएम कार्ड खाताधारक को आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में बीमा कवर प्रदान करता है?

आवेदक दिनांक 21 अप्रैल 2022 के “मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022” के “सामान्य शर्तों” पर  पैरा 23(जे)  और परिशिष्ट के प्रश्न 13 का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

11

क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई द्वारा क्या उपाय किए गए हैं?

आवेदक दिनांक 21 अप्रैल 2022 के “मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022” के पैरा 5(ख), पैरा 6(ख)(v), पैरा 10(ख), पैरा 10(ग), पैरा 23(छ) और पैरा 24(ज) का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

12

क्रेडिट कार्ड से संबंधित ब्याज दर और अन्य शुल्कों पर क्या दिशानिर्देश हैं?

आवेदक दिनांक 21 अप्रैल 2022 के “मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022”  के ब्याज दरें और अन्य शुल्क पर पैरा 9 और पैरा 24(ग) का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

13

क्या बैंक कर्मचारियों को शाखाओं में बीमा उत्पाद बेचने की अनुमति है? इस संबंध में क्या दिशानिर्देश जारी किए गए हैं?

आवेदक दिनांक 26 मई 2016 के “मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (बैंकों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सेवाएं) दिशानिर्देश, 2016” के पैरा 18(डी) का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

14

क्या कोई बैंक ग्राहक की सहमति के बिना क्रेडिट कार्ड जारी कर सकता है या क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा बढ़ा सकता है?

आवेदक दिनांक 21 अप्रैल 2022 के “मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022” के पैरा 6(क)(iv), 6(क)(vi), 6(क)(viii), 11(ख) और परिशिष्ट(एफएक्यू) के प्रश्न 10 का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

15

क्या बैंकों से डेबिट कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य है?

आवेदक दिनांक 21 अप्रैल 2022 के “मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022” के पैरा 14(घ) का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

16

इस वित्तीय वर्ष के लिए स्वर्ण के आयात के लिए आरबीआई द्वारा अनुमति दिए गए नामित बैंकों के नाम और संख्या 

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वर्ण/चांदी के आयात के लिए अधिकृत बैंक निम्न पर उपलब्ध हैं www.rbi.org.in → कार्य-वार साइटें->उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण ->आम जनता के लिए -> उपयोग सूचना- > वित्तीय एजेंट - > स्वर्ण/चांदी आयात करने वाले बैंक   

26 सितंबर 2025

17

बैंक खाता खोलने के लिए आवश्यक अनिवार्य ओवीडी की सूची।

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के 'आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज' पर पैराग्राफ 3(ए)(xiv) का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

18

मेरे ओवीडी पर वर्तमान पता नहीं है। बैंक खातों के लिए वर्तमान पते के संबंध में क्या अनुदेश हैं?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के पैराग्राफ 3(ए)(xiv) और पैराग्राफ 16 का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

19

मैंने कुछ साल पहले बैंक खाता खोलते समय ही केवाईसी किया था। बैंक अभी भी री-केवाईसी पर जोर क्यों दे रहे हैं?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन) के पैराग्राफ 38 का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

20

ग्राहकों के बैंक खाते और उसके लेन-देन की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बैंक के कर्तव्य और जिम्मेदारियां क्या हैं?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के पैराग्राफ 55 का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

21

यदि किसी व्यक्ति का बैंक में खाता नहीं है, तो क्या 50,000 रुपये और उससे अधिक के लेनदेन के लिए केवाईसी आवश्यक है?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के पैराग्राफ 13(ई) और पैराग्राफ 13(एफ) का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

22

मैं बैंक में संयुक्त खाता खोलना चाहता हूं। क्या केवाईसी केवल पहले खाताधारक के लिए या सभी खाताधारकों के लिए किया जाना चाहिए?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के पैराग्राफ 10(जी) का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

23

स्वामित्व फर्मों, कंपनियों, भागीदारी फर्मों, ट्रस्टों के मामले में बैंक खाता खोलने के लिए कौन से केवाईसी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के अध्याय VI के भाग II और भाग III का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

24

बैंकों द्वारा जारी किए गए चेक/ड्राफ्ट/भुगतान आदेश/बैंकर चेक के भुगतान की समय-सीमा क्या है?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के पैराग्राफ 58 का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

25

क्या बैंक खाता खोलने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है?

आवेदक 25 फरवरी 2016 के मास्टर निदेश -अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश, 2016 (14 अगस्त 2025 को अद्यतन)  के पैराग्राफ 16(बी) और पैराग्राफ 66 का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं->मास्टर निदेशों-> वाणिज्यिक बैंकिंग" में उपलब्ध हैं।

25 सितंबर 2025

26

आवश्यक दस्तावेज प्रदान करें जिसमें उन दिनों की संख्या शामिल हो, जिनके भीतर उधारकर्ता द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को उनके द्वारा लिए गए वैयक्तिक ऋण के समापन होने के बाद उन्हें संबंधित प्रबंधन द्वारा वापस कर दिया जाना चाहिए।

आवेदक 13 सितंबर के परिपत्र ‘जिम्मेदार उधार आचरण – वैयक्तिक ऋणों के पुनर्भुगतान/निपटान पर चल/अचल संपत्ति दस्तावेज़ मुक्त करना' का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है। आवेदक परिपत्र की 'प्रयोज्यता' पर पैरा 9 का भी संदर्भ ले सकता है।  

19 सितंबर 2025

27

क्या मैं अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों में आवास ऋण के लिए अस्थायी ब्याज दर को विधिक रूप से नियत ब्याज दर में बदलने का हकदार हूं या नहीं? कृपया मुझे यथाशीघ्र सूचित करें।  

आवेदक निम्न का संदर्भ लें:

ए) 1 जुलाई 2015 के 'मास्टर परिपत्र-ऋण और अग्रिम - सांविधिक और अन्य प्रतिबंध' का पैरा 2.5, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।  

बी) दिनांक 18 अगस्त 2023 के " समान मासिक किस्तों (ईएमआई) आधारित व्यक्तिगत ऋण पर अस्थायी (फ्लोटिंग) ब्याज दर का पुनर्निर्धारण" पर परिपत्र, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।  

19 सितंबर 2025

28

छोटे सेवा प्रदाताओं और व्यापारियों को दिए गए ऋणों पर बैंकों और एनबीएफसी द्वारा दंडात्मक शुल्क लगाने के संबंध में वर्तमान दिशानिर्देश क्या हैं?

आवेदक 18 अगस्त 2023 के परिपत्र ‘उचित उधार प्रथा - ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क' और 29 दिसंबर 2023 के परिपत्र ‘उचित उधार प्रथा - ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क: अनुदेशों के कार्यान्वयन के लिए समय-सीमा का विस्तार' का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर 'अधिसूचनाएं' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

19 सितंबर 2025

29

किसी कंपनी के लिए एनबीएफसी लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और आवेदन प्रक्रिया

आप 17 जून 2016 की प्रेस विज्ञप्ति "भारतीय रिज़र्व बैंक ने नए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरलीकृत और युक्तिसंगत बनाने का निर्णय लिया" का संदर्भ लें, जो www.rbi.org.in पर 'प्रेस प्रकाशनियां' शीर्ष के तहत उपलब्ध है।

26 सितंबर 2025

30

निजी क्षेत्र के बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के साथ विलय/समामेलन पर आरबीआई के दिशानिर्देश क्या हैं?

आवेदक निम्न का संदर्भ लें:

1) दिनांक 21 अप्रैल 2016 के मास्‍टर निदेश – निजी क्षेत्र के बैंकों का समामेलन, निदेश, 2016, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।  

2) दिनांक 23 मार्च 2021 के मास्टर निदेश - शहरी सहकारी बैंकों का समामेलन, निदेश, 2020, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।  

3) 24 मई 2021 के ‘राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के साथ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) का समामेलन - दिशानिर्देश' पर परिपत्र, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

06 अक्टूबर 2025

31

क्या भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) भारत में क्रेडिट सोसाइटियों को विनियमित करता है?

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) सहकारी समितियों को विनियमित नहीं करता है। तथापि, भारतीय रिज़र्व बैंक भारत में बैंकिंग कारोबार करने के लिए बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के तहत लाइसेंस प्राप्त सहकारी बैंकों को विनियमित करता है।

29 सितंबर 2025

32

वाणिज्यिक बैंकों की सावधि जमा ब्याज दर के बारे में जानकारी

आवेदक मार्च 03,2016 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (जमाराशियों पर ब्याज दर) निदेश, 2016 (07 जून 2024 को यथासंशोधित) का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

13 अक्तूबर 2025

33

हरित जमा की स्वीकृति के बारे में जानकारी?

आवेदक 11 अप्रैल 2023 को जारी “हरित जमाराशियों के अंगीकरण हेतु ढांचा” पर परिपत्र देख सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

29 सितंबर 2025

34

ऋण वसूली के लिए बैंकों द्वारा नियुक्त वसूली एजेंट के नियम क्या हैं?

आवेदक निम्नलिखित का उल्लेख कर सकते हैं:

ए) 'मास्टर परिपत्र- ऋण और अग्रिम - सांविधिक और अन्य प्रतिबंध' के पैरा 2.6, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।  

बी) 12 अगस्त 2022  का " वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग - वसूली प्रतिनिधियोंको नियुक्त करने वाली विनियमित संस्थाओं की जिम्मेदारी" पर परिपत्र जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है। 

19 सितंबर 2025

35

निजी क्षेत्र के बैंकों में बैंक के अध्यक्ष/निदेशकों की भूमिका/कार्य

आवेदक 14 जून 1996 के 'निजी क्षेत्र के बैंकों में निदेशकों और अंशकालिक अध्यक्ष की भूमिका' पर परिपत्र का संदर्भ लें सकते है, जो निम्न लिंक पर उपलब्ध है:
https://rbi.org.in/documents/87730/108577297/Circulars+of+DBOD_1995-1996.pdf

15 अक्तूबर 2025

36

पब्लिक सैक्टर बैंक (पीएसबी) के निर्वाचित निदेशकों के लिए उपयुक्त और उचित मानदंड

आवेदक दिनांक 2 अगस्त 2019 के मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (सरकारी क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड पर निर्वाचित निदेशकों के लिए 'उचित और उपयुक्त' मानदंड) निदेश, 2019, का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

15 अक्तूबर 2025

37

पारिश्रमिक, बोनस आदि पर भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देश निजी क्षेत्र के बैंकों पर लागू होते हैं

आवेदक दिनांक 04 नवंबर 2019 के ‘पूर्णकालि‍क नि‍देशक/ मुख्य कार्यपालक अधि‍कारी/महत्त्वपूर्ण जोखि‍म लेने वाले और नि‍यंत्रण का कार्य करने वाले स्टाफ आदि के पारि‍श्रमि‍क के संबंध में दि‍शानि‍र्देश’ पर परिपत्र का संदर्भ ले सकते  हैं, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

15 अक्तूबर 2025

38

एनबीएफसी के निदेशकों के लिए फिट और उचित मानदंड पर निदेश क्या हैं?

आवेदक दिनांक 19 अक्तूबर 2023 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

15 अक्तूबर 2025

39

कृपया स्पष्ट करें कि क्या एक निदेशक दो एनबीएफसी में निदेशक पद धारण कर सकता है? एक एनबीएफसी में उसे प्रबंध निदेशक और दूसरी एनबीएफसी में गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया जाता है।

आवेदक, दिनांक 19 अक्तूबर 2023 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 के पैरा 97 का संदर्भ ले सकते हैं, जो www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

15 अक्तूबर 2025

40

बैंकों में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एमडी और सीईओ), पूर्णकालिक निदेशक (डब्ल्यूटीडी) और अंशकालिक अध्यक्ष (पीटीसी) की नियुक्ति और पुनर्नियुक्ति के लिए पात्रता/फिट और उचित मानदंड पर आरबीआई के दिशानिर्देश/निदेश

आवेदक आरबीआई के निम्नलिखित अनुदेशों का उल्लेख कर सकते हैं:

15 अक्तूबर 2025

41

वाणिज्यिक बैंकों में अदावी जमाराशियों के बारे में जानकारी

वाणिज्यिक बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है,
https://cimsdbie.rbi.org.in/DBIE/#/dbie/home-> प्रकाशन -> भारत में बैंकों से संबंधित सांख्यिकीय तालिका->अन्य तालिका->तालिका 35 Unclaimed Deposits with Scheduled Commercial Banks

15 अक्तूबर 2025

42

वह कौन सा क़ानून है जिसके तहत साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की स्थापना की जाती है?

भारतीय रिजर्व बैंक ने साख सूचना कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (सीसीआरए) की धारा 5 और उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों (सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध) के अनुसार चार साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किया है, जो निम्नानुसार है:
1. ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड
2. इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
3. एक्सपीरियन क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
4. सीआरआईएफ हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड

09 अक्तूबर 2025

43

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों/वित्तीय संस्थाओं/एनबीएफसी को ऋण वितरण के लिए साख सूचना रिपोर्ट प्राप्त करने के अनुदेश दिए हैं?

आवेदक को सूचित किया जाता है कि, मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (साख सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025 दिनांक 06 जनवरी 2025 के पैरा 11(1) के अनुसार, क्रेडिट संस्थान, अपनी ऋण नीतियों/ऋण मूल्यांकन प्रक्रियाओं में, एक या अधिक साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) से साख सूचना रिपोर्ट (सीआईआर) प्राप्त करने के लिए उपयुक्त प्रावधान शामिल करेंगे ताकि क्रेडिट निर्णय, प्रणाली में उपलब्ध क्रेडिट जानकारी पर आधारित हों। दिनांक 06 जनवरी 2025 का मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (साख सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025 www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

09 अक्तूबर 2025

44

इरादतन चूककर्ता पर दिशानिर्देश

आवेदक, 30 जुलाई 2024 को इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं के निर्वाहन पर मास्टर निदेश के तहत जारी दिशानिर्देशों का संदर्भ ले सकते हैं, जो उक्त मामले पर मौजूदा विनियामकीय निदेशों को समेकित करता है। दिनांक 30 जुलाई 2024  का इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं के निर्वाहन पर मास्टर निदेश  www.rbi.org.in पर “अधिसूचनाएं” शीर्ष के तहत उपलब्ध है।    

09 अक्तूबर 2025

45

क्या क्रेडिट स्कोर की गणना के लिए आरबीआई द्वारा कोई दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, या क्या प्रत्येक कंपनी अपने दम पर मानदंड तय करती है?

आवेदक नोट कर सकते हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने क्रेडिट स्कोर की गणना के लिए साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) द्वारा अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के संबंध में कोई अनुदेश/दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं। सीआईसी द्वारा उपयोग किए जाने वाले क्रेडिट स्कोरिंग मॉडल प्रकृति में मालिकाना होते हैं, जो साख सूचना के व्यवसाय में उनके संबंधित अनुभव पर आधारित होते हैं।

09 अक्तूबर 2025

46

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) के तहत भारत में आरबीआई द्वारा लाइसेंस प्राप्त सहकारी बैंकों की सूची कहां मिल सकती है?

भारत में बैंकिंग व्यवसाय करने के लिए बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के तहत आरबीआई द्वारा लाइसेंस जारी किए गए सहकारी बैंकों की सूची नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से देखी जा सकती है:
https://rbi.org.in/web/rbi/citizen-corner/banksindia

सितंबर 29, 2025

क्र. सं. प्रश्न उत्तर
1 भारत में कार्यरत वाणिज्यिक बैंक शाखाओं/कार्यालयों की सूची। सभी वाणिज्यिक बैंकों के भारत में कार्यरत शाखाओं / कार्यालयों के ब्यौरे जैसे बैंक का नाम, शाखा का नाम, राज्य, जिला, केंद्र, पता, जनसंख्या समूह वर्गीकरण, शाखा खोलने की तिथि, लाइसेन्स नंबर, लाइसेन्स तिथि आदि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सीआईएमएस (CIMS) वेबसाइट (https://data.rbi.org.in/) के बैंकिंग आउटलेट (Banking Outlet) लिंक पर उपलब्ध है। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार खोज/डाउनलोड कर सकते हैं।

पदों/परिभाषाओं के लिए, कृपया उपर्युक्त लिंक पर उपलब्ध बैंकिंग बुनियादी ढांचे के लिए केंद्रीय सूचना प्रणाली (सीआईएसबीआई) के पोर्टल पर 'टेबल्स पर नोट्स' देखें।
2 तिमाही के अंत में भारत में वाणिज्यिक बैंकों की कार्यरत शाखाओं/कार्यालयों की संख्या - क्षेत्र/राज्य/जिला/जनसंख्या समूह/जनसंख्या स्तर/बैंक समूह/बैंक के अनुसार। अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Bank Branch Statistics -> Quarterly -> Functioning Offices
3 भारत में वाणिज्यिक बैंकों द्वारा खोली गई शाखाओं/कार्यालयों की संख्या - क्षेत्र/राज्य/जिला/जनसंख्या समूह/बैंक समूह/बैंक के अनुसार। अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक / तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Bank Branch Statistics -> Quarterly / Annual -> Offices Opened during Quarter / Offices Opened during Year
4 भारत में वाणिज्यिक बैंकों द्वारा बंद की गई शाखाओं/कार्यालयों की संख्या - क्षेत्र/राज्य/जिला/जनसंख्या समूह/बैंक समूह/बैंक के अनुसार। अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक / तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Bank Branch Statistics -> Quarterly / Annual -> Offices Closed during Quarter / Offices Closed during Year
5 (अ) बैंक समूह/जनसंख्या समूह/राज्य/व्यवसाय/क्रेडिट सीमा का आकार/ब्याज दर सीमा/खाते/संगठन के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के साथ क्रेडिट खातों की संख्या और बकाया क्रेडिट की राशि;
(ब) एससीबी के छोटे उधार खातों का बकाया क्रेडिट पर जानकारी।
अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Basic Statistical Return (BSR)-1 - (Annual) - Credit by SCBs (including Regional Rural Banks)

तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Basic Statistical Return (BSR)-1 - (Quarterly) - Outstanding Credit of Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks)
6 (अ) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के पास बकाया जमाराशियों की राशि और जमा खातों की संख्या- जमाराशियों और जनसंख्या समूह/बैंक समूह/राज्य/संघ राज्य क्षेत्र/जिले, व्यक्तिगत जमाकर्ताओं का आयु-वार वितरण के स्वामित्व के अनुसार;
(ब) जमाराशियों के प्रकार के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों में जमाराशियां, मीयादी जमाराशियों की परिपक्वता पद्धति;
(स) ब्याज दर सीमा/जमा के आकार और व्यापक स्वामित्व श्रेणी के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की मीयादी जमाराशियों के वितरण पर जानकारी।
अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Basic Statistical Return (BSR)-2 - Deposits with SCBs (including Regional Rural Banks)

तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Basic Statistical Return (BSR)-2 - Deposits with SCBs (excluding Regional Rural Banks) -> BSR2 Quarterly (Deposit)
7 अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के कर्मचारियों की संख्या - बैंक समूह/जनसंख्या समूह/राज्य/कर्मचारी श्रेणी के अनुसार। अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Basic Statistical Return (BSR)-2 - Deposits with SCBs -> Basic Statistical Return (BSR)- 2 - Deposits with SCBs -> Section 4: Employee Distribution

तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Basic Statistical Return (BSR)-2 - Deposits with SCBs (excluding RRB's) -> BSR2 Quarterly (Deposit) -> Section 4: Employee Distribution
8 बैंक और/या श्रेणी के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के कर्मचारियों की संख्या। अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Statistical Tables Relating to Banks In India -> Tables Based On Annual Accounts -> Table No. 12 (Bank-wise and Category-wise Employees of Scheduled Commercial Banks)
9 (अ) एससीबी के साथ कुल जमा और बैंक ऋण (वार्षिक एवं तिमाही) - राज्य/जिला/केंद्र के अनुसार;
(ब) राज्य/जिले के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमाराशियों के प्रकार पर जानकारी।
अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Spatial Distribution of Deposits and Credit (Annual) -> Spatial Distribution of Deposits and Credit

तिमाही:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Spatial Distribution of Deposits and Credit (Quarterly) -> Spatial Distribution of Deposits and Credit
10 (i) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की देनदारियां और परिसंपत्तियां;
(ii) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आय और व्यय;
(iii) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का बैंक-वार पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर);
(iv) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के प्रावधान और आकस्मिकताएं;
(v) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आकस्मिक देयताएं;
(vi) सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (GNPAs), शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NNPA), जीएनपीए में बट्टे खाते डालना, जोड़ना/घटाना;
(vii) एससीबी के लाभ का विनियोजन;
(viii) नकद जमा अनुपात, क्रेडिट जमा अनुपात, निवेश जमा अनुपात, पूंजी पर्याप्तता अनुपात, शुद्ध एनपीए से शुद्ध अग्रिम इत्यादि जैसे अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के अनुपात पर जानकारी।
अनुरोधित जानकारी को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर उपलब्ध नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है-

वार्षिक:-
https://www.rbi.org.in -> Statistics -> Database on Indian Economy -> Publication -> Time-Series Publications -> Statistical Tables Relating to Banks in India -> Tables Based on Annual Accounts
S. No. Information sought Information provided
1 Give the list of NBFCs registered with Reserve Bank of India

List of NBFCs registered with RBI is available on
https://rbi.org.in/web/rbi/regulations-non-banking/other-links/list-of-nbfcs

List of HFCs registered with National Housing Bank (NHB) is available on https://nhb.org.in/en/list-of-housing-finance-companies-granted-certificate/

2 I would like to inquire about the status of Non-performing assets in our country. Information on “Gross NPAs” is available in public domain on DBIE, RBI’s data warehouse. The path to access the data is https://cimsdbie.rbi.org.in/ → Home → Statistics → Financial Sector → Banking - Performance Indicators → Variables to be published Bank and Bank Group wise (For Public Access) → Select Bank Name/s, Period and Units (Multiple banks may be selected at a time) → Asset Quality → Bank-wise important asset quality indicators of Scheduled Commercial Banks.
3 The details of audit firms appointed/reappointed as Statutory Branch Auditors (SBAs) by Public Sector Banks and allocation of branches

The details of audit firms appointed/reappointed as Statutory Branch Auditors (SBAs) by Public Sector Banks and allocation of branches can be accessed in the following path: https://rbi.org.in  FUNCTIONWISE SITES → Regulation →  Commercial Banking → For Bankers → Appointment of Statutory Auditors.

4 List of Non-Banking Financial Companies (NBFCs), Scheduled Commercial Banks (SCBs) & Urban Cooperative Banks (UCBs) registered with RBI.

List of Non-Banking Financial Companies (NBFCs), Scheduled Commercial Banks (SCBs) & Urban Cooperative Banks (UCBs) is available on following link: -

https://rbi.org.in -> Functionwise sites -> Regulation -> Non-Banking -> List of NBFCs and ARCs registered with the RBI.

https://rbi.org.in -> Functionwise sites -> Regulation -> Commercial Banking -> For Bankers -> List of Scheduled Commercial Banks (SCBs)

https://rbi.org.in -> About Us -> Site Map -> Financial Intermediaries

 

आरबीआई-इंस्टॉल-आरबीआई-सामग्री-वैश्विक

आरबीआई मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करें और लेटेस्ट न्यूज़ का तुरंत एक्सेस पाएं!

हमारा ऐप इंस्टॉल करने के लिए QR कोड स्कैन करें

RbiWasItHelpfulUtility

पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: नवंबर 23, 2022

क्या यह पेज उपयोगी था?