प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा 'डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी' (डीएलजी) पर आरबीआई द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड (कंपनी) पर ₹1 (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी (5) (एए) के साथ पठित 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा 'डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी' (डीएलजी) पर आरबीआई द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड (कंपनी) पर ₹1 (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी (5) (एए) के साथ पठित 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 31 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ, उत्तर प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 31 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ, उत्तर प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोल्हापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोल्हापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा वैल्युकॉर्प सिक्योरिटीज एण्ड फाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी 'साख सूचना कंपनियों को डेटा प्रस्तुत करना', 'ऋण एक्सपोजर का अंतरण' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.40 लाख (दो लाख चालीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के खंड 23(4) के साथ पठित खंड 25(1)(iii) प्रावधानों तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा वैल्युकॉर्प सिक्योरिटीज एण्ड फाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी 'साख सूचना कंपनियों को डेटा प्रस्तुत करना', 'ऋण एक्सपोजर का अंतरण' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.40 लाख (दो लाख चालीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के खंड 23(4) के साथ पठित खंड 25(1)(iii) प्रावधानों तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, वारंगल, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, वारंगल, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि सेलम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि सेलम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 11 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच – मूल बचत बैंक जमा खाता’ और ‘कारोबारी प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा किए जाने वाले कार्यों का दायरा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹61.95 लाख (इकसठ लाख पंचानबे हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। 31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु सांविधिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों, सीआईसी नियम के प्रावधानों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और इससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि आरबीआई निदेशों और सीआईसी नियम के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 11 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच – मूल बचत बैंक जमा खाता’ और ‘कारोबारी प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा किए जाने वाले कार्यों का दायरा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹61.95 लाख (इकसठ लाख पंचानबे हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। 31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु सांविधिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों, सीआईसी नियम के प्रावधानों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और इससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि आरबीआई निदेशों और सीआईसी नियम के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि अराकोणम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 2.50 (दो लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि अराकोणम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 2.50 (दो लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि तमिल नाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 50,000 (पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि तमिल नाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 50,000 (पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: जनवरी 09, 2026